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ओटीटी प्रतिबंध: सॉफ्ट पोर्न सामग्री पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

ओटीटी प्रतिबंध

अभिनेत्री और राजनेता कंगना रनौत ने सॉफ्ट पोर्न सामग्री दिखाने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले का तहे दिल से स्वागत किया है। उन्होंने इसे हमारी संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के संरक्षण के लिए एक बेहद सराहनीय कदम बताया है। सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स तक सार्वजनिक पहुंच को बंद करने का निर्देश दिया है, जिसमें उल्लू, एएलटीटी और देसीफ्लिक्स जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

कंगना का दो टूक बयान

IANS से विशेष बातचीत में ‘क्वीन’ फेम कंगना ने कहा:

“यह प्रतिबंध लंबे समय से ज़रूरी था। ओटीटी पर अश्लीलता और सॉफ्ट पोर्न को खुलेआम बढ़ावा दिया जा रहा था। यह सिर्फ नैतिकता ही नहीं, सामाजिक सुरक्षा का भी प्रश्न है।”

कंगना ने कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों को विकृति से बचाने और समाज को नैतिक पतन से रोकने के लिए उठाया गया है। उन्होंने ‘अवैध’ चल रहे ऐप्स और वेबसाइट्स के खिलाफ तत्काल कार्रवाई को भी सराहा।

प्रमुख बिंदु :

  • कंगना रनौत ने प्रतिबंध को संस्कृति और युवा संरक्षण का जरूरी कदम बताया
  • 25 ओटीटी ऐप्स पर आपत्तिजनक सामग्री के कारण सार्वजनिक पहुँच बंद
  • रवि किशन बोले– ‘मनोरंजन की भी लक्ष्मण रेखा होती है’
  • IT अधिनियम और BNS के तहत कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद निर्णय
  • 2022 से अब तक 1,500 से अधिक जुआ ऐप्स पर भी प्रतिबंध

सरकार की कार्रवाई और कानूनी आधार

सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) को इन वेबसाइटों तक सार्वजनिक पहुँच को अक्षम या हटाने का अनुरोध किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने दूरसंचार विभाग के निदेशक (DS-II) को भी ISP द्वारा अनुपालन को सुगम बनाने की सूचना दी है।

  • मंत्रालय ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध का आदेश जारी किया।
  • ये प्लेटफॉर्म्स विभिन्न भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते पाए गए थे।
  • अवैध सामग्री के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, 67ए लागू।

ये ऐप्स सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 294, और महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 का उल्लंघन करते पाए गए हैं।

किन प्लेटफॉर्म्स पर लगा प्रतिबंध?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कुल 25 ओटीटी ऐप्स और वेबसाइट्स की सार्वजनिक पहुँच बंद करने के निर्देश इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को दिए हैं:

  • ULLU, ALTT, Desiflix, Big Shots App
  • NeonX VIP, Feneo, ShowX, Adda TV
  • Jalwa App, Boomex, Gulab App, MoodX
  • Look Entertainment, Soul Talkies, Triflix
  • Kangana App, Navrasa Lite, Phuggi
  • Wow Entertainment, HitPrime, Mojflix आदि

न्यायालय का रुख और जनहित याचिकाएं

याद दिला दें कि अप्रैल में, ओटीटी और सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, “यह हमारा अधिकार क्षेत्र नहीं है, आप कुछ करें।”

  • सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कार्यकारी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • अश्लील सामग्री के खिलाफ जनहित याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दायर हुई थी।
  • न्यायालय ने स्पष्ट किया, यह कार्यपालिका का क्षेत्र है, हमारा नहीं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कार्यकारी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया था, जिस पर अब कंगना ओटीटी प्रतिबंध के रूप में कार्रवाई हुई है।

अन्य हस्तियों का समर्थन और ‘लक्ष्मण रेखा’ का महत्व

कंगना रनौत के अलावा, अभिनेता-सांसद रवि किशन सहित कई अन्य लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मनोरंजन में “सीमाएँ और सीमाएँ निर्धारित करने की आवश्यकता है।” रवि किशन ने इसे भारत की संस्कृति के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण फैसला बताया। उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म सॉफ्ट पोर्न और अश्लील फिल्में बना रहे हैं, इसलिए यह वास्तव में एक अच्छा फैसला है।

  • रवि किशन ने भी मनोरंजन में सीमाएं निर्धारित करने की बात कही।
  • उन्होंने इस सरकारी फैसले को भारतीय संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण माना।

अवैध जुआ प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई

सरकार ने केवल अश्लील सामग्री ही नहीं, बल्कि अवैध जुआ वेबसाइटों और ऐप्स पर भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। बुधवार को संसद को सूचित किया गया कि सरकार ने 2022 से जून 2025 के बीच 1,524 अवैध जुआ वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि यह कदम विदेशी ऑनलाइन जुआ प्लेटफार्मों पर बढ़ती चिंता के बीच उठाया गया है।

  • सरकार ने 1500 से अधिक अवैध जुआ साइट्स पर रोक लगाई है।
  • यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी पर बढ़ती चिंताओं के कारण हुई।

IT नियमों का पालन और भविष्य की दिशा

आईटी नियम, 2021 के नियम 3(1)(डी) के अनुसार, मध्यस्थों को कानून द्वारा निषिद्ध किसी भी गैरकानूनी जानकारी को होस्ट, संग्रहीत या प्रकाशित नहीं करना चाहिए। एमआईबी ने आईटी नियम, 2021 के नियम 7 का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि इन नियमों का पालन न करने वाले मध्यस्थ को अधिनियम की धारा 79(1) द्वारा संरक्षित नहीं किया जाएगा। सरकार की नीतियों का उद्देश्य अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करना है। यह कंगना ओटीटी प्रतिबंध इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • आईटी नियमों का पालन करना मध्यस्थों के लिए अनिवार्य है।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर मध्यस्थों को दंड का सामना करना होगा।

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