“मुंबई गोवा हाईवे विवाद” नितिन गडकरी जता चुके हैं निराशा,
मुंबई गोवा हाईवे विवाद मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग (Mumbai-Goa Highway) के चौड़ीकरण में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गहरी निराशा और नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस परियोजना में इतना लंबा समय लगने के कारण वे बेहद असहज महसूस कर रहे हैं और इसी वजह से वे इस हाईवे के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे।
इसके साथ ही उन्होंने परियोजना में देरी और घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा लापरवाह अधिकारियों को निलंबित करने का सख्त संदेश दिया है।
अक्टूबर में खुद सड़क मार्ग से निरीक्षण करेंगे केंद्रीय मंत्री
गोवा के पोरवोरिम में छह-लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि वे इस परियोजना की जमीनी हकीकत परखने के लिए खुद यात्रा करेंगे।
सड़क मार्ग से निरीक्षण: गडकरी ने घोषणा की कि वे अक्टूबर महीने में मुंबई एयरपोर्ट उतरेंगे और वहां से कार द्वारा पूरी सड़क यात्रा करके गोवा पहुंचेंगे।
यात्रियों की सुविधा का आकलन: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या हाईवे के निर्माण के बाद आम जनता और वाहन चालकों के लिए आवागमन वास्तव में सुगम और सुरक्षित हुआ है या नहीं।
काम की प्रगति: अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के अनुसार, मुंबई-गोवा हाईवे का लगभग 93 से 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का संकल्प
नितिन गडकरी ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ढिलाई बरतने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह उनके मंत्रालय ने निर्माण कार्यों में विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं, उसी तरह अब वे एक साल के भीतर सबसे ज्यादा लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण के कानूनी विवाद, स्थानीय मुद्दे, वन विभाग की क्लीयरेंस में देरी और मानसून के दौरान जलभराव के कारण प्रोजेक्ट में बार-बार बाधाएं आई हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि गुणवत्ता से समझौता और अकारण देरी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पोरवोरिम एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन और ‘ग्रीन हाईवे’ का विज़न
पणजी के पास पोरवोरिम में उद्घाटन किए गए छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या में भारी कमी आएगी। इस नए कॉरिडोर के बनने से पहले की दो-लेन सड़क अब 10-लेन क्षमता (ग्राउंड लेवल पर 4 लेन और एलिवेटेड भाग पर 6 लेन) में बदल गई है।
कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय प्रतिनिधियों से हाईवे के दोनों ओर वैज्ञानिक तरीके से पेड़ लगाने और इसे ‘ग्रीन हाईवे’ के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
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उन्होंने सुझाव दिया कि हाईवे किनारे विकसित की जाने वाली सुविधाओं में गोवा के स्थानीय व्यंजनों, वास्तुकला, हस्तशिल्प और बायोफ्यूल/इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव मिल सके। हालाँकि, लंबे समय से लंबित कार्य और सड़कों की खराब स्थिति को लेकर उठा मुंबई गोवा हाईवे विवाद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है।
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