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“प्रेमानंद महाराज शिष्य मौत” रसिक दुलारी शरण की मौत का रहस्य गहराया,

प्रेमानंद महाराज शिष्य मौत

धर्मनगरी वृंदावन के वाराह घाट मार्ग स्थित ‘गुरु कृपा कुंज’ आश्रम में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण (पूर्व नाम दीपक लोधी) की चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। आश्रम की इमारत की चौथी मंजिल से छलांग लगाने, शरीर पर गंभीर चोटों और कमरे से टाइल काटने वाला खून से सना ग्राइंडर बरामद होने के बाद इस घटना का रहस्य और गहरा गया है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले दीपक लोधी ने लगभग दो वर्ष पूर्व संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और उनका नाम रसिक दुलारी शरण हुआ था। पुलिस इस घटना को शुरुआती तौर पर खुदकुशी मानकर जांच कर रही है, लेकिन मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आया घटनाक्रम

घटना की जांच कर रही पुलिस टीम को आश्रम परिसर के सीसीटीवी कैमरों से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं:

कमरे से बाहर निकलना: शुक्रवार सुबह करीब 10:25 बजे रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर आए। उस समय उनके कपड़े खून से सने हुए थे।

छत पर पहुंचना: वह कुछ देर तीसरी मंजिल पर रुकने के बाद चौथी मंजिल की छत पर गए। फुटेज में उन्हें पहले बैठते और फिर कुछ सेकंड के लिए फर्श पर लेटे हुए देखा गया।

जानलेवा छलांग: सुबह लगभग 10:36 बजे वह अचानक उठे और छत से नीचे कूद गए। अत्यधिक खून बहने और सिर में गंभीर चोट आने के कारण अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

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कमरे से मिला ग्राइंडर और गुप्त अंग पर चोटें

पुलिस प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान मृतक के कमरे की तलाशी लेने पर एक टाइल काटने वाला ग्राइंडर बरामद हुआ है, जिस पर खून के निशान मिले हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत से कूदने से पहले उनके गुप्त अंग (Private Parts) पर गंभीर चोट पहुंचाई गई थी। पुलिस को अंदेशा है कि इमारत से छलांग लगाने से पहले कमरे के अंदर ही इस मशीन से खुद को चोट पहुंचाई गई थी। फॉरेंसिक टीम ने ब्लड सैंपल और ग्राइंडर को विस्तृत जांच के लिए लैब भेज दिया है।

डिजिटल साक्ष्यों और डिलीट किए गए डेटा की पड़ताल

वृंदावन सर्किल ऑफिसर (CO) संदीप कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस मृतक के मोबाइल फोन का सहारा ले रही है:

फोन डेटा रिकवरी: मोबाइल को फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि डिलीट की गई चैट, फोटो, वीडियो और कॉल्स को रिकवर किया जा सके।

आश्रम निवासियों से पूछताछ: पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य साधुओं, शिष्यों और सेवादारों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

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    संतों ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग

    इस घटना के बाद वृंदावन के संत समाज में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। वृंदावन में आयोजित संतों की एक बैठक में इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

    महंत मोहिनी शरण महाराज ने सवाल उठाया कि आश्रम प्रबंधन ने घटना के बाद विस्तृत बयान क्यों जारी नहीं किया। उन्होंने साधु के वेश में रहने वाले असमाजिक तत्वों की जांच कराने की भी मांग की।

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    महंत गंगादास जी महाराज ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई की मांग की, ताकि सनातन संस्कृति की गरिमा बनी रहे और सच सामने आ सके।

    फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मानसिक अवसाद के कारण उठाया गया आत्मघाती कदम था या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थितियां थीं। आश्रम परिसर के भीतर हुई इस अप्रत्याशित प्रेमानंद महाराज शिष्य मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा और स्थिति का जायजा लिया।

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