चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी के दावे’ को किया खारिज
भारतीय चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी के दावे‘ को ‘निंदनीय’ और ‘बेतुका’ बताया। आयोग ने उनकी टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए निष्पक्षता पर ज़ोर दिया। उन्होंने गांधी से रचनात्मक संवाद करने का आग्रह किया, बजाय निराधार आरोप लगाने के। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी के पास वोट चोरी के ‘खुले और बंद’ सबूत हैं। उन्होंने इन सबूतों की तुलना एक ‘परमाणु बम’ से की, जो फटने पर चुनाव आयोग को कहीं छिपने नहीं देगा।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए वोट चोरी कर रहा है।
- आयोग ने कहा कि वह गांधी के ईमेल और पत्रों का जवाब नहीं दे रहे हैं।
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के व्यवहार को ‘खतरनाक’ बताया।
सबूतों के अभाव पर सवाल और आयोग का पलटवार
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। आयोग ने कहा कि वह ऐसे बयानों को नज़रअंदाज़ करता है। उन्होंने अपने कर्मचारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करते रहने का अनुरोध किया। चुनाव आयोग ने कहा कि यह बहुत ‘अजीब’ है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता अब आयोग के कर्मचारियों को धमका रहे हैं। आयोग ने राहुल गांधी द्वारा जून 2025 में भेजे गए ईमेल और पत्र का जवाब न देने का भी दावा कसबूतों के अभाव पर सवाल और आयोग का पलटवार
- राहुल गांधी ने चुनावी अनियमितताओं के सबूतों की बात की थी।
- आयोग ने कहा कि कांग्रेस ने कोई चुनाव याचिका दायर नहीं की है।
- आयोग ने आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और बेतुका बताया।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है। रिजिजू ने गांधी के इस व्यवहार को ‘खतरनाक’ और ‘दुर्भावनापूर्ण अभियान’ बताया।
- रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस जब हारती है तो चुनाव आयोग को दोषी मानती है।
- उन्होंने राहुल गांधी के ‘भारत-विरोधी’ बयानों की कड़ी आलोचना की।
- मंत्री ने कहा कि संसद में व्यवधान से विपक्ष को ही नुकसान हो रहा है।
रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी कोई बच्चे नहीं हैं। विपक्ष के नेता के ऐसे ‘देश-विरोधी’ बयान अस्वीकार्य हैं। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे की सीआईएसएफ तैनाती पर आपत्तियों का भी जवाब दिया, जिसे सांसदों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया।
संवैधानिक प्रक्रिया और राहुल गांधी का ‘परमाणु बम’ बयान
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी के दावे’ पर चुनाव आयोग ने विस्तृत तथ्य-जांच प्रस्तुत की। आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में सभी दलों ने सहयोग किया। आयोग ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज 45 दिनों बाद नष्ट करना एक मानक प्रक्रिया है। उन्होंने महाराष्ट्र की मतदाता सूची पर लगाए गए आरोपों को भी कानून के शासन का अपमान बताया।
- कांग्रेस ने अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ कोई भी अपील दायर नहीं की।
- आयोग ने कहा कि चुनावी गड़बड़ी के कोई भी कानूनी सबूत पेश नहीं किए गए।
- राहुल गांधी ने मतदाता डेटा और सीसीटीवी फुटेज मिटाने का आरोप लगाया।
गांधी का ‘देशद्रोह’ आरोप और आयोग का जवाब
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत को ‘देशद्रोह’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें शामिल अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक करोड़ फर्जी मतदाता जोड़े गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के पत्र पर मंत्री ने कहा कि सदन में सांसदों को बोलने की आज़ादी है। लेकिन व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआईएसएफ को हस्तक्षेप करना पड़ा।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ‘वोट चोरी’ में सीधे तौर पर शामिल है।
- उन्होंने ‘राजनीतिक परमाणु बम’ से आयोग को चेतावनी दी।
- आयोग ने कहा कि उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।



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