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“अभिनंदन वर्धमान FLY91” गोवा की एयरलाइन FLY91 में हुए शामिल

अभिनंदन वर्धमान FLY91

अभिनंदन वर्धमान FLY91 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले और भारत के वीर चक्र से सम्मानित पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर में एक नया अध्याय शुरू किया है। भारतीय वायु सेना (IAF) में 22 वर्षों तक अपनी गौरवशाली सेवाएं देने के बाद, 43 वर्षीय पूर्व फाइटर पायलट ने समय से पहले सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) ले ली है और अब वे गोवा स्थित कमर्शियल रीजनल एयरलाइन FLY91 में बतौर पायलट शामिल हो गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अभिनंदन वर्धमान पिछले महीने ही इस निजी एयरलाइन से जुड़े हैं। हालांकि, उनकी विशेष भूमिका या उड़ान जिम्मेदारियों को लेकर आधिकारिक रूप से गोपनीयता बनाए रखी गई है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने इसे कर्मचारियों का व्यक्तिगत मामला बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

2019 की ऐतिहासिक डॉगफाइट और F-16 का शिकार

27 फरवरी 2019 को भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ हवाई मुकाबला (Dogfight) भारतीय सैन्य इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण था।

पुलवामा हमला और भारत का पलटवार: 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके जवाब में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी।

मिग-21 से F-16 को मार गिराया: अगले दिन पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। उस समय विंग कमांडर के पद पर तैनात अभिनंदन वर्धमान ने अपने पुराने मिग-21 बाइसन (MiG-21 Bison) विमान से पाकिस्तान के अत्याधुनिक F-16 फाइटर जेट का पीछा किया और उसे मार गिराया। वे विश्व के एकमात्र ऐसे पायलट हैं जिन्होंने मिग-21 से F-16 को ढेर करने का इतिहास रचा।

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3 दिन रहे बंधक, साहस और संयम से जीता देश का दिल

हवाई लड़ाई के दौरान अपने जेट को निशाना बनाए जाने के बाद, अभिनंदन को पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके (PoK) में इजेक्ट होना पड़ा था।

तीन दिनों का तनावपूर्ण घटनाक्रम: पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बंदी बना लिया और वे तीन दिनों तक पाकिस्तान की कस्टडी में रहे। विषम परिस्थितियों और दबाव के बावजूद उन्होंने अनुकरणीय साहस, धैर्य और सैन्य मर्यादा का परिचय दिया।

वतन वापसी: भारत के कड़े कूटनीतिक रुख और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद 1 मार्च 2019 की रात को पाकिस्तान ने उन्हें वाघा बॉर्डर के जरिए भारत को सौंप दिया।

    ‘वीर चक्र’ से सम्मान और ग्रुप कैप्टन के पद पर प्रमोशन

    हवाई लड़ाई के दौरान अतुलनीय वीरता और “असाधारण कर्तव्यनिष्ठा” का प्रदर्शन करने के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2021 में देश के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से अलंकृत किया।

    प्रशस्ति पत्र में उनकी इस बात के लिए विशेष रूप से सराहना की गई थी कि संख्याबल में अधिक और तकनीक में बेहतर दुश्मन के लड़ाकू विमानों के सामने भी वे बिना डरे डटे रहे। बाद में भारतीय वायु सेना ने उनकी पदोन्नति करते हुए उन्हें ग्रुप कैप्टन का पद प्रदान किया था।

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    FLY91 एयरलाइन के साथ नया सफर

    भारतीय वायु सेना से इस साल मार्च में औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त होने के बाद अभिनंदन ने अब सिविल एविएशन में प्रवेश किया है।

    FLY91 का ढांचा: मार्च 2024 से परिचालन शुरू करने वाली FLY91 एक तेजी से उभरती रीजनल एयरलाइन है, जिसके पास वर्तमान में छह ATR 72-600 विमानों का बेड़ा है।

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    प्रमुख बेस: इस एयरलाइन के मुख्य परिचालन केंद्र (Base) गोवा और हैदराबाद में स्थित हैं, जो देश के क्षेत्रीय शहरों को जोड़ने का काम करती है।

    आसमान में देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद, पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब कमर्शियल एविएशन में यात्रियों को सुरक्षित उड़ानों का अनुभव कराएंगे। मिग-21 से F-16 को ढेर करने वाले इस जांबाज पायलट का साहस और देशभक्ति हमेशा भारतीय सेना और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। नए रूट्स के शुभारंभ, विमानन उद्योग में रणनीतिक भूमिका और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग के बीच जानें अभिनंदन वर्धमान FLY91 की पूरी इनसाइड स्टोरी

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