बिलासपुर रेल हादसे में 6 की मौत: छत्तीसगढ़ रेल दुर्घटना की पूरी कहानी
छत्तीसगढ़ रेल दुर्घटना ने मंगलवार शाम को पूरे देश को झकझोर दिया, जब कोरबा जिले के गेवरा से बिलासपुर जा रही एक यात्री ट्रेन की टक्कर एक खड़ी मालगाड़ी से हो गई। यह भीषण दुर्घटना शाम करीब 4 बजे गतोरा और बिलासपुर रेलवे स्टेशनों के बीच हुई, जिससे बिलासपुर-कटनी मार्ग पर जयरामनगर स्टेशन के पास भारी नुकसान हुआ।
प्राप्त तस्वीरों और दृश्यों में टक्कर का भयावह प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिसमें यात्री ट्रेन का एक डिब्बा मालगाड़ी के एक डिब्बे पर चढ़ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पैसेंजर ट्रेन के आगे के डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
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6 यात्रियों की मौत की पुष्टि, कई अभी भी फंसे
दुर्घटना के तुरंत बाद रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन बाद में प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा को बताया, “अब तक दुर्घटना में छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
चार अन्य अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं और उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।” दुर्घटना में 14 अन्य घायल हुए हैं, और कुछ यात्री अभी भी ट्रेन के एक डिब्बे के नीचे फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहा है।
घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में इंजन और आगे के डिब्बे क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं, जबकि बचावकर्मी मलबे में फंसे यात्रियों की तलाश जारी रखे हुए हैं। बचाए गए लोगों में एक शिशु भी शामिल है।
घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता
घायल यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए बिलासपुर के अपोलो अस्पताल और छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सीआईएमएस) में स्थानांतरित कर दिया गया है।
क्षतिग्रस्त डिब्बों के कारण तत्काल निकासी में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए, चिकित्सा दल और एम्बुलेंस तैनात कर दिए गए हैं और डॉक्टर गंभीर रूप से घायलों का ट्रेन के अंदर ही इलाज कर रहे हैं। इस दुखद घटना में घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।
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कैसे हुई यह दर्दनाक टक्कर?
रेलवे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना शाम करीब 4 बजे हुई जब मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन संख्या 68733 (गेवरा रोड-बिलासपुर) अप लाइन पर गतोरा और बिलासपुर रेलवे स्टेशनों के बीच लाल खदान के पास एक मालगाड़ी से पीछे से टकरा गई।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे आमने-सामने की टक्कर बताया गया है, लेकिन कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पुष्टि की कि दुर्घटना गतोरा और बिलासपुर रेलवे स्टेशनों के बीच हुई थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक ट्रेन खड़ी थी, तभी रायगढ़ की ओर से आ रही एक अन्य ट्रेन पीछे से उससे टकरा गई। यह छत्तीसगढ़ रेल दुर्घटना सिग्नलिंग या मानवीय त्रुटि के कारण हुई है, इसकी विस्तृत जाँच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा की जाएगी।
तत्काल राहत एवं बचाव कार्य जारी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे, स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गईं। इन टीमों ने मिलकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
बिलासपुर रेल दुर्घटना स्थल पर बचाव अभियान जारी है, जिसमें फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और राज्य सरकार के अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर मौजूद हैं।
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रेलवे ने मुआवज़े की घोषणा की
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस भीषण हादसे पर दुःख व्यक्त करते हुए हताहतों के परिवारों के लिए बड़ी अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
मृतकों के परिवारों के लिए: ₹10,00,000 (दस लाख रुपये)गंभीर रूप से घायलों के लिए: ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये)मामूली रूप से घायलों के लिए: ₹1,00,000 (एक लाख रुपये)
रेलवे ने यह भी कहा कि दुर्घटना की विस्तृत जाँच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा की जाएगी ताकि कारण का पता लगाया जा सके और भविष्य के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाए जा सकें।
यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर
यात्रियों और उनके रिश्तेदारों की मदद के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की एक सूची भी जारी की गई है ताकि वे आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।
| स्टेशन | हेल्पलाइन नंबर |
| बिलासपुर | 7777857335, 7869953330 |
| चांपा | 8085956528 |
| रायगढ़ | 9752485600 |
| पेंड्रा रोड | 8294730162 |
| कोरबा | 7869953330 |
| उसलापुर | 7777857338 |
दुर्घटना स्थल पर हेल्पलाइन नंबर: 9752485499, 8602007202
छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और भाटापारा रेलवे स्टेशनों पर भी हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
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रेल यातायात प्रभावित और सरकार की प्रतिक्रिया
इस दुर्भाग्यपूर्ण छत्तीसगढ़ रेल दुर्घटना के कारण ओवरहेड विद्युत लाइनों और सिग्नलिंग प्रणाली को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे मार्ग पर रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट कर दिया गया है, और फंसे हुए यात्रियों की सहायता के लिए व्यवस्था की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह बिलासपुर में अधिकारियों के संपर्क में हैं और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को ट्रेन हादसे की विस्तृत जानकारी दी।



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