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गुजरात में दंगे: सोशल मीडिया पोस्ट बना हिंसा का कारण, पुलिस अलर्ट

गुजरात में दंगे

गुजरात में दंगे गुजरात के गांधीनगर, गोधरा और वडोदरा में हाल ही में हुए दंगों ने शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ दिया है। इन घटनाओं की जड़ में सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट और प्रतिक्रियाएँ थीं, जिन्होंने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। यह तनाव सबसे पहले गांधीनगर के दहेगाम में एक गरबा समारोह के दौरान भड़का और फिर इसकी चपेट में दूसरे शहर भी आ गए।

गांधीनगर की घटना: ‘आई लव महादेव’ की पोस्ट पर पथराव और आगजनी

यह घटना गांधीनगर जिले के देहगाम के बहियाल गाँव में देर रात हुई। एक गरबा समारोह के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। विवाद तब शुरू हुआ जब हिंदू समुदाय के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर “आई लव महादेव” पोस्ट किया और इसे “आई लव मुहम्मद” के खिलाफ ट्रेंड करने का आह्वान किया।

इस पोस्ट से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग आक्रोशित हो गए और लड़के की दुकान पर पहुँच गए। हालांकि, लड़का मौके से भाग गया, जिसके बाद भीड़ ने दुकान में तोड़फोड़ कर दी और आग लगा दी।

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग दुकान में घुसकर तोड़फोड़ कर रहे हैं और एक महिला घबराहट में अपने बेटे को पुकार रही है।

हिंसक झड़प में आठ से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और एक दुकान में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहुँची पुलिस पर भी हमला किया गया, जिससे उनके दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए बहियाल गाँव में भारी पुलिस बल तैनात किया है।

झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से ऑनलाइन कुछ भी पोस्ट न करने और जाँच में सहयोग करने की अपील की है।

कर्नाटक से लेकर गोधरा तक बढ़ा तनाव

इसी तरह की एक घटना कर्नाटक के देवनगरे शहर में भी हुई, जहाँ “आई लव मुहम्मद” और अन्य फ्लेक्स बोर्ड लगाने को लेकर पथराव हुआ। इस घटना में एक लड़की मामूली रूप से घायल हो गई। ये सभी घटनाएँ उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुरू हुए ‘आई लव मुहम्मद अभियान’ से जुड़े विवाद को और बढ़ा रही हैं।

इसी कड़ी में, गोधरा में भी एक पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की गई और दंगा भड़काया गया। गोधरा बी डिवीजन पुलिस स्टेशन ने शुक्रवार देर रात हुई इस घटना के सिलसिले में 88 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि भीड़ एक व्यक्ति को सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ पोस्ट अपलोड करने के खिलाफ चेतावनी देने के लिए बुलाए जाने का विरोध कर रही थी।

वडोदरा की घटना: AI पोस्ट पर बवाल और ड्रोन से निगरानी

19 सितंबर की देर रात वडोदरा के जूनीगढ़ी इलाके में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब लगभग 3,000 लोगों की भीड़ वडोदरा सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गई। इस अशांति का कारण एक AI-जनित सोशल मीडिया पोस्ट थी, जिसमें कथित तौर पर मुसलमानों के एक पवित्र स्थल का अपमान किया गया था।

इस पोस्ट के बाद, हज़ारों लोग थाने के बाहर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ धार्मिक नारे लगाने लगे। भीड़ ने मांडवी से पानीगेट जाने वाले रास्ते को जाम कर दिया, जिसके बाद अतिरिक्त बल बुलाया गया।

स्थानीय मौलवियों और मुस्लिम समुदाय के नेताओं की मदद से पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ जूनीगढ़ी की ओर बढ़ गई और पथराव शुरू कर दिया।

इस पथराव में पाँच रिक्शा, दो टेंपो और दो कारों की खिड़कियों सहित कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। भीड़ ने एक नवरात्रि मंडप में भी तोड़फोड़ की। पुलिस ने 50 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और दो नाबालिगों सहित 54 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गुजरात में दंगे की इस घटना में पुलिस ने विवादित पोस्ट डालने वाले व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया है। जाँच में कई आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इनमें जुबैर सफी मेमन पर दंगा, हत्या का प्रयास, हमला और बंदूक रखने जैसे सात मामले दर्ज हैं। तनाव के कारण जूनीगढ़ी क्षेत्र में दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बच्चों ने स्कूल जाने से डर महसूस किया और निवासियों में भी भय का माहौल रहा।

आगे की रणनीति और पुलिस की सतर्कता

नवरात्रि से पहले गुजरात में दंगे जैसी घटनाओं को रोकने के लिए, वडोदरा पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है। वे ड्रोन से गश्त कर रहे हैं और चौबीसों घंटे कर्मियों को तैनात किया है। पुलिस की लगातार उपस्थिति और हवाई निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों का मौसम शांतिपूर्ण ढंग से गुजरे और किसी भी तरह की घटना को दोहराया न जा सके। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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