CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: फेल होने का डर अब गुजरे जमाने की बात?
CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 आज यानी 17 फरवरी से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है, जिसमें देश और विदेश के 26 देशों से कुल 46 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। इस साल परीक्षा का आयोजन करीब 15,000 से अधिक केंद्रों पर किया जा रहा है, जहाँ कड़ी सुरक्षा और डिजिटल निगरानी के बीच छात्र अपनी पहली परीक्षा दे रहे हैं।
10वीं कक्षा के लिए आज गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड) का पेपर था, जबकि 12वीं के छात्रों ने बायोटेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे विषयों के साथ अपने सफर की शुरुआत की। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार परीक्षा को अधिक छात्र-केंद्रित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं, जो नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लागू किए गए हैं।
10वीं के लिए ‘दो बोर्ड’ का नया दौर: क्या है अनिवार्य पहले प्रयास का सच?
इस साल CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 की सबसे बड़ी सुर्खी 10वीं कक्षा के लिए पेश किया गया ‘डुअल बोर्ड’ सिस्टम है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि फरवरी-मार्च में होने वाली पहली परीक्षा में बैठना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है।
जो छात्र कम से कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें ‘एसेंशियल रिपीट’ कैटेगरी में डाल दिया जाएगा और वे मई में होने वाली दूसरी (इम्प्रूवमेंट) परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे।
यह नियम छात्रों को तनाव मुक्त करने के लिए बनाया गया है ताकि वे साल में दो बार परीक्षा देकर अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर चुन सकें। हालांकि, पहले दिन कई केंद्रों पर छात्रों के बीच इस नए नियम को लेकर थोड़ी उलझन भी देखी गई, जिसे शिक्षकों ने काउंसलिंग के जरिए दूर किया।
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दिल्ली में ट्रैफिक का ‘वॉर रूम’: एआई समिट और परीक्षा का अनोखा टकराव
राजधानी दिल्ली में परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए आज का दिन चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि प्रगति मैदान (भारत मंडपम) में चल रहे ‘ग्लोबल एआई समिट’ के कारण कई रास्तों पर वीवीआईपी मूवमेंट था। दिल्ली पुलिस ने CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों के पास एडमिट कार्ड है, उन्हें चेकपॉइंट्स पर प्राथमिकता दी जाएगी। तिलक मार्ग, मथुरा रोड और शेरशाह रोड जैसे इलाकों में स्थित स्कूलों के लिए विशेष नोडल अधिकारी तैनात किए गए ताकि किसी भी छात्र की परीक्षा ट्रैफिक के कारण न छूटे। बोर्ड ने भी छात्रों को सलाह दी थी कि वे अपने घरों से कम से कम एक घंटा पहले निकलें।
डिजिटल मूल्यांकन और ऑन-स्क्रीन मार्किंग: 12वीं की कॉपियों पर ‘तीसरी आंख’
तकनीकी मोर्चे पर, बोर्ड ने 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस साल 10 करोड़ से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम के जरिए की जाएगी। इसका मतलब है कि छात्रों की कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा, जहाँ शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर उन्हें चेक करेंगे।
यह सिस्टम न केवल रिजल्ट को जल्दी घोषित करने में मदद करेगा, बल्कि टोटलिंग और चेकिंग में होने वाली मानवीय गलतियों को भी शून्य कर देगा। CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 तकनीकी नवाचार के मामले में अब तक की सबसे आधुनिक परीक्षा साबित होने वाली है।
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परीक्षा केंद्र की गाइडलाइंस: क्या ले जाएं और क्या है सख्त मना?
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एक सख्त चेकलिस्ट जारी की है जिसका पालन करना अनिवार्य है। छात्रों को सुबह 10:00 बजे तक हर हाल में परीक्षा केंद्र पहुंचना था, क्योंकि उसके बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। छात्रों को केवल पारदर्शी पाउच में स्टेशनरी, स्कूल आईडी और एडमिट कार्ड ले जाने की अनुमति दी गई है।
स्मार्ट वॉच, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना ‘अनफेयर मीन्स’ (UFM) माना जाएगा। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा गया, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे भविष्य की परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है।
फेक न्यूज़ और पेपर लीक की अफवाहों पर बोर्ड का ‘हंटर’
सोशल मीडिया पर परीक्षा से पहले अक्सर पेपर लीक की झूठी खबरें फैलती हैं, जिससे छात्रों में घबराहट पैदा होती है। CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर बोर्ड ने एक विशेष सूचना जारी कर अभिभावकों को सावधान किया है। सीबीएसई ने कहा है कि उनका क्वेश्चन पेपर वितरण सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड है।
यूट्यूब और टेलीग्राम पर ‘असली पेपर’ का दावा करने वाले असामाजिक तत्वों पर आईटी सेल की पैनी नजर है। बोर्ड ने साफ किया है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।
पैटर्न में बदलाव: रट्टा मारने के दिन लदे, अब समझदारी की बारी
इस साल के प्रश्न पत्रों में एक बड़ा बदलाव ‘कॉम्पिटेंसी-आधारित’ प्रश्नों (Competency-based questions) की संख्या में बढ़ोतरी है। अब 50% प्रश्न केस स्टडी, डेटा इंटरप्रिटेशन और वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य छात्रों की रटने की क्षमता के बजाय उनकी तार्किक सोच और विषय की समझ को परखना है।
10वीं के गणित के पेपर के बाद छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही; कुछ ने इसे ‘एप्लीकेशन बेस्ड’ होने के कारण थोड़ा लंबा बताया, तो कुछ ने इसे स्कोरिंग माना। शिक्षकों का कहना है कि यह नया पैटर्न छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई (JEE) और नीट (NEET) के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में मदद करेगा।
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एक शांत मन और बेहतर भविष्य की ओर कदम
कुल मिलाकर, CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 का आगाज सकारात्मक रहा है। भले ही नियम बदले हों और तकनीक का दखल बढ़ा हो, लेकिन अंततः यह छात्र की मेहनत और धैर्य की परीक्षा है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे इस समय छात्रों पर अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ वातावरण दें।
परीक्षा का यह सीजन अप्रैल तक चलेगा, और रिजल्ट मई के दूसरे सप्ताह तक आने की संभावना है। 46 लाख छात्रों का यह सफर भारत की भावी पीढ़ी की दिशा तय करेगा, और उम्मीद है कि इस बार का ‘डुअल बोर्ड‘ प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
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