“लाल किला ब्लास्ट NIA” चार्जशीट का बड़ा खुलासा: 16 लाख की टेरर फंडिंग,
लाल किला ब्लास्ट NIA नवंबर 2025 में दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है।
NIA ने अपनी जांच में 16 लाख रुपये की टेरर फंडिंग, वित्तीय मनी ट्रेल (Money Trail) और आतंकवादी संगठन अल-कायदा से प्रेरित ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (AGuH) मॉड्यूल को फिर से जिंदा करने की साजिश का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने इस पूरे मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
22.5 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन और टेरर फंडिंग का नेटवर्क
NIA की चार्जशीट के अनुसार, इस आतंकी हमले के लिए हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों की खरीद हेतु 16 लाख रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराई गई थी:
मुख्य वित्तीय मददगार: जांच एजेंसी ने डॉ. शाहीन सईद को इस टेरर मॉड्यूल का मुख्य फाइनेंशियल सपोर्टर बताया है। सईद के ICICI बैंक के NRE खाते में जुलाई 2018 से मई 2020 के बीच लगभग 98 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था।
फंड का ट्रांसफर: मार्च में शाहीन सईद ने अपने दो बैंक खातों से 22.5 लाख रुपये निकाले, जिसमें से 16 लाख रुपये उसने अपने पति मुजम्मिल गनी को दिए। गनी इस अंसार गजवत उल हिंद मॉड्यूल के कोषाध्यक्ष (Treasurer) के रूप में काम कर रहा था।
विस्फोटक सामग्री की खरीद: यह फंड आखिरकार सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उन नबी और अदील अहमद राथर तक पहुंचाया गया, जिसका इस्तेमाल हथियार, केमिकल, फर्टिलाइजर और आईईडी (IED) तैयार करने में किया गया।
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‘लोन मुजाहिद’ मैनुअल और चरमपंथी साहित्य की बरामदगी
NIA की जांच में आरोपियों के पास से अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला (AQAP) से जुड़ा खतरनाक डिजिटल और प्रिंटेड लिटरेचर बरामद हुआ है:
हत्यारा बनने का मैनुअल: आरोपियों के पास से ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक/हत्यारा कैसे बनें’ गाइड मिली, जिसमें सर्विलांस से बचने, गुप्त मूवमेंट, TATP विस्फोटक बनाने और रिमोट-कंट्रोल विस्फोट तकनीक की विस्तृत जानकारी दर्ज थी।
कट्टरपंथी सामग्री: चार्जशीट में बताया गया कि आरोपियों के पास “जिहाद के 21 मकसद”, “जिहाद में शामिल होने के 39 तरीके” और “जिहाद को सपोर्ट करने के 44 तरीके” जैसे दस्तावेज मिले, जिनका इस्तेमाल युवाओं को रेडिकलाइज करने के लिए किया जा रहा था।
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VBIED हमला और फोरेंसिक सबूत
10 नवंबर 2025 को लाल किले के समीप हुए कार धमाके में 11 लोगों की जान चली गई थी। NIA ने पुष्टि की है कि हमले में इस्तेमाल की गई कार को एक ‘वेहिकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (VBIED) के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
कार के अंदर मौजूद आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी (उर्फ पिंडा) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसकी पहचान डीएनए (DNA) जांच से हुई। फोरेंसिक जांच में विस्फोट वाली जगह से TATP और अमोनियम नाइट्रेट के अवशेष मिले हैं।
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एनआईए के अनुसार, कार के अंदर से ही एक कमांड मैकेनिज्म के जरिए इस ब्लास्ट को अंजाम दिया गया था। फिलहाल यह पूरा मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है। ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और आतंकी मामलों की गहराई से जाँच के तहत लाल किला ब्लास्ट NIA की विशेष टीमों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालती कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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