राजकोट में भारत की खराब फील्डिंग, केएल राहुल का शतक भी बेकार
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारत की खराब फील्डिंग ने प्रशंसकों को न केवल निराश किया बल्कि वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया की तैयारियों पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 14 जनवरी 2026 को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मेजबान टीम को न्यूजीलैंड के हाथों 7 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद अपनी निराशा जाहिर करते हुए स्वीकार किया कि फील्डिंग की गलतियां अब एक गंभीर और लगातार होने वाली समस्या बनती जा रही हैं। गिल ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि आप महत्वपूर्ण मौके नहीं भुनाते, तो इस फॉर्मेट में हार का सामना करना ही पड़ता है।
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इस मैच का सबसे सकारात्मक पहलू केएल राहुल की शानदार बल्लेबाजी रही। राहुल ने 92 गेंदों में 112 रनों की नाबाद पारी खेलकर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जो दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी भी अपने करियर में नहीं कर पाए थे। राहुल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे शतक जड़ने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं।
उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 2 छक्के लगाए। इतना ही नहीं, वह राजकोट के मैदान पर वनडे शतक बनाने वाले पहले भारतीय भी बने। 2025 के बाद से मिडिल ऑर्डर में राहुल का दबदबा बढ़ा है और डेथ ओवर्स में उनका स्ट्राइक रेट दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को टक्कर दे रहा है।
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डेरिल मिशेल का तूफान और कीवी टीम का पलटवार
285 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को शुरुआती झटके जरूर लगे, लेकिन डेरिल मिशेल के अजेय 131 रनों ने मैच का पासा पलट दिया। मिशेल ने 117 गेंदों की अपनी पारी में 11 चौके और 2 छक्के जड़कर भारत के खिलाफ अपना तीसरा और कुल आठवां वनडे शतक पूरा किया।
उन्हें इस मैच जिताने वाली पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। मिशेल और विल यंग (87 रन) के बीच हुई 162 रनों की विशाल साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया और कीवी टीम ने 47.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
कैच छूटे और मैच भी: 36वें ओवर का वो टर्निंग पॉइंट
मैच का सबसे निर्णायक क्षण 36वें ओवर में आया जब भारत की खराब फील्डिंग एक बार फिर उजागर हुई। उस समय डेरिल मिशेल 82 रन पर खेल रहे थे। कुलदीप यादव के इस ओवर में रवींद्र जडेजा ने पहले एक आसान रन-आउट का मौका गंवाया और ठीक अगली गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने मिशेल का एक सीधा कैच छोड़ दिया।
इन दो जीवनदानों का मिशेल ने भरपूर फायदा उठाया और भारत की झोली से मैच छीन लिया। कप्तान गिल सहित टीम के सबसे सुरक्षित फील्डरों द्वारा की गई इन असामान्य गलतियों ने प्रशंसकों को सोशल मीडिया पर आक्रोश व्यक्त करने पर मजबूर कर दिया।
गेंदबाजी में पैनापन की कमी और कुलदीप-जडेजा का फीका प्रदर्शन
भारतीय गेंदबाजों के लिए भी राजकोट की पिच चुनौतीपूर्ण रही। हर्षित राणा ने जरूर अपनी गति और स्विंग से प्रभावित किया और डेवोन कॉनवे का ऑफ स्टंप उखाड़ा, लेकिन स्पिन विभाग उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने मिलकर अपने 18 ओवरों में 126 रन लुटाए और केवल एक विकेट हासिल किया।
कुलदीप ने बहुत छोटी गेंदें फेंकी और स्टंप के पीछे से राहुल के बार-बार टोकने के बावजूद गेंद को हवा में नहीं उछाला। वहीं न्यूजीलैंड के डेब्यूटेंट स्पिनर जेडन लेनोक्स ने 10 ओवर में मात्र 42 रन देकर एक विकेट लिया, जो भारतीय स्पिनरों के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावी रहा।
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शुभमन गिल की कप्तानी पारी और शीर्ष क्रम का पतन
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही थी। रोहित शर्मा (24) और शुभमन गिल (56) ने पहले विकेट के लिए 70 रन जोड़े। गिल ने लगातार दूसरी हाफ-सेंचुरी लगाई, लेकिन उनके आउट होते ही पारी लड़खड़ा गई।
विराट कोहली मात्र 23 रन बनाकर क्लीन बोल्ड हो गए और श्रेयस अय्यर भी 8 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गए। भारत एक समय 118 रनों पर 4 विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था, जिसके बाद केएल राहुल और रवींद्र जडेजा (27 रन) ने पारी को संभालते हुए स्कोर को 284 तक पहुँचाया।
फील्डिंग कोच टी. दिलीप और एशिया कप के पुराने जख्म
भारत की खराब फील्डिंग का मुद्दा अब कोच टी. दिलीप की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है। गौरतलब है कि एशिया कप में भी भारत का कैचिंग रिकॉर्ड काफी खराब रहा था, जहाँ टीम ने 12 मौके गंवाए थे।
प्रशंसकों और विश्लेषकों का मानना है कि यदि फील्डिंग स्टैंडर्ड में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आगामी टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। कप्तान गिल ने भी माना कि यह एक ऐसा पहलू है जिसमें सुधार की निरंतर कोशिश की जा रही है, लेकिन परिणाम अभी तक संतोषजनक नहीं रहे हैं।
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इंदौर में होगा फैसला: अब ‘करो या मरो’ की स्थिति
राजकोट में न्यूजीलैंड की 7 विकेट से जीत के साथ ही तीन मैचों की सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आ गई है। सीरीज का निर्णायक और आखिरी वनडे मैच रविवार, 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा।
भारतीय टीम के लिए यह अपनी गलतियों को सुधारने और भारत की खराब फील्डिंग के दाग को धोने का आखिरी मौका होगा। क्या टीम इंडिया इंदौर में पलटवार कर सीरीज अपने नाम कर पाएगी या कीवी टीम भारत में इतिहास रचेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
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