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हुमायूँ मकबरा परिसर में हादसा; दरगाह की छत गिरने से 5 की मौत

हुमायूँ मकबरा परिसर

शुक्रवार, 15 अगस्त को दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में हुमायूँ मकबरा परिसर में हादसा हुआ। यहाँ स्थित दरगाह शरीफ पट्टे शाह की छत गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम पाँच लोगों की जान चली गई। वहीं, 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से कुछ को एम्स और एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पाँच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।

  • इस हादसे में 79 और 35 साल के दो पुरुष मारे गए हैं।
  • मृतकों में 42, 40 और 40 साल की तीन महिलाएँ भी शामिल हैं।
  • यह हादसा जुमे की नमाज़ के बाद हुई बारिश के कारण हुआ।

यह घटना 16वीं सदी के स्मारक के मुख्य गुंबद से नहीं, बल्कि परिसर के भीतर एक छोटे से कमरे से जुड़ी है।

मुख्य बिंदु

  1. 15 अगस्त को निज़ामुद्दीन में हुमायूँ मकबरा परिसर में दरगाह की छत ढह गई।
  2. इस हादसे में पाँच लोगों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
  3. बारिश से बचने के लिए लोग कमरे में थे, तभी छत अचानक गिर गई।
  4. मलबे से कुल 10–12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, कुछ की हालत गंभीर।
  5. मुख्य मकबरे को कोई नुकसान नहीं, हादसा बाहरी हिस्से में स्थित कमरे में हुआ।
  6. अधिकारियों ने हालिया बारिश को हादसे का संभावित कारण बताया है।
  7. सरकार और प्रशासन ने घटना की जाँच व जिम्मेदारियों का निर्धारण करने की घोषणा की।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आँखों देखा हाल

हुमायूँ के मकबरे में काम करने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी विशाल कुमार ने बताया कि जब उन्होंने शोर सुना, तो वे और उनके सुपरवाइजर तुरंत घटनास्थल पर भागे। उन्होंने बताया कि लोगों ने मिलकर प्रशासन को सूचित किया और राहत कार्य शुरू किया। शुरुआत में मलबे में 8 से 9 लोगों के दबे होने की आशंका थी।

  • शुरुआत में आठ से नौ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका थी।
  • बचाव अभियान में कुल 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
  • पीड़ितों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि एक पीड़ित की हालत अभी भी गंभीर है।

ऐतिहासिक स्मारक को नहीं हुआ कोई नुकसान

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह घटना मुख्य मकबरे से जुड़ी नहीं है, बल्कि एक बाहरी हिस्से से है। इमारत ढहने का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जाँच में हाल ही में हुई बारिश को इसका संभावित कारण माना जा रहा है। हुमायूँ मकबरा परिसर में हादसा भले ही हुआ हो, लेकिन ऐतिहासिक स्मारक पूरी तरह सुरक्षित है। आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर (AKTC) के संरक्षण वास्तुकार रतीश नंदा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ढही हुई इमारत हुमायूँ के मकबरे की चारदीवारी से जुड़ी हुई थी। कुछ मलबा मकबरे की दीवारों पर भी गिरा था, लेकिन मकबरे को कोई नुकसान नहीं हुआ।

बचाव कार्य और सरकारी प्रतिक्रिया

हादसे की सूचना दोपहर लगभग 3:51 बजे मिली, जिसके तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। दिल्ली पुलिस, अग्निशमन सेवा और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे से कुल 10 से 12 लोगों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया।

  • सभी पीड़ितों को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर और लोक नायक अस्पताल ले जाया गया।
  • दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ज़िला मजिस्ट्रेट ने कहा कि घटना की जाँच की जाएगी।
  • बचाव अभियान अब बंद कर दिया गया है।

यह दुर्भाग्यपूर्ण हुमायूँ मकबरा परिसर में हादसा एक गंभीर चेतावनी है।

दुखद घटना का निष्कर्ष

दिल्ली में शुक्रवार को हुई यह घटना एक बड़ा हादसा है, जिसमें पाँच बेगुनाह लोगों की जान चली गई। हुमायूँ मकबरा परिसर में हादसा एक बार फिर से पुरानी इमारतों के रख-रखाव पर सवाल खड़ा करता है। जुमे की नमाज के बाद बारिश से बचने के लिए लोग इस कमरे में आए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह कमरा ही उनके लिए मौत का कारण बन गया। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इस हादसे ने लोगों को सदमे में डाल दिया है।

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