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एयर इंडिया दुर्घटना जाँच: DGCA का बोइंग विमानों पर सख्त आदेश

एयर इंडिया दुर्घटना जाँच

एयर इंडिया दुर्घटना जाँच के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अहमदाबाद में हुई AI171 दुर्घटना की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट आने के बाद यह आदेश दिया गया है। यह हादसा 12 जून, 2025 को हुआ था, जिसमें 260 लोग मारे गए थे।

  • DGCA ने एयरलाइंस को 21 जुलाई, 2025 तक बोइंग 787 और 737 विमानों की जाँच करने को कहा है।
  • यह जाँच विमानों के ईंधन स्विच लॉकिंग सिस्टम की सुरक्षा को लेकर होगी।
  • यह निर्देश विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के दो दिन बाद आया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के दोनों इंजनों के ईंधन स्विच उड़ान भरते ही कुछ सेकंड पहले बंद हो गए थे। यह घटना अहमदाबाद से लंदन के लिए जा रही AI 171 उड़ान के साथ हुई।

मुख्य बिंदु :

1. DGCA ने ईंधन स्विच लॉकिंग सिस्टम की जाँच का आदेश 21 जुलाई तक पूरा करने को कहा।

2. AAIB रिपोर्ट के मुताबिक टेकऑफ से पहले दोनों इंजनों के ईंधन स्विच अपने आप कटऑफ हुए।

3. 2018 में FAA ने ईंधन लॉकिंग सिस्टम पर चेतावनी दी थी, एयर इंडिया ने निरीक्षण नहीं किया।

4. एयर इंडिया सीईओ ने पायलट, ईंधन गुणवत्ता और रखरखाव से जुड़ी संभावनाओं को नकारा।

5. पायलट संगठनों ने आत्महत्या की थ्योरी को अफवाह और असंवेदनशील बताया, जांच पारदर्शिता की मांग की।

6. कॉकपिट रिकॉर्डर में पायलट ने साथी से पूछा: “तुमने ईंधन क्यों बंद किया?” जवाब: “मैंने नहीं किया।”

7. सिंगापुर, एतिहाद जैसी वैश्विक एयरलाइंस ने भी बोइंग 787 विमानों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

 

AAIB रिपोर्ट: इंजन स्विच में गड़बड़ी

विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) की 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ अहम बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों इंजनों के ईंधन कंट्रोल स्विच एक सेकंड के अंदर “रन” से “कटऑफ” स्थिति में चले गए थे। इससे विमान की इंजन शक्ति तुरंत कम हो गई।

  • रिपोर्ट में इन स्विचों के अचानक हिलने का कोई सीधा कारण नहीं बताया गया है।
  • इसमें अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) द्वारा 2018 में जारी एक “गैर-अनिवार्य” बुलेटिन का जिक्र है।
  • उस बुलेटिन में बोइंग 737 और कुछ 787 विमानों में ईंधन स्विच के लॉकिंग फीचर की समस्या बताई गई थी।

एयर इंडिया ने FAA के 2018 के इस सलाहकार बुलेटिन के तहत सुझाए गए निरीक्षण नहीं किए थे। रिपोर्ट में अहमदाबाद में उड़ान भरने और दुर्घटना के बीच के 32 सेकंड के भयावह समय का विस्तृत विवरण है।

FAA सलाह और एयर इंडिया का जवाब

FAA ने 17 दिसंबर, 2018 को कई बोइंग मॉडलों पर ईंधन कंट्रोल स्विच लॉकिंग सुविधा के संभावित विघटन पर एक विशेष एयरवर्थनेस सूचना बुलेटिन (SAIB) जारी किया था। इसमें बोइंग 717, 737, 747, 757, 767, 787, MD-11 और MD-90 विमान शामिल थे।

  • यह सलाह FAA ने 737 विमानों में ऐसी समस्याओं के बाद जारी की थी, 787 में इसकी कोई रिपोर्ट नहीं थी।
  • एयर इंडिया ने जाँचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने सुझाए गए निरीक्षण नहीं किए थे।
  • कंपनी ने कहा कि बुलेटिन को “सलाहकार” के रूप में वर्गीकृत किया गया था, “अनिवार्य” नहीं था।

यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि इस बात का दुर्घटना से कोई सीधा संबंध था या नहीं। रिपोर्ट में किसी पक्षी के टकराने या ईंधन के दूषित होने की संभावना को भी खारिज किया गया है।

एयर इंडिया के सीईओ की प्रतिक्रिया

एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कोई यांत्रिक या रखरखाव संबंधी समस्या नहीं मिली है। विल्सन ने पायलटों और विमान की फिटनेस का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट से न केवल स्पष्टता मिली, बल्कि कुछ और सवाल भी खड़े हो गए हैं। इस एयर इंडिया दुर्घटना जाँच के बाद और जानकारियाँ सामने आएंगी।

  • सीईओ ने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता या टेकऑफ रोल में कोई समस्या नहीं थी।
  • पायलटों ने उड़ान से पहले सभी अनिवार्य ब्रेथलाइज़र टेस्ट पास किए थे।
  • उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालने की अपील की है क्योंकि जाँच अभी जारी है।

पायलटों के संघ की आपत्ति और आरोप

भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (ICPA) और एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA इंडिया) जैसे पायलट संगठनों ने मानवीय गलती के दावों को गलत बताया है। ICPA ने “पायलट द्वारा आत्महत्या के बेतुके और निराधार आरोपों” पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह के दावे का कोई आधार नहीं है और यह असंवेदनशील है।

  • ALPA इंडिया ने जाँच एजेंसी पर “गोपनीयता” बरतने का आरोप लगाया है।
  • उन्होंने कहा कि जाँच में “योग्य कर्मचारी” शामिल नहीं थे।
  • उन्होंने जाँच में “पर्यवेक्षकों” के रूप में शामिल होने की मांग की है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि उसने ईंधन क्यों बंद किया, और दूसरे ने जवाब दिया था कि उसने ऐसा नहीं किया।

वैश्विक सुरक्षा और आगे के कदम

डीजीसीए के इस निर्देश के बाद, न केवल भारतीय एयरलाइंस, बल्कि दुनिया भर की प्रमुख एयरलाइंस भी सक्रिय हो गई हैं। एतिहाद एयरवेज़ और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी कंपनियाँ भी अपने बोइंग 787 विमानों के ईंधन स्विच में लॉकिंग तंत्र की जाँच कर रही हैं। यह कदम वैश्विक विमानन सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। एयर इंडिया दुर्घटना जाँच अभी पूरी नहीं हुई है और जांचकर्ता मुख्य रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि ईंधन नियंत्रण स्विच कैसे और क्यों बंद हुए। एयर इंडिया ने 2019 और 2023 में दो बार थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल बदले थे, जिसमें ईंधन स्विच भी शामिल होते हैं।

  • DGCA ने सभी प्रभावित एयरलाइन ऑपरेटरों को 21 जुलाई, 2025 तक निरीक्षण पूरा करने का आदेश दिया है।
  • निरीक्षण पूरा होने के बाद रिपोर्ट संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत करनी होगी।
  • सतत उड़ान योग्यता और परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
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