पीएम मोदी ने बंगाल को हिंसा, भ्रष्टाचार से आज़ादी की बात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल को “बंगाल को हिंसा, भ्रष्टाचार से आज़ादी” की आवश्यकता पर बल दिया।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य को “हिंसा, तुष्टिकरण, दंगों और भ्रष्टाचार की राजनीति से आजादी” की जरूरत है। मोदी ने उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार में एक रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही। पश्चिम बंगाल चारों तरफ से संकटों से घिरा है, और इसके नागरिक “भाजपा के विकास मॉडल” का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- समाज में हिंसा और अराजकता फैल रही है।
- माताएं और बहनें असुरक्षित महसूस करती हैं।
- युवाओं में घोर निराशा और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है।
मोदी ने कहा कि व्यवस्था में विश्वास लगातार कम हो रहा है, और सत्ताधारी दल की स्वार्थी राजनीति ने गरीबों के अधिकारों को छीन लिया है।
TMC सरकार पर पीएम मोदी का प्रहार
पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी शासित राज्य में “व्यापक भ्रष्टाचार” के कारण बंगाल के युवा और गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा व्यवस्था की बर्बादी का जिक्र किया। शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर पीएम ने टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस घोटाले ने हजारों शिक्षकों का भविष्य और उनके परिवारों को बर्बाद कर दिया, उनके बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया।
- शिक्षकों की अनुपस्थिति ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया।
- टीएमसी नेता अपनी गलतियों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
- वे अदालतों को दोष देते हैं।
मोदी ने मुर्शिदाबाद और मालदा में हुई हिंसा को लेकर भी टीएमसी सरकार पर जोरदार हमला बोला।
कानून व्यवस्था और तुष्टिकरण की राजनीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुर्शिदाबाद और मालदा में जो कुछ भी हुआ, वह राज्य सरकार की निर्दयता का एक उदाहरण था। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण के नाम पर गुंडागर्दी को खुली छूट दी गई थी। मोदी ने कहा कि यह भयावह स्थिति है जब सरकार चलाने वाली पार्टी के लोग लोगों के घरों की पहचान कर उन्हें जला दें, और पुलिस महज मूकदर्शक बनी रहे
- “मैं बंगाल के गरीब लोगों से पूछता हूं, क्या सरकार ऐसे चलती है?”
- हर मुद्दे पर अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
- बंगाल के लोगों को अब टीएमसी सरकार पर भरोसा नहीं है।
पीएम ने यह भी कहा कि इस महीने की शुरुआत में पहलगाम हमले के मद्देनजर पाकिस्तान के खिलाफ शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर भारत पर आतंक फैलाने वालों को करारा जवाब था।
विकास में बाधा और नीति आयोग की बैठक
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ताजा हमला करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने राज्य में 16 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को रोक दिया है, जिन्हें पिछले साल पूरा होना चाहिए था। उन्होंने नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में शामिल न होने के लिए ममता बनर्जी की आलोचना की।
- “टीएमसी केवल 24 घंटे राजनीति करना चाहती है।”
- वे पश्चिम बंगाल के विकास या देश की प्रगति को प्राथमिकता नहीं देते।
- केंद्र सरकार की नीतियां यहां पश्चिम बंगाल में लागू नहीं हो रही हैं।
मोदी ने कहा कि टीएमसी गरीबों के प्रति ‘शत्रुतापूर्ण’ है।
गरीबों और आदिवासियों की अनदेखी
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि टीएमसी सरकार राज्य में गरीबों, आदिवासियों, दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों के प्रति शत्रुतापूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार गरीब आदिवासी समुदायों के विकास को रोक रही है। मोदी ने कहा कि टीएमसी को आदिवासी समुदाय के सम्मान की परवाह नहीं है, और जब एनडीए सरकार ने पहली बार एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो टीएमसी इसका विरोध करने वाली पहली पार्टी थी।
- पश्चिम बंगाल के लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
- निर्दयी सरकार ने पश्चिम बंगाल के लोगों को आयुष्मान कार्ड नहीं बनने दिए।
- कई गरीब लोगों को पक्का घर नहीं मिल पा रहा है क्योंकि उनके नेता गरीबों से कट और कमीशन मांग रहे हैं।
यह स्थिति गरीबों और वंचितों के लिए चिंताजनक है।
ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रीय एकता
प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने भारत के कई परिवारों की खुशियाँ छीन लीं और भारत को विभाजित करने की भी साजिश रची। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि भारत पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है।
- “हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए एकजुट होकर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।”
- आतंकियों के ठिकानों के नष्ट होने से हताश पाकिस्तान ने भारत में नागरिकों और सेना पर हमला करने की कोशिश की।
- भारत अब पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है।
ऐतिहासिक संदर्भ और घटनाक्रम
- पूर्व में भी कई बार राजनीतिक झड़पें हुई हैं।
- कानून व्यवस्था हमेशा एक चुनौती रही है।
- विभिन्न सरकारों पर तुष्टिकरण के आरोप लगे हैं।
आगे की राह
- पश्चिम बंगाल को हिंसा से मुक्त कर बंगाल को विकास की नई राह पर ले जाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी शासन की आवश्यकता है।
- भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
- गरीबों, वंचितों और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
- राज्य को तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त कर समावेशी विकास पर जोर देना होगा।



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