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मुंबई बस दुर्घटना CCTV: भांडुप में बेस्ट बस का कहर, 4 की मौत और 9 घायल

मुंबई बस दुर्घटना CCTV

मुंबई बस दुर्घटना CCTV में कैद हुई यह खौफनाक त्रासदी सोमवार रात मुंबई के भांडुप रेलवे स्टेशन के पास घटित हुई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

एक तेज रफ्तार बेस्ट (BEST) बस ने कतार में खड़े और सड़क किनारे चल रहे यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और कम से कम नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज में रात ठीक 10.05 बजे के वे खौफनाक पल कैद हुए हैं जब मौत बनकर आई बस ने लोगों को कुचल दिया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई मौत की लाइव तस्वीरें

भांडुप स्टेशन रोड पर हुई इस घटना का दिल दहला देने वाला वीडियो पास की एक साड़ी की दुकान के बाहर लगे कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि रात के समय लोग कतार में लगकर बस का इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए पास की दुकानों के अंदर भागने लगे।

कुछ ही सेकंड में बस का पिछला टायर फ्रेम में आता है और यात्रियों को बेरहमी से कुचल देता है। मुंबई बस दुर्घटना CCTV के सबसे परेशान करने वाले दृश्य में एक व्यक्ति को तेज रफ्तार से पीछे हटती बस के नीचे दबते हुए देखा गया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और स्टेशन क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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यू-टर्न लेते समय बेकाबू हुई इलेक्ट्रिक बस

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, दुर्घटना में शामिल बस रूट नंबर 606 पर चल रही थी, जो नागरदास नगर और भांडुप स्टेशन के बीच चलती है। यह 9-मीटर की एयर-कंडीशन्ड ओलेक्ट्रा इलेक्ट्रिक बस थी, जो बेस्ट के लिए वेट लीज पर संचालित की जा रही थी।

बताया जा रहा है कि 52 वर्षीय ड्राइवर संतोष रमेश सावंत पास के बस डिपो में जाने के लिए यू-टर्न ले रहा था। इसी दौरान उसने संभवतः ब्रेक के बजाय गलती से एक्सीलरेटर दबा दिया, जिससे बस अनियंत्रित हो गई। बस ने पहले एक खंभे को टक्कर मारी और फिर फुटपाथ पर चढ़कर वहां मौजूद 10 से 12 लोगों को रौंद दिया।

मृतकों में अभिनेत्री और नर्स शामिल: हताहतों की पहचान

पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने इस हादसे में चार मौतों की पुष्टि की है, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। मृतकों की पहचान सायन अस्पताल में कार्यरत नर्स मानसी गुरव (45), छोटी-मोटी भूमिकाएं निभाने वाली एक्ट्रेस प्रणिता रसम (31), वर्षा सावंत (25) और ट्रैफिक विभाग में कार्यरत प्रशांत शिंदे के रूप में हुई है।

मुंबई बस दुर्घटना CCTV फुटेज देखने के बाद प्रत्यक्षदर्शी फार्मासिस्ट सैमिनी मुदलियार ने बताया कि मंजर इतना भयानक था कि एक व्यक्ति का सिर बुरी तरह कुचला गया था। घायलों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए राजावाड़ी, एमटी अग्रवाल और फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जानलेवा हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए प्रशासन को पीड़ितों की हरसंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपातकालीन टीमों को मौके पर तैनात किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन रोड को अस्थाई रूप से बंद कर दिया।

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ड्राइवर हिरासत में और तकनीकी जांच के आदेश

भांडुप पुलिस ने बस चालक संतोष रमेश सावंत को हिरासत में ले लिया है। सावंत कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कार्यरत था। घटना के तुरंत बाद BEST प्रशासन ने उसे सस्पेंड कर दिया है और एक आंतरिक जांच के आदेश जारी किए हैं।

पुलिस उपायुक्त (DCP) हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि बस की गहन जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किसी मैकेनिकल या टेक्निकल खराबी की वजह से हुई या यह पूरी तरह मानवीय भूल थी। पुलिस अब लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की प्रक्रिया में है।

फेरीवालों के अतिक्रमण और सुरक्षा पर उठते सवाल

इस त्रासदी ने भांडुप स्टेशन के बाहर की अव्यवस्था को भी उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका उपनगर के सबसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में से एक है। फुटपाथ का अधिकांश हिस्सा फेरीवालों ने घेर रखा है, जिसके कारण यात्रियों को मजबूरन मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है।

मुंबई बस दुर्घटना CCTV में भी यह स्पष्ट होता है कि सड़क पर भारी भीड़ थी। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि फेरीवालों के कब्जे की वजह से बसों को यू-टर्न लेने में भारी दिक्कत होती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।

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पिछले साल के कुर्ला हादसे की यादें हुईं ताजा

यह घटना पिछले साल 9 दिसंबर को कुर्ला में हुई बेस्ट बस दुर्घटना की याद दिलाती है, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी और 37 घायल हुए थे। उस समय इलेक्ट्रिक बसों के ड्राइवरों की ट्रेनिंग में बड़ी कमियां पाई गई थीं। वर्तमान हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन संचालन और ड्राइवरों के प्रशिक्षण पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के संवेदनशील एक्सीलरेशन सिस्टम को संभालने के लिए विशेष अनुभव की आवश्यकता होती है, जिसकी कमी अक्सर ऐसे बड़े हादसों का कारण बनती है।

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