अजीत पवार विमान हादसा: पीएम को पत्र और उड्डयन मंत्री पर गाज
अजीत पवार विमान हादसा ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, लेकिन अब यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक गहरी राजनीतिक साजिश के रूप में उभर रहा है। रविवार, 22 फरवरी 2026 को एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इस दुखद घटना के पीछे की कड़ियों को जोड़ते हुए एक उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
रोहित पवार ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नागरिक उड्डयन मंत्री के इस्तीफे की मांग की है और ‘VSR वेंचर्स’ नामक एयरलाइन कंपनी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अजीत पवार की मृत्यु के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उपजे इस शून्य ने न केवल सत्ता के समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि एक ‘परफेक्ट मर्डर’ जैसी थ्योरी को भी हवा दे दी है जिसे अब विपक्ष पूरी ताकत से उठा रहा है।
VSR वेंचर्स और टीडीपी कनेक्शन: क्या व्यापारिक रिश्तों ने ली अजीत पवार की जान?
इस अजीत पवार विमान हादसा की जांच की दिशा तब बदल गई जब रोहित पवार ने एक चौंकाने वाला दावा किया कि जिस विमान का हादसा हुआ, वह VSR वेंचर्स का था और इस कंपनी के व्यापारिक संबंध टीडीपी (TDP) प्रमुख के परिवार से हैं। रोहित ने सवाल उठाया है कि क्या बीजेपी अपने खास दोस्त अजीत पवार को न्याय दिलाएगी या अपने गठबंधन सहयोगी टीडीपी के हितों की रक्षा करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि VSR एयरलाइन की सुरक्षा मानकों में भारी खामियां थीं और इसके बावजूद इसे वीआईपी मूवमेंट की अनुमति दी गई। यह व्यापारिक और राजनीतिक सांठगांठ अब इस हादसे को एक नए और संदिग्ध कोण से देखने पर मजबूर कर रही है, जिससे केंद्र सरकार भी अब सवालों के घेरे में है।
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रोहित पवार का पीएम मोदी को पत्र: उड्डयन मंत्री के इस्तीफे और ओउस्टर की मांग
रोहित पवार ने अजीत पवार विमान हादसा को लेकर प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कड़ा रुख अपनाते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री को पद से हटाने की मांग की है। रोहित का तर्क है कि वीआईपी सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक बिना शीर्ष स्तर की मिलीभगत या घोर लापरवाही के संभव नहीं है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि कई बार विमानों की सुरक्षा ऑडिट की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, जिसका खामियाजा महाराष्ट्र के एक बड़े नेता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
रोहित ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके कि क्या विमान के तकनीकी सिस्टम के साथ कोई छेड़छाड़ की गई थी या यह वाकई एक पायलट एरर था।
वारिस पठान की एंट्री: “अगर परिवार मांग करता है, तो जांच में कोई बुराई नहीं”
महाराष्ट्र की राजनीति के अन्य बड़े खिलाड़ियों ने भी अब अजीत पवार विमान हादसा पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने कहा है कि अगर अजीत पवार का परिवार इस हादसे की जांच चाहता है, तो सरकार को इसमें कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।
पठान ने जोर देकर कहा कि जब देश के इतने बड़े नेता की जान जाती है, तो संदेह की सुई हर तरफ घूमती है और पारदर्शी जांच ही जनता का विश्वास बहाल कर सकती है। उन्होंने रोहित पवार की मांगों का परोक्ष रूप से समर्थन करते हुए कहा कि विमान के मलबे और ब्लैक बॉक्स की जांच एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए ताकि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश न रहे।
वीआईपी सुरक्षा पर बढ़ा खतरा: रोहित पवार ने एयरलाइन के पुराने ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ पर उठाया सवाल
अजीत पवार विमान हादसा के बाद अब महाराष्ट्र के अन्य वीआईपी नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। रोहित पवार ने फ्लैग किया है कि VSR वेंचर्स जैसी छोटी एयरलाइंस को बिना कड़े सुरक्षा ऑडिट के बड़े नेताओं को ले जाने की अनुमति कैसे मिल रही है।
उन्होंने दावा किया कि इस एयरलाइन के साथ पहले भी सुरक्षा संबंधी मुद्दे रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख के कारण इसे दबा दिया गया।
रोहित ने चेतावनी दी कि यदि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इस तरह की ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ चलती रही, तो देश के कई अन्य नेताओं की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने मांग की कि सभी निजी चार्टर विमानों के लिए एक नया और कड़ा ‘सेफ्टी प्रोटोकॉल’ तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
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अजीत पवार के बाद महाराष्ट्र का नया राजनीतिक परिदृश्य: किसका होगा उदय?
हादसे के बाद उपजे भावनात्मक ज्वार के बीच अजीत पवार विमान हादसा ने महाराष्ट्र में ‘उत्तराधिकार’ की जंग को भी जन्म दे दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अजीत पवार की मृत्यु के बाद उनकी पार्टी और समर्थकों के बीच नेतृत्व का संकट गहरा गया है।
एक तरफ जहाँ रोहित पवार इस मुद्दे को उठाकर खुद को एक आक्रामक युवा नेता के रूप में स्थापित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के भीतर भी इस बात को लेकर खलबली है कि अजीत पवार के बिना ग्रामीण महाराष्ट्र और सहकारी बैंक के नेटवर्क को कैसे संभाला जाएगा। यह दुर्घटना केवल एक जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका भी एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो रही है।
जेन-जी और मिलेनियल्स का रिएक्शन: सोशल मीडिया पर ‘कांस्पिरेसी थ्योरी’ का सैलाब
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अजीत पवार विमान हादसा की खबर आग की तरह फैली हुई है। इंस्टाग्राम और रेडिट पर युवा यूजर्स ‘VSR वेंचर्स’ और राजनीतिक फंडिंग के बीच के लिंक ढूंढ रहे हैं। जेन-जी का एक बड़ा वर्ग इसे ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ जैसा ड्रामा बता रहा है, जहाँ सत्ता के लिए किसी को भी रास्ते से हटाया जा सकता है।
रोहित पवार के पीएम को लिखे पत्र के स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल हो रहे हैं, जिससे युवाओं में सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। युवा वोटर्स पूछ रहे हैं कि जब एक उप-मुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है? इस हादसे ने तकनीकी सुरक्षा और राजनीतिक शुचिता पर एक नई बहस छेड़ दी है।
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क्या कभी सामने आएगा अजीत पवार विमान हादसे का कड़वा सच?
अंततः, अजीत पवार विमान हादसा एक ऐसी गुत्थी बन गया है जिसे सुलझाना अब प्रतिष्ठा का सवाल है। एक सीनियर डिजिटल एडिटर के तौर पर मेरा मानना है कि रोहित पवार के आरोपों को महज राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसमें दिए गए व्यापारिक कनेक्शन और सुरक्षा चूक के तर्क काफी गहरे हैं।
क्या बीजेपी अपने दोस्त अजीत पवार को सच में न्याय दिला पाएगी या सत्ता के समीकरणों की भेंट चढ़ जाएगा यह इंसाफ? महाराष्ट्र की जनता और पवार परिवार को यह जानने का हक है कि उस रात विमान के साथ असल में क्या हुआ था। यदि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होती है, तो यह हादसा भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक और ‘अनसुलझा रहस्य’ बनकर रह जाएगा।
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