दिल्ली ताज पैलेस और मैक्स अस्पताल को मिली फर्जी बम धमकी,
नई दिल्ली: राजधानी में शनिवार को एक बार फिर फर्जी बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय को धमकी मिलने के ठीक एक दिन बाद, चाणक्यपुरी स्थित ताज पैलेस होटल और मैक्स अस्पताल की दो शाखाओं को बम से उड़ाने की चेतावनी भरे ईमेल भेजे गए।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तत्काल तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और धमकियों को फर्जी घोषित कर दिया गया।
ताज पैलेस होटल को धमकी
चाणक्यपुरी स्थित ताज पैलेस होटल को शनिवार सुबह ईमेल मिला, जिसमें लिखा गया था कि “होटल में 16 बम लगाए गए हैं” और अधिकारियों से 11 बजे तक परिसर खाली करने को कहा गया। ईमेल में यह भी कहा गया कि कई वीवीआईपी होटल में मौजूद हैं। जांच में पता चला कि ईमेल उसी आईडी से भेजा गया था जिससे शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को धमकी दी गई थी।
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने होटल की पूरी तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की, “प्रारंभिक जानकारी से स्पष्ट है कि यह फर्जी कॉल थी। कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ।”
मैक्स अस्पतालों को भी निशाना
इसी दौरान, शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल और फिर द्वारका स्थित मैक्स अस्पताल को भी धमकी भरे ईमेल भेजे गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा और पुलिस दल तुरंत मौके पर पहुंचे और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तलाशी अभियान चलाया। हालांकि दोनों ही जगहों पर कुछ भी नहीं मिला।
हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी धमकियां
इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को धमकी भरा ईमेल मिला था। ईमेल में कहा गया था कि अदालत परिसर में तीन आईईडी लगाए गए हैं और दोपहर 2 बजे तक खाली कराया जाए। इस मेल में पाकिस्तान और तमिलनाडु की कथित संलिप्तता का विवादित दावा भी किया गया था।
हाईकोर्ट की कार्यवाही तत्काल रोक दी गई और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला।
इसी दिन मुंबई स्थित बॉम्बे हाईकोर्ट को भी फर्जी धमकी वाला ईमेल मिला। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पहले भी आ चुकी हैं धमकियां
इससे पहले इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के मुख्यमंत्री सचिवालय और मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज को भी ईमेल के जरिए धमकियां दी गई थीं। हालांकि बाद में पता चला कि ईमेल में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सचिवालय का जिक्र था।
पुलिस जांच जारी
दिल्ली पुलिस का साइबर सेल अब धमकी भरे ईमेल की श्रृंखला की जांच कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी ईमेल एक ही स्रोत से जुड़े हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा, “हम ईमेल के स्रोत का पता लगाने और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान करने में जुटे हैं।”
ताज पैलेस होटल प्रबंधन ने कहा, “गहन सुरक्षा जांच के बाद यह घटना फर्जी पाई गई। हमारे मेहमानों और कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
कानूनी कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट धमकी मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1) और 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह धारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से झूठी सूचना या भय फैलाने वाले संदेश भेजने को आपराधिक कृत्य मानती है।
राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में लगातार मिल रही इन फर्जी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इन मेलों के स्रोत का पता लगाने और दोषियों को पकड़ने में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति इस तरह की अफवाह फैलाने की हिम्मत न कर सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार मिल रही दिल्ली फर्जी बम धमकी जैसी घटनाओं से सुरक्षा तंत्र पर दबाव तो बनता है, लेकिन साथ ही इनसे कानून व्यवस्था मजबूत करने और तकनीकी सतर्कता बढ़ाने की ज़रूरत भी सामने आती है।



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