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मुंबई 3.0 मास्टर प्लान MMRDA ने सिंगापुर की सुरबाना जुरोंग को सौंपा

मुंबई 3.0 मास्टर प्लान

मुंबई 3.0 मास्टर प्लान महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) को विश्वस्तरीय आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में नया रूप देने के लिए अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘तीसरी मुंबई’ यानी मुंबई 3.0 (Mumbai 3.0) के क्रियान्वयन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने रायगढ़ जिले में बनने वाले इस 323.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के नए नियोजित शहर का विजन डॉक्यूमेंट, मास्टर प्लान और अर्बन प्लानिंग फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए सिंगापुर की प्रसिद्ध वैश्विक अर्बन प्लानिंग फर्म ‘सुरबाना जुरोंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड’ (Surbana Jurong) को नियुक्त किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में MMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी और सुरबाना जुरोंग साउथ एशिया के सीईओ अविनाश मिश्रा के बीच इस रणनीतिक समझौते (MoU) पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए गए।

‘करनाला-साई-चिरनेर’ न्यू टाउन: 124 गांवों का होगा कायाकल्प

प्रस्तावित मुंबई 3.0 प्रोजेक्ट को प्रशासनिक और तकनीकी रूप से करनाला-साई-चिरनेर (KSC) न्यू टाउन के नाम से जाना जाएगा। यह नया शहर रायगढ़ जिले के तीन प्रमुख तालुकों—उरण, पनवेल और पेन—के 124 गांवों की 323.44 वर्ग किलोमीटर भूमि को मिलाकर विकसित किया जाएगा।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मिक्स्ड-यूज़ जोन: इस नए अर्बन हब में कमर्शियल जोन, आईटी पार्क्स, लॉजिस्टिक्स हब, आधुनिक रिहायशी टाउनशिप, उच्च शिक्षण संस्थान, अत्याधुनिक हेल्थकेयर सेंटर और इनोवेशन रिसर्च जोन स्थापित किए जाएंगे।

सिंगापुर मॉडल पर विकास: सुरबाना जुरोंग को सिंगापुर के विश्वस्तरीय नियोजित शहरों को डिजाइन करने का व्यापक अनुभव प्राप्त है। यह कंपनी 30 हफ्तों के भीतर मौजूदा स्थितियों का विस्तृत विश्लेषण, ड्राफ्ट कॉन्सेप्ट प्लान, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन और फाइनल मास्टर प्लान तैयार करेगी।

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अटल सेतु और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेजोड़ कनेक्टिविटी

मुंबई 3.0 की सबसे बड़ी खासियत इसकी कूटनीतिक और भौगोलिक स्थिति है। यह नया शहर भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल अटल सेतु (MTHL) और निर्माणाधीन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रभाव वाले मुख्य गलियारे (Influence Zone) के बिल्कुल समीप स्थित है।

मल्टी-मॉडल मोबिलिटी: इस नए शहर को बुलेट ट्रेन, समर्पित मेट्रो कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मुंबई-पुणे एक्सेस इंफ्रास्ट्रक्चर से सीधे जोड़ा जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) की निकटता के कारण यह शहर केवल रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लायर चेन का प्रमुख केंद्र बनेगा।

$1.5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण

समझौते के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नीति आयोग ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की $1.5 ट्रिलियन (1.5 लाख करोड़ डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता को पहचाना है। उन्होंने कहा कि सुरबाना जुरोंग की विशेषज्ञता से मुंबई 3.0 को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुकूल, पर्यावरण-सम्मत और स्मार्ट टिकाऊ शहर बनाने में गति मिलेगी।

लैंड पूलिंग मॉडल: MMRDA ने अप्रैल 2026 से ही इस क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत भू-स्वामियों को नकद मुआवजे के अलावा फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI), ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) और लैंड पूलिंग मॉडल का विकल्प दिया गया है। लैंड पूलिंग के तहत किसान व भूमि मालिक अपनी जमीन के बदले विकसित व्यावसायिक व रिहायशी प्लॉट प्राप्त कर सकेंगे।

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मास्टर प्लान के 3 प्रमुख स्तंभ

सुरबाना जुरोंग द्वारा तैयार किए जाने वाले ड्राफ्ट कॉन्सेप्ट प्लान को तीन मुख्य तकनीकी स्तंभों में विभाजित किया गया है:

कॉन्सेप्ट स्ट्रक्चर प्लान: यह भविष्य में शहर के विस्तार, भूमि उपयोग (Land Use Pattern) और मुख्य आर्थिक विकास केंद्रों (Growth Centers) की जगह तय करेगा।

कॉन्सेप्ट मोबिलिटी प्लान: इसमें शहर के भीतर और अंतर-शहरी परिवहन, पब्लिक ट्रांजिट, मेट्रो कनेक्टिविटी और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) का विस्तृत ढांचा शामिल होगा।

कॉन्सेप्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान: इसके तहत 24×7 जल आपूर्ति, आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट, स्मार्ट बिजली नेटवर्क, रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘ग्रीन एंड ब्लू स्पेस’ (हरियाली व जल निकाय) नेटवर्क की योजना बनाई जाएगी।

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    संपादकीय विश्लेषण:

    मुंबई पर लगातार बढ़ती आबादी, यातायात और बुनियादी ढांचे के भारी दबाव को देखते हुए ‘मुंबई 3.0’ एक विकल्प नहीं बल्कि दूरदर्शी आवश्यकता है। जिस प्रकार 1970 के दशक में मुंबई का दबाव कम करने के लिए ‘नवी मुंबई’ की नींव रखी गई थी, उसी तर्ज पर अटल सेतु और नवी मुंबई एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यह नया KSC न्यू टाउन भारत के आर्थिक इंजन को एक नई रफ्तार देगा।

    सिंगापुर की वैश्विक विशेषज्ञता और पारदर्शी लैंड पूलिंग नीति से यह उम्मीद जागी है कि मुंबई 3.0 आने वाले दशक में एशिया के सबसे आधुनिक और सतत विकसित शहरों में शुमार होगा। बुनियादी ढांचे और आधुनिक कनेक्टिविटी के साथ लागू होगा नया मुंबई 3.0 मास्टर प्लान

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