Loading Now

राहुल-थरूर मतभेद उभरे ‘आत्मसमर्पण’ कटाक्ष पर कांग्रेस में टकराव

राहुल-थरूर मतभेद

राहुल गांधी के ‘नरेंद्र के आत्मसमर्पण’ वाले कटाक्ष पर राहुल-थरूर मतभेद उभरे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने साफ किया कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष में कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था। उन्होंने कहा, भारत ने कभी किसी से मदद नहीं मांगी। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर डोनाल्ड ट्रम्प के सामने आत्मसमर्पण का आरोप लगाया।

  • थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर में तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया।
  • उन्होंने आतंकवाद का करारा जवाब देने की चेतावनी दी।

हाल के बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस के भीतर राहुल-थरूर मतभेद उभरे हैं।

मुख्य बिंदु :

  1. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर ट्रंप के दबाव में आत्मसमर्पण का आरोप लगाया।
  2. शशि थरूर ने राहुल के बयान से असहमति जताई, तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार किया।
  3. थरूर ने कहा, भारत ने आतंकी हमलों का जवाब देने में कभी बाहरी मदद नहीं मांगी।
  4. जेपी नड्डा ने राहुल पर सेना के अपमान और ‘देशद्रोह’ का आरोप लगाया।
  5. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने 300 किमी अंदर घुसकर आतंकियों पर सटीक हमला किया।
  6. कांग्रेस में बयानबाज़ी से मतभेद उभरे, थरूर ने स्पष्ट किया- भारत अमेरिका पर निर्भर नहीं।
  7. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका में भारत का आतंकवाद पर कड़ा रुख रखा।

थरूर का राहुल गांधी के बयान पर स्पष्टीकरण

ऑपरेशन सिंदूर के बाद, अमेरिका में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने राहुल गांधी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं था। थरूर ने कहा, “भारत को रुकने के लिए मनाने की जरूरत नहीं थी।”

  • “किसी को हमें रुकने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी।”
  • “हम उन्हें बता रहे थे कि जैसे ही पाकिस्तान रुकेगा, हम रुकने को तैयार हैं।”

उन्होंने दोहराया, “इसलिए उन्होंने बदले में पाकिस्तानियों से कहा, बेहतर होगा कि आप रुक जाएं।”

भारत की आतंकवाद पर दृढ़ता और अमेरिकी सम्मान

थरूर ने कहा, “क्योंकि भारतीय रुकने के लिए तैयार हैं।” “और उन्होंने ऐसा ही किया।” “और यह उनकी ओर से एक शानदार इशारा है।” राहुल गांधी द्वारा ट्रंप के दावों का जिक्र करने के बारे में पूछे जाने पर थरूर ने कहा। भारत भविष्य में भी बल प्रयोग करने के लिए तैयार है। यह पाकिस्तान से होने वाले किसी भी आतंकवादी हमले की स्थिति में होगा।

  • उन्होंने कहा, “जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करता है।”
  • “तब तक हमें पाकिस्तानियों के साथ वही भाषा बोलने में कोई परेशानी नहीं है।”

“हम बल की भाषा का इस्तेमाल करेंगे।” “इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है।” थरूर ने आगे कहा कि उन्हें विस्तार से बताने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ “बहुत अधिक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी” साझा करता है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका का बहुत सम्मान करते हैं।” थरूर की टिप्पणी के बाद प्रतिनिधिमंडल के एक अन्य सदस्य मिलिंद देवड़ा ने कहा। “वह हमेशा पार्टी से पहले देश को प्राथमिकता देते हैं।”

राहुल गांधी का ‘आत्मसमर्पण’ का दावा और कांग्रेस में मतभेद

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को यह दावा करके राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के फोन के बाद पीएम मोदी ने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से तुलना की। 1971 में अमेरिका के दबाव के बावजूद वे कभी पीछे नहीं हटीं। इस बयान से राहुल-थरूर मतभेद उभरे।

  • शशि थरूर ने कहा, शत्रुता का अंत किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप का परिणाम नहीं था।
  • यह बयान राहुल गांधी के वायरल ‘नरेंद्र सरेंडर’ वाले बयान पर आया।

ट्रंप द्वारा दो परमाणु संपन्न देशों के बीच शांति स्थापित करने के बार-बार किए गए दावों पर राहुल के संदर्भ पर टिप्पणी करते हुए थरूर ने कहा। अगर पाकिस्तान से कोई आतंकवादी हमला होता है। भारत भविष्य में भी बल प्रयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करता है।” “हमें पाकिस्तानियों की भाषा बोलने में कोई दिक्कत नहीं है।” “हम बल प्रयोग की भाषा का इस्तेमाल करेंगे।” “और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ऐसे विवरणों पर जोर देने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनके अनुसार, भारत अमेरिका के साथ “बहुत अधिक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी” साझा करता है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका का बहुत सम्मान करते हैं।”

राहुल गांधी का आरोप

भोपाल में एक कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल ने दावा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फोन कॉल के बाद पीएम मोदी ने “आत्मसमर्पण” कर दिया।

  • नड्डा ने राहुल गांधी पर ‘देशद्रोह’ और सेना का अपमान करने का आरोप लगाया।
  • उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में 300 किलोमीटर तक घुसकर हमला किया।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने मोदी को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बीच में “जी हुजूर” कहकर उसका पालन किया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने अमेरिका के दबाव के बावजूद 1971 में कभी पीछे नहीं हटीं।

भाजपा का ‘देशद्रोह’ आरोप और कांग्रेस का इतिहास

राहुल द्वारा पीएम मोदी पर ट्रम्प के सामने “आत्मसमर्पण” करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने वायनाड के सांसद पर “देशद्रोह” का आरोप लगाया। उन्होंने सशस्त्र बलों की वीरता और साहस का अपमान करने का भी आरोप लगाया।

  • “राहुल गांधी द्वारा भारतीय सेना के अतुलनीय पराक्रम को ‘आत्मसमर्पण’ कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
  • “यह भारतीय सेना, राष्ट्र और 140 करोड़ भारतीयों का घोर अपमान भी है।”

नड्डा ने कहा, “अगर कोई पाकिस्तानी ऐसा कहता, तो हम उस पर हंसते।” “लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने जिस तरह से पाकिस्तान में तबाही मचाई।” “उसके बाद पाकिस्तान के लोगों से लेकर उसकी सेना और यहां तक ​​कि उसके प्रधानमंत्री तक ने ऐसा कहने की हिम्मत नहीं की।” “लेकिन राहुल गांधी ऐसा कह रहे हैं!” “यह देशद्रोह से कम नहीं है।”धी ऐसा कह रहे हैं!” “यह देशद्रोह से कम नहीं है।”

ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना का पराक्रम

नड्डा ने कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 300 किलोमीटर तक घुसकर हमला किया। उसके 11 एयरबेस नष्ट कर दिए। 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।

  • 150 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया।
  • भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के नाम से सटीक हमले किए।

इसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।

कांग्रेस के ‘आत्मसमर्पण’ का डीएनए: नड्डा के आरोप

उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण कांग्रेस की डिक्शनरी और डीएनए दोनों में है। उन्होंने अतीत के ऐसे उदाहरणों का हवाला दिया। जहां आतंकवाद से निपटने में भारत बैकफुट पर रहा।

  • नड्डा ने कहा, “राहुल गांधी, आपको अपनी पार्टी की सरकारों के कार्यकाल को याद रखना चाहिए।”
  • “और यह भी कि आपने इतिहास में किस तरह ‘आत्मसमर्पण’ किया।”

कांग्रेस के ‘आत्मसमर्पण’ के ऐतिहासिक आरोप

नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के सरकारों के कार्यकाल को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास में कई बार ‘आत्मसमर्पण’ किया है। आपने आतंकवाद के सामने भी आत्मसमर्पण किया।

  • शर्म-अल-शेख में आत्मसमर्पण किया।
  • 1971 के युद्ध में जीत के बाद शिमला में टेबल पर आत्मसमर्पण किया।
  • सिंधु जल संधि में आत्मसमर्पण किया।

ये आरोप कांग्रेस के विभिन्न निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाते हैं।

विभिन्न संघर्षों में ‘आत्मसमर्पण’ के दावे और आंतरिक मतभेद

  • उन्होंने हाजी पीर दर्रे में भी आत्मसमर्पण किया।
  • छंब सेक्टर के 160 किलोमीटर क्षेत्र में भी आत्मसमर्पण किया गया।
  • 1962 के युद्ध में भी कांग्रेस ने आत्मसमर्पण किया।
  • 1948 में भी पार्टी पर आत्मसमर्पण का आरोप लगा।
  • देश की आजादी के समय मुस्लिम लीग के सामने भी आत्मसमर्पण किया।

यह नड्डा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं।इस पूरी बहस से यह साबित होता है कि राहुल-थरूर मतभेद उभरे हैं।

लोकतंत्र में आलोचना और भारत की राजनयिक पहुंच

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया। भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डर गए थे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा। लोकतंत्र में आलोचना ‘सामान्य’ है। थरूर ने समाचार एजेंसी PTI से कहा, “लोकतंत्र में, और यह सामान्य है। पार्टियां विरोध करेंगी।

  • “आलोचना व्यक्त की जाएगी।”
  • “मांगें की जाएंगी।”
  • “दृष्टिकोण रखे जाएंगे।”
  • “हम यहां किसी पार्टी के राजनीतिक मिशन पर नहीं हैं।”

थरूर ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद पर भारत के रुख को उजागर करने के लिए सरकार के राजनयिक आउटरीच का हिस्सा थे। यह एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल था। इस पूरे प्रकरण से एक बात साफ है कि कांग्रेस में अब राहुल-थरूर मतभेद उभरे हैं, जो पार्टी के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहे हैं।

पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर का महत्व

22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए। कई अन्य घायल हो गए। भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। प्रतिनिधिमंडल ने वाशिंगटन डीसी में यूएस हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के नेतृत्व के साथ एक बैठक भी की। इसमें एचएफएसी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट, समिति के रैंकिंग सदस्य, ग्रेगरी मीक्स शामिल थे।

  • साथ ही दक्षिण और मध्य एशिया उपसमिति के अध्यक्ष बिल हुइजेंगा, रैंकिंग सदस्य – सिडनी कामलागर-डोव और एमी बेरा भी थे।
  • पूर्वी एशिया और प्रशांत उपसमिति के अध्यक्ष, यंग किम भी मौजूद थे।

 

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed