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असम धुबरी हिंसा में मुख्यमंत्री सरमा ने ‘देखते ही गोली मारने’ का आदेश दिया

असम धुबरी हिंसा

असम धुबरी हिंसा के बाद, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने धुबरी शहर के लिए एक बेहद कड़ा आदेश दिया है “देखते ही गोली मार दो.” यह फैसला बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए लिया गया है. दरअसल, धुबरी के एक हनुमान मंदिर में गाय का सिर या गोमांस मिलने के बाद से ही इलाके में अशांति फैली हुई थी. मुख्यमंत्री सरमा ने साफ कर दिया कि यह आदेश आज रात से ही लागू हो जाएगा.

मुख्यमंत्री की सीधी दखल

राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा खुद हालात का जायजा लेने के लिए 13 जून की सुबह करीब 11 बजे धुबरी पहुंचे थे.

  • सर्किट हाउस पहुँचते ही उन्होंने तुरंत अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की.
  • मुख्यमंत्री के आने से पहले ही पुलिस ने पूरे शहर में कड़ी सुरक्षा कर रखी थी.
  • यह आदेश धुबरी शहर में “पत्थरबाजी” समेत किसी भी गैरकानूनी गतिविधि पर लागू होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, “किसी भी अप्रिय स्थिति में पुलिस को गोली चलाने का अधिकार होगा.”

मुख्य बिंदु :

  1. मुख्यमंत्री सरमा ने धुबरी हिंसा पर तत्काल “देखते ही गोली मारो” का सख्त आदेश जारी किया।
  2. हनुमान मंदिर में गाय का सिर मिलने से सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़क उठी।
  3. मुख्यमंत्री ने धुबरी पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों संग उच्च स्तरीय बैठक कर हालात का जायजा लिया।
  4. बांग्लादेशी कट्टरपंथी ताकतों द्वारा धुबरी में अस्थिरता फैलाने की आशंका जताई गई।
  5. पुलिस, RAF और CRPF की तैनाती कर पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
  6. मुख्यमंत्री ने मंदिरों के अपमान पर ‘शून्य सहनशीलता’ नीति के सख्त पालन का निर्देश दिया।
  7. ‘बीफ माफिया’ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और जांच तेज़ की गई।

‘बाहरी’ खतरा और अपराधियों पर शिकंजा

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने अपने इस सख्त फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि धुबरी में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने सभी ‘दागी अपराधियों’ को तुरंत गिरफ्तार करने का भी निर्देश दिया है. उन्होंने आगाह किया कि धुबरी को “बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें निशाना बना रही हैं.” सरमा ने दृढ़ता से कहा, “मैं ऐसा बिल्कुल नहीं होने दूंगा.”

  • ईद-उल-अजहा के एक दिन बाद रविवार से ही धुबरी में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था.
  • एक हनुमान मंदिर में कथित तौर पर मवेशी का सिर मिलने से हालात बिगड़े.
  • हालात संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को तैनात किया गया है.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी इस बारे में बात की थी.

मंदिर अपमान और शून्य सहनशीलता

सीएम सरमा ने बताया कि उन्होंने कानून लागू करने वाले अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हमारे मंदिरों, नामघरों और पवित्र स्थानों का अपमान करने वाले किसी भी तत्व के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ अपनाई जाए. उन्होंने कहा, “हनुमान मंदिर में गोमांस फेंकने की घटना बेहद शर्मनाक है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा.” हालात बिगड़ने पर धुबरी प्रशासन ने निषेधाज्ञा भी लगा दी थी.

  • सोमवार को इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हुए थे.
  • दो अलग-अलग जगहों पर मांस मिलने की खबरें थीं.
  • भीड़ ने सड़क किनारे विक्रेताओं और ई-रिक्शा चालकों पर भी हमला किया था.

जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है.

‘बीफ माफिया’ और शांति भंग के मंसूबे

मुख्यमंत्री ने एक नए “बीफ माफिया” के पनपने की बात कही. उन्होंने बताया कि इस माफिया ने ईद से ठीक पहले हजारों जानवरों की खरीद की थी. उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच जारी है और दोषियों को जल्द ही जेल भेजा जाएगा. सरमा ने यह भी कहा कि हाल ही में असम और बांग्लादेश में हुए कुछ राजनीतिक बदलावों ने ऑनलाइन और जमीन पर “चरमपंथी तत्वों” को बढ़ावा दिया है.

  • पहले दिन हनुमान मंदिर में मवेशी का सिर रखा गया था.
  • शांति समिति बनने के बाद भी उसी मंदिर में दोबारा मवेशी का सिर मिला.
  • कुछ लोगों ने धुबरी को बांग्लादेश का हिस्सा बताने वाले पोस्टर भी लगाए थे.

कुछ लोग मवेशियों को हथियार बनाकर हिंदुओं को इलाके से भगाने की कोशिश कर रहे हैं. असम धुबरी हिंसा के पीछे ऐसे ही मंसूबे हो सकते हैं. सीएम ने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ जो पुराने मामले हैं, उन्हें भी आगे बढ़ाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी. असम धुबरी हिंसा पर सरकार पूरी तरह से गंभीर है.

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