CM माझी रोज़गार घोषणा: ओडिशा में 15 लाख नौकरियों का रोडमैप
CM माझी रोज़गार घोषणा ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने संबलपुर के लपंगा में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान घोषणा की कि राज्य में वर्तमान में लगभग ₹20 लाख करोड़ के औद्योगिक प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि ये सभी प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं, तो राज्य के 15 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के सुनहरे अवसर पैदा होंगे।
ओडिशा की एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब के रूप में बढ़ती पहचान पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बड़े कॉर्पोरेट समूहों द्वारा किया जा रहा यह निवेश न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि राज्य के युवाओं की किस्मत भी बदलेगा। CM माझी रोज़गार घोषणा के इस विजन ने राज्य में औद्योगिक क्रांति की नई उम्मीद जगा दी है।
संबलपुर में हिंडाल्को के ₹25,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का ऐतिहासिक उद्घाटन
पश्चिमी ओडिशा के विकास की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाते हुए मुख्यमंत्री माझी ने संबलपुर जिले के लपंगा इलाके में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया।
लगभग ₹25,500 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं को इलाके के लिए ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगीकरण से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा।
इस अवसर पर उन्होंने हिंडाल्को के एल्युमिनियम स्मेल्टर के ₹21,000 करोड़ के विस्तार की आधारशिला रखी, जिससे सालाना 3.6 लाख टन क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये परियोजनाएं स्थानीय युवाओं के लिए विकास के नए रास्ते खोलेंगी।
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बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने ₹4,500 करोड़ के निवेश से विकसित 1.7 लाख टन सालाना क्षमता वाली फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट्स (FRP) और बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम फॉयल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की कमीशनिंग का भी उद्घाटन किया।
यह इकाई भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री माझी ने जोर देकर कहा कि इस बैटरी फॉइल यूनिट से लिथियम-आयन बैटरी बनाने में भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी, जो देश के बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इकोसिस्टम को सीधा सपोर्ट प्रदान करेगी। उन्होंने हिंडाल्को से आग्रह किया कि वे स्थानीय और उद्योग के लिए तैयार स्किल्ड युवाओं की भर्ती को प्राथमिकता दें।
आदित्य बिड़ला ग्रुप का योगदान और ओडिशा का स्थिर नीतिगत ढांचा
भारत के औद्योगिक विकास में आदित्य बिड़ला ग्रुप के दशकों पुराने योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समूह ने देश के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को लगातार मजबूत किया है।
उन्होंने रेखांकित किया कि ओडिशा अपनी स्थिर नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल कार्यबल के कारण निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। मुख्यमंत्री ने हिंडाल्को को भरोसा दिलाया कि भविष्य में विस्तार और पारदर्शी CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) पहलों के लिए सरकार का सहयोग निरंतर जारी रहेगा।
हिंडाल्को की ओर से ₹50,000 करोड़ के नए निवेश का बड़ा ऐलान
समारोह के दौरान हिंडाल्को के मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश पई ने राज्य के लिए एक और बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने ओडिशा में ₹50,000 करोड़ के अतिरिक्त नए निवेश की घोषणा की। पई ने बताया कि कंपनी के आगामी विस्तार योजनाओं में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड एल्यूमिना प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ स्मेल्टिंग क्षमता को बढ़ाना शामिल है।
इन नए प्रोजेक्ट्स से राज्य में लगभग 15,000 नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। CM माझी रोज़गार घोषणा के अनुरूप ही यह निवेश स्थानीय रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होगा।
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संबलपुर बनेगा ओडिशा का दूसरा ‘वर्ल्ड स्किल सेंटर’
युवाओं की कार्यकुशलता और नौकरी पाने की क्षमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर की तर्ज पर अब संबलपुर को भी जल्द ही ओडिशा का दूसरा ‘वर्ल्ड स्किल सेंटर’ मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं के कौशल को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि उद्योगों को स्थानीय स्तर पर ही कुशल कार्यबल मिल सके और युवाओं को उच्च वेतन वाली नौकरियां प्राप्त हों। यह पहल राज्य के औद्योगिक और शैक्षणिक ढांचे के बीच के अंतर को पाटने का काम करेगी।
इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने के लिए ₹210 बिलियन का मास्टर प्लान
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को ओडिशा में अपने एल्युमिनियम स्मेल्टर को बढ़ाने के लिए ₹210 बिलियन ($2.29 बिलियन) के प्रोजेक्ट की घोषणा की। यह भारत के कुल ₹550 बिलियन के कैपिटल खर्च का एक अहम हिस्सा है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ इंटीग्रेशन और सस्टेनेबिलिटी पर टिकी है।
हिंडाल्को के जरिए एक ऐसा एल्युमिनियम इकोसिस्टम बनाया जा रहा है जो संसाधनों से लेकर हाई-वैल्यू डाउनस्ट्रीम उत्पादों तक फैला है। इस विस्तार से भारत में फ्लैट-रोल्ड एल्युमिनियम के इंपोर्ट पर निर्भरता लगभग आधी हो जाएगी, जो वर्तमान में 40% है।
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सतत विकास और रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ते कदम
हिंडाल्को का यह निवेश केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति भी सजग है। सतीश पई ने बताया कि कंपनी कार्बन उत्सर्जन को लगभग 30% तक कम करने के लिए 300 MW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है।
हिंडाल्को पिछले 15 वर्षों से ओडिशा में सक्रिय है और अब तक ₹40,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर चुकी है, जिससे 28,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
CM माझी रोज़गार घोषणा के विजन को मजबूती देते हुए, ये प्रोजेक्ट्स पैकेजिंग, डिफेंस, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में हाई-क्वालिटी सॉल्यूशंस प्रदान करेंगे, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
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