मुस्तफा के बेटे की मौत: पारिवारिक विवाद, राजनीतिक साजिश?
पारिवारिक विवाद, राजनीतिक साजिश: पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पत्नी, पूर्व कांग्रेस मंत्री रजिया सुल्ताना के परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके 33 वर्षीय बेटे अकील अख्तर की पंचकूला स्थित घर पर रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई।
16 अक्टूबर को अकील अख्तर अपने घर में बेहोशी की हालत में पाए गए थे, जिसके बाद अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। लेकिन यह मामला सिर्फ एक मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके तुरंत बाद मोहम्मद मुस्तफा ने अपने परिवार को फंसाने की एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया है।
एनडीटीवी से बात करते हुए पूर्व डीजीपी मुस्तफा ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें पता है कि उनके प्रतिद्वंद्वी क्या-क्या गंदी हरकतें कर सकते हैं और किस हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि हम तथाकथित हाई-प्रोफाइल लोग हैं। मुझे यह भी पता है कि हमारे प्रतिद्वंद्वी क्या-क्या गंदी हरकतें कर सकते हैं और किस हद तक जा सकते हैं।” मुस्तफा ने कहा कि उनके बेटे की मौत से परिवार को गहरा दुख हुआ है, लेकिन वे गंदी राजनीति और तुच्छ इरादों वाले लोगों का सामना करने से किसी भी तरह नहीं बच सकते।
बेटे की मौत पर FIR और ड्रग ओवरडोज़ का दावा
हरियाणा पुलिस ने इस मामले में 20 अक्टूबर को BNS की धारा 103(1) (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की है। यह FIR मलेरकोटला निवासी शमशुद्दीन चौधरी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई।
शमशुद्दीन ने अपनी शिकायत में अख्तर की मौत में ‘गड़बड़ी’ का आरोप लगाते हुए इसे “संदिग्ध परिस्थितियों” में हुई मौत बताया था। FIR में मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना, अकील की बहन और अकील की पत्नी को आरोपी बनाया गया है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी मुस्तफा ने इसका स्वागत किया और कहा, “पुलिस का कर्तव्य है कि वह विशेष रूप से हाई-प्रोफाइल मामलों में एफआईआर दर्ज करे। वे बाद में जांच करेंगे कि आरोप सही हैं या गलत।
लेकिन उन्हें अपना कर्तव्य निभाना होगा। मैं एसआईटी का स्वागत करता हूँ।” उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि जिन लोगों ने झूठी और निराधार शिकायतें दर्ज कराईं और एफआईआर दर्ज कराई, उन्हें भी कानून का सामना करना पड़ेगा और जांच के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा।
मोहम्मद मुस्तफा का दावा है कि उनका बेटा पिछले 18 सालों से नशे की लत का शिकार था और उसकी मौत ड्रग ओवरडोज़ के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के कमरे में इंजेक्शन बिखरे पड़े मिले थे, और घटना वाले दिन, जब उन्होंने उसे देखा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मुस्तफा ने बताया कि परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने पोस्टमॉर्टम करवाया क्योंकि उनके बेटे का वीडियो वायरल हो गया था। प्रारंभिक रिपोर्ट में संदिग्ध ओवरडोज़ का ज़िक्र था और दोनों हाथों में इंजेक्शन के निशान थे। फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी बीमारी नशा है और उनका बेटा उसी का आदी था।
वायरल वीडियो ने लाया चौंकाने वाला मोड़
जांच में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अकील अख्तर और उसके एक पारिवारिक मित्र के अकाउंट से रिकॉर्ड किए गए वीडियो सामने आए। अगस्त में कथित तौर पर रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में, अकील ने अपने पिता पर अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने का गंभीर आरोप लगाया था।
उसने यह भी आरोप लगाया था कि उसकी माँ रज़िया और उसकी बहन उसके खिलाफ साज़िश में शामिल हैं, और वे उसे मारकर या बलात्कार या हत्या के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते थे। अकील ने वीडियो में कहा, “कोई मेरी मदद करो। कोई मुझे बचाओ।”
मुस्तफा ने शिकायतकर्ता शम्सुद्दीन से पूछताछ की मांग की, जिसने खुद को पड़ोसी बताया, लेकिन पूर्व डीजीपी के अनुसार वह एक विधायक का निजी सहायक था। मुस्तफा ने शम्सुद्दीन से पुरानी जान-पहचान का ज़िक्र करते हुए सवाल किया, “मेरा घर एक सुनसान जगह पर है और मेरा कोई पड़ोसी नहीं है।
फिर वह मेरा पड़ोसी कैसे हो सकता है? वह कैसे दावा कर सकता है कि मैंने अपने बच्चे को प्रताड़ित किया?” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं जो उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मामले में पारिवारिक विवाद, राजनीतिक साजिश की आशंका इसलिए भी गहरी होती है क्योंकि मुस्तफा 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे, और उनकी पत्नी मलेरकोटला से तीन बार विधायक रहीं और पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री थीं।
मानसिक बीमारी और क्लीन चिट वाला दूसरा वीडियो
कहानी में एक और अहम मोड़ तब आया जब अकील का एक और वीडियो सामने आया। इस वीडियो में, अकील ने अपने परिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उसने पिछले साल लगाए गए सभी आरोप अपनी मानसिक बीमारी (सिज़ोफ्रेनिया) के कारण लगाए थे।
वह कहते सुनाई दिए, “मैं सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित था। अल्लाह का शुक्र है कि मेरे परिवार वाले जैसे हैं वैसे ही हैं। अब मैं ठीक हूँ। मैं माफ़ी माँगना चाहता हूँ।”
हालांकि, इस वीडियो में भी एक नाटकीय क्षण था। वीडियो में चेहरा दिखाई न देने पर वह माफ़ी मांगते हैं, लेकिन जब चेहरा दोबारा दिखाई देता है, तो वह अचानक कहते हैं, “क्या वे मुझे मरवा देंगे? वे सब बदमाश हैं।”
मुस्तफा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक और वीडियो भी सामने आया था जिसे मीडिया ने ठीक से नहीं दिखाया। उन्होंने कहा, “उस वीडियो में, मेरा बेटा यह कहता सुनाई दे रहा है कि उसके परिवार ने उसे ज़िंदा रखा, अगर वह किसी और परिवार में होता, तो उसे बहुत पहले ही घर से निकाल दिया जाता।”
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में किसी “गड़बड़ी” का संदेह नहीं था, लेकिन शिकायत मिलने, और अखिल अख्तर के सोशल मीडिया पोस्ट, कुछ वीडियो और तस्वीरों ने संदेह पैदा किया, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि पुलिस पारिवारिक विवाद, राजनीतिक साजिश के आरोपों की भी जांच कर रही है और एसआईटी का गठन किया गया है। मुस्तफा ने दावा किया कि वह जानता है कि उसके बेटे का वीडियो किसने बनाया था और उसने कहा कि अब जांच होगी तो सब कुछ साफ हो जाएगा।



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