“ईरान-अमेरिका समुद्री युद्ध”: US और ईरान के बीच भारी गोलीबारी,
वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान-अमेरिका समुद्री युद्ध होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में गुरुवार को अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच भीषण सैन्य टकराव हुआ।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजर रहे तीन अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल विध्वंसकों—USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason—पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप स्थित कमांड सेंटर्स और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया है।
ट्रंप की चेतावनी: ‘यह बस एक प्यार भरी थपकी थी’
इस सैन्य कार्यवाही के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘लव टैप’ (हल्की थपकी) करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुँचाया गया है और उनकी कई छोटी नावें समुद्र में डूब गई हैं।
ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ईरान ने जल्द ही समझौते (Deal) पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो भविष्य में इससे भी अधिक हिंसक जवाब दिया जाएगा।
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ईरान का दावा: अमेरिका ने तोड़ा संघर्ष-विराम
दूसरी ओर, ईरान की सैन्य कमान ने अमेरिका पर संघर्ष-विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरानी अर्ध-सरकारी एजेंसी ‘मेहर’ के मुताबिक, प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जास्क इलाके के पास एक ईरानी तेल टैंकर और एक अन्य व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया था।
तेहरान ने इसे ‘आतंकवादी कार्यवाही’ बताते हुए कहा कि उनके जवाबी हमले में दुश्मन की इकाइयों को भारी नुकसान पहुँचा है और वे पीछे हटने पर मजबूर हो गए।
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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल
इस टकराव का सबसे भयावह असर वैश्विक व्यापार पर पड़ा है। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली समुद्री आवाजाही लगातार दूसरे दिन पूरी तरह ठप रही। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहाँ से वैश्विक आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।
मार्च के बाद यह पहली बार है जब यह रणनीतिक जलमार्ग लगातार दो दिनों तक बंद रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है।
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रणनीतिक गतिरोध बरकरार
CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि वे तनाव बढ़ाना नहीं चाहते, लेकिन अमेरिकी सेना की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैनात हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देश एक-पृष्ठ के ज्ञापन (Memorandum) पर बातचीत कर रहे हैं।
हालांकि, ताजा गोलीबारी ने 7 अप्रैल को घोषित संघर्ष-विराम की नाजुकता को उजागर कर दिया है। फिलहाल ईरान के तटीय शहरों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पूरे क्षेत्र में हाई-अलर्ट घोषित है।
ईरान-अमेरिका समुद्री युद्ध: बढ़ा ईरान-अमेरिका समुद्री युद्ध का खतरा।
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