गणतंत्र दिवस 2026: खालिस्तानी आतंकी खतरे के बीच दिल्ली हाई अलर्ट
77वें गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार खालिस्तानी संगठनों और बांग्लादेश स्थित इस्लामी समूहों द्वारा बड़े आतंकी खतरों की चेतावनी दी है। न्यूज़ एजेंसी ANI और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अनुसार, यह अलर्ट पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर है। खुफिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि पंजाब के गैंगस्टर अब विदेश से काम कर रहे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर्स के लिए ‘फुट सोल्जर’ के रूप में काम कर रहे हैं। ये हैंडलर अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाने और भारत की आंतरिक सुरक्षा को बाधित करने के लिए स्थानीय आपराधिक नेटवर्क का फायदा उठा रहे हैं। दिल्ली-NCR के अलावा हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी इन गिरोहों की सक्रियता देखी गई है, जो धीरे-धीरे आतंकी तत्वों के साथ गहरे ऑपरेशनल लिंक स्थापित कर रहे हैं।
विदेशी हैंडलर्स और स्थानीय गैंगस्टरों का खतरनाक गठजोड़
खुफिया इनपुट के अनुसार, खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF), जिसका नेतृत्व कनाडा स्थित अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला कर रहा है, और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसे संगठन राजधानी को दहलाने की फिराक में हैं। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पंजाब, उत्तर भारत और एनसीआर में सक्रिय इन संगठित अपराध गिरोहों के पास न केवल स्थानीय हथियार हैं, बल्कि आधुनिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी है। रिपोर्टों के अनुसार, रंजीत सिंह नीता और AQIS सदस्य मोहम्मद अबू सूफियान सहित अन्य वांछित आतंकवादियों के पोस्टर दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए हैं। ये अपराधी विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं, जिससे गणतंत्र दिवस 2026 के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा हो गई है।
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बांग्लादेशी कट्टरपंथियों की घुसपैठ और “स्टैंड-ऑफ” हमले की साजिश
खुफिया सूत्रों ने एक और चिंताजनक खुलासा किया है कि बांग्लादेशी कट्टरपंथी संगठन भारत की सीमा में घुसपैठ करने की तैयारी कर रहे हैं। ये समूह राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों और रणनीतिक स्थानों पर “स्टैंड-ऑफ” हमलों (दूर से निशाना बनाने वाले हमले) की साजिश रच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये संगठन 26 जनवरी से पहले दिल्ली और देश के अन्य प्रमुख शहरों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में एक अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक भी हुई, जिसमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते विफल किया जा सके।
ऑपरेशन गैंग-बस्ट 2026: अपराधियों पर दिल्ली पुलिस का प्रहार
आतंकी खतरों को भांपते हुए दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंग-बस्ट 2026’ शुरू किया है, जिसके तहत एहतियाती कदम उठाते हुए 854 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने छह राज्यों में फैले 4,000 ठिकानों पर छापेमारी की और गैंगस्टर सप्लाई चेन को निशाना बनाया। इस कार्रवाई के दौरान एक अवैध आग्नेयास्त्र निर्माण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, जो दिल्ली-NCR, यूपी और हरियाणा में अपराधियों को हथियार सप्लाई करता था। पुलिस ने इस दौरान 20 देसी पिस्तौल, 12 ज़िंदा कारतूस और भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने की मशीनरी बरामद की है। गणतंत्र दिवस 2026 की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।
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लाल किला और मेट्रो स्टेशनों पर आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए उत्तरी जिला पुलिस और स्पेशल सेल ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मॉक ड्रिल की एक श्रृंखला आयोजित की है। जनवरी 2026 के पहले पखवाड़े में लाल किला, ISBT कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार और दिल्ली यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशन जैसे स्थानों पर चार सिमुलेशन अभ्यास किए गए। इन अभ्यासों में बम धमाकों और आतंकवादी हमलों के नकली परिदृश्यों को शामिल किया गया था ताकि सुरक्षा एजेंसियों के रिस्पॉन्स टाइम का मूल्यांकन किया जा सके। इस ड्रिल में SWAT, PCR, CATS, दिल्ली फायर सर्विस, डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल स्क्वाड जैसी कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया।
हवाई खतरों पर पाबंदी और नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन
सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने दिल्ली के कुछ स्थानों पर ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट-एयर बैलून उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। नागरिकों से विशेष आग्रह किया गया है कि अगर उन्हें कोई भी लावारिस वस्तु, संदिग्ध ड्रोन या गतिविधि दिखे तो वे तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह को देखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रमुख प्रवेश बिंदुओं और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा बलों का ध्यान सक्रिय रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया पर है ताकि सभी नागरिक बिना किसी डर के इस राष्ट्रीय उत्सव में भाग ले सकें।
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ट्रैफिक एडवाइजरी और राष्ट्रपति भवन के दर्शन पर रोक
गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के कारण 17, 19, 20 और 21 जनवरी को कर्तव्य पथ के पास दिल्ली के कई मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही, समारोह की तैयारियों और बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट 1) 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी, जो उत्सव के समापन का प्रतीक है, 29 जनवरी को विजय चौक पर आयोजित होगी। इस अवधि के दौरान कर्तव्य पथ और उसके आसपास के रास्तों का उपयोग करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का पालन करने की सलाह दी गई है।
कर्तव्य पथ पर दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत
इतने कड़े सुरक्षा पहरे के बीच, गणतंत्र दिवस समारोह की भव्यता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस साल कर्तव्य पथ पर कम से कम 30 झांकियां निकलेंगी, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकासात्मक उपलब्धियों का जीवंत प्रदर्शन करेंगी। यह परेड न केवल भारत की सैन्य ताकत बल्कि उसकी विविधता और प्रगति का भी प्रतीक होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जनता का उत्साह कम न हो और 26 जनवरी का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी गरिमा और सुरक्षा के साथ संपन्न हो।
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