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मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स मेयर पद पर घमासान शिंदे ने पार्षदों को होटल भेजा

मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स

2026 के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव नतीजों के बाद देश की सबसे अमीर महानगरपालिका में सत्ता का संघर्ष अपने चरम पर पहुंच गया है। मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की नाटकीय वापसी उस समय हुई जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के बांद्रा स्थित आलीशान पांच सितारा होटल ‘ताज लैंड्स एंड’ में शिफ्ट कर दिया। इस कदम के पीछे मुख्य कारण विपक्षी खेमे द्वारा पार्षदों की संभावित खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) और दलबदल का डर बताया जा रहा है। शिंदे गुट का मानना है कि उनकी 29 सीटें बीजेपी के लिए मेयर चुनने में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएंगी। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आधिकारिक तर्क है कि पार्षदों को चुनाव के बाद “ताजा” महसूस करने और उनके “ओरिएंटेशन” के लिए होटल ले जाया गया है, लेकिन हकीकत में यह संख्या बल को सुरक्षित रखने की एक सोची-समझी रणनीति है।

मेयर कार्यकाल के बंटवारे की मांग और बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी

शिंदे सेना ने मुंबई के मेयर पद के लिए 2.5 साल के कार्यकाल के बंटवारे का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी चाहती है कि पांच साल के कार्यकाल के पहले आधे हिस्से में उनका मेयर हो। यह मांग इसलिए भी अहम है क्योंकि 23 जनवरी को शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की 100वीं जन्म शताब्दी मनाई जा रही है और पार्टी उन्हें यह पद एक उचित श्रद्धांजलि के रूप में देना चाहती है। हालांकि, बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित सातम ने ऐसी किसी भी औपचारिक चर्चा से इनकार किया है। उन्होंने जोर दिया कि मेयर 2.5 साल के लिए हो या 5 साल के लिए, मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार मुक्त शासन और मुंबई का विकास है। दूसरी ओर, राहुल नार्वेकर का मानना है कि आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी इस पद की स्वाभाविक दावेदार है।

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देवेंद्र फडणवीस का रुख और महायुति में एकजुटता का दावा

बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेदों की अटकलों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मेयर पद से संबंधित सभी निर्णय—जैसे मेयर कौन बनेगा, चुनाव कब होगा और कार्यकाल कितना होगा—वह स्वयं, एकनाथ शिंदे और पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलकर सामूहिक रूप से लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस पर कोई विवाद नहीं है और हम सब मिलकर फैसला करेंगे।” मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स के इस माहौल में बीजेपी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि महायुति गठबंधन के भीतर तालमेल बना रहे और विपक्षी गठबंधन को किसी भी तरह की सेंधमारी का मौका न मिले।

बीएमसी चुनाव 2026: क्या कहते हैं जीत और हार के आंकड़े

राज्य चुनाव आयोग के अंतिम नतीजों के अनुसार, 227 सदस्यीय बीएमसी में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने 65 वार्ड जीतकर अपनी ताकत दिखाई है, जबकि शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। कांग्रेस ने 24, राज ठाकरे की MNS ने 6, AIMIM ने 8, और समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीती हैं। अजीत पवार की NCP को 3 और शरद पवार की NCP (SP) को केवल 1 सीट मिली है। बहुमत का आंकड़ा 114 है और वर्तमान में बीजेपी-शिंदे गठबंधन (महायुति) के पास 118 सीटें हैं, जो बहुमत से केवल चार अधिक हैं। यही कम अंतर हॉर्स-ट्रेडिंग की आशंका को जन्म दे रहा है।

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उद्धव ठाकरे की ‘ईश्वरीय इच्छा’ वाली धमकी और विपक्षी गणित

उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी को हाशिए पर धकेले जाने की बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुंबई में शिवसेना (UBT) का मेयर बनाना उनका सपना है और “अगर भगवान ने चाहा” तो यह सपना जरूर पूरा होगा। ठाकरे ने बीजेपी पर “धोखे से जीत” हासिल करने और “वफादारी खरीदने की नाकाम कोशिश” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है बल्कि शुरू हुई है। यदि पूरा विपक्ष—जिसमें UBT, कांग्रेस, MNS, और अन्य शामिल हैं—एकजुट हो जाए, तो उनकी संख्या 106 तक पहुंच सकती है, जो बहुमत से केवल 8 सीटें कम है। इसी गणित ने सत्ताधारी गठबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

2022 के विद्रोह की यादें और ‘सेफ कस्टडी’ की रणनीति

मौजूदा मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स ने जून 2022 की उन यादों को ताजा कर दिया है जब एकनाथ शिंदे ने महा विकास अघाड़ी सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था और अपने विधायकों को असम के होटल में रखा था। अब लगभग चार साल बाद, वही रणनीति फिर से अपनाई जा रही है ताकि मुंबई के नागरिक प्रशासन पर नियंत्रण हासिल किया जा सके। शिंदे खेमे पर अपनी पार्टी के भीतर से भी दबाव है कि वे मेयर का पद सुनिश्चित करें, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से बीएमसी पर शिवसेना का वर्चस्व रहा है। विपक्षी उम्मीदवार को पैसे के लालच या धमकाने के आरोपों के बीच, शिंदे अपनी “किंगमेकर” स्थिति का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी की सराहना और जेन-जेड का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की एक जनसभा में बीएमसी के नतीजों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने दुनिया के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक में पहली बार रिकॉर्ड जीत हासिल की है। पीएम मोदी के अनुसार, “यह जीत दिखाती है कि देश के मतदाताओं और जेन-जेड (Gen-Z) को बीजेपी के विकास मॉडल पर कितना भरोसा है।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में बीजेपी के बारे में अफवाहें फैलाई जाती थीं, वहां भी अब मतदाता आशीर्वाद दे रहे हैं। पीएम ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना करार दिया, जिसने दशकों पुराने ठाकरे परिवार के दबदबे को कागज पर खत्म कर दिया है।

भविष्य की राह: खरीद-फरोख्त बनाम गठबंधन धर्म

आने वाले दिन मुंबई की राजनीति के लिए निर्णायक होंगे। क्या बीजेपी-शिंदे गठबंधन अपनी 118 सीटों को सुरक्षित रख पाएगा या विपक्षी गठबंधन कोई बड़ा खेल दिखाएगा? बीएमसी के भारी-भरकम बजट और राजनीतिक महत्व को देखते हुए सत्तारूढ़ महायुति कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। मुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स यह दर्शाती है कि लोकतांत्रिक जीत के बाद भी अपनी ही जीत को बचाने की चुनौती कितनी बड़ी है। मेयर का चुनाव होने तक सभी की नजरें बांद्रा के उस होटल और उद्धव ठाकरे के अगले कदमों पर टिकी रहेंगी। यह लड़ाई केवल एक पद की नहीं, बल्कि मुंबई की अस्मिता और आने वाले विधानसभा चुनावों की नींव तैयार करने की है।

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