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व्यापारियों की राय जीएसटी सुधारों से क्रय शक्ति बढ़ेगी ।

व्यापारियों की राय

व्यापारियों की राय केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का व्यापारियों और व्यवसाय मालिकों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इन बदलावों से आम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, आवश्यक वस्तुओं की कीमतें कम होंगी और पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। व्यापारियों ने त्योहारी सीजन के दौरान इन उपायों को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष रूप से सराहना की।

एक ब्रांडेड कपड़ों की दुकान के मालिक एस.के. सारदा ने बताया कि नए जीएसटी ढांचे ने कर प्रणाली को बहुत सरल बना दिया है और पुरानी कई करों की जटिलता को दूर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पहले ही जीएसटी के माध्यम से करीब 55 लाख करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा कर चुकी है, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रीय विकास और रक्षा उद्देश्यों के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा, “नए सुधारों से लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा आएगा।

लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये बाजार में आएंगे और अर्थव्यवस्था में घूमते-घूमते यह राशि तीन गुना बढ़कर लगभग 7 लाख करोड़ रुपये का कारोबार करेगी, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और आय को काफी बढ़ावा मिलेगा।”

स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में लाभ

सिक्किम में डायग्नोस्टिक्स का व्यवसाय चलाने वाले और स्थानीय केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पेरीवाल ने कहा कि ये सुधार स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने बताया, “दवाएं काफी सस्ती हो गई हैं। कुछ दवाओं पर अब कोई कर नहीं है, जबकि जिन अन्य दवाओं पर पहले 12 या 18 प्रतिशत कर लगता था, उन्हें घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि अस्पतालों को भी जरूरी रसायनों पर बचत होगी, जिन पर अब कम कर लगता है और इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। पेरीवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि ये सुधार सिक्किम में पर्यटन को मजबूती से बढ़ावा देंगे, क्योंकि 7,500 रुपये से कम के होटल में ठहरने पर अब कम जीएसटी लगेगा। उन्होंने कहा, “पर्यटन सिक्किम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इन बदलावों से ज्यादा पर्यटक आएंगे और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।”

आम आदमी के लिए राहत: रोजमर्रा की चीजें सस्ती

छोटे व्यवसाय के मालिक विनय चंद्रा ने कहा कि दूध और अन्य रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजों को शून्य प्रतिशत जीएसटी श्रेणी में लाने का फैसला एक बड़ी राहत है। उन्होंने बताया, “पहले कई जरूरी चीजों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता था, लेकिन अब उन्हें शून्य जीएसटी में बदलने से गरीब परिवारों को सीधा फायदा होगा। इससे रसोई का खर्च भी कम होगा और घरेलू बजट को सहारा मिलेगा।”

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए जीएसटी सुधारों के लागू होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के लक्ष्मी नगर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने दुकानदारों और ग्राहकों से बातचीत की। अपने दौरे के दौरान उन्होंने मीडिया से कहा, “जीएसटी सुधारों को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया बहुत सकारात्मक रही है।

हालांकि आज बाजार में छुट्टी है, फिर भी कई दुकानें खुली हैं। मैंने देखा कि दुकानदार जीएसटी में कटौती का फायदा अपने ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले से जनता और व्यापारियों दोनों को राहत मिली है और लोग सुधारों से खुश हैं।

दो-स्तरीय कर प्रणाली से आम आदमी की जेब पर असर

जीएसटी परिषद द्वारा 22 सितंबर 2025 से प्रभावी की गई दो-स्तरीय प्रणाली देश के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में सबसे व्यापक सुधारों में से एक है। इस नई व्यवस्था के तहत, अधिकांश वस्तुओं पर 5% और 18% की दो कर दरें लागू होंगी, जबकि पहले बहु-स्तरीय ढांचा था।

एक कर विशेषज्ञ और अर्न्स्ट एंड यंग (EY) के पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने बताया कि कैसे दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती से एक मध्यम वर्ग के व्यक्ति को प्रति माह ₹1,275 की बचत हो सकती है। उनके अनुसार, ₹50,000 प्रति माह कमाने वाले व्यक्ति को लगभग ₹1,275 प्रति माह की बचत होने की उम्मीद है, जो उसकी खर्च योग्य आय में 2.55% की वृद्धि है। उन्होंने कहा, “यह बढ़ी हुई खर्च क्षमता हमारी अर्थव्यवस्था को वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाती है।”

मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, 22 सितंबर 2025 से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपकरण, रसोई के जरूरी सामान और दवाइयों सहित लगभग 375 वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। इनमें दूध, कॉफी, बिस्कुट, मक्खन, अनाज, सूखे मेवे, फेस क्रीम, शैंपू, और साबुन जैसे रोजमर्रा के उत्पाद शामिल हैं।

वहीं, पान मसाला, गुटखा, तंबाकू उत्पाद, सिगरेट और 1,200 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली लग्जरी कारों पर 40% की विशेष दर लागू होगी।

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

प्रमुख FMCG ब्रांड, जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर और अमूल ने, पहले ही कीमतों में कटौती की घोषणा कर दी है। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने उत्पादों की कीमतें घटाई हैं, जबकि अमूल ने 700 से अधिक वस्तुओं की कीमतों में कटौती की है। भारतीय रेलवे ने भी अपने रेल नीर बोतलबंद पानी की कीमत में कमी की है।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र को भी सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। छोटी हैचबैक कारों पर अब 28% के बजाय 18% कर लगेगा। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई इंडिया ने लोकप्रिय हैचबैक कारों की कीमतों में ₹70,000 से ₹1.3 लाख तक की कटौती की घोषणा की है।

पूर्व केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के अध्यक्ष सुमित दत्त मजूमदार ने कहा कि जीएसटी 2.0 में कुछ बदलाव किए गए हैं और स्लैब की संख्या कम कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि ब्रांडेड उत्पादों में कीमतें तय होती हैं, लेकिन कीमतों में सामंजस्य बैठाने में समय लगेगा।

जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के पहले अध्यक्ष नवीन कुमार ने भी राज्यों को धन हस्तांतरित करने के नियमों पर जोर दिया। शुरुआती राजस्व में कमी आने की आशंका के बावजूद, सरकार को उम्मीद है कि बढ़ी हुई खपत और बेहतर अनुपालन से राजस्व में वृद्धि होगी। इन सभी सकारात्मक संकेतों पर व्यापारियों की राय भी सरकार के समर्थन में है।

खासकर छोटे कारोबारियों का कहना है कि डिजिटल नियमों से लाभ मिला है, लेकिन पारदर्शिता के साथ-साथ लागत बढ़ने की चुनौती भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में व्यापारियों की राय भविष्य की दिशा तय करेगी।

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