BJP राज में मुलुंड में ऑटोरिक्शा पर मेट्रो स्लैब गिरा,1 की मौत और 3 घायल
मेट्रो स्लैब गिरा और एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। शनिवार दोपहर करीब 12:15 से 12:20 बजे के बीच मुंबई के मुलुंड वेस्ट स्थित व्यस्त एलबीएस (LBS) मार्ग पर एक बड़ा हादसा हो गया।
जॉनसन एंड जॉनसन फैक्ट्री के पास मेट्रो लाइन 4 के निर्माणाधीन कॉरिडोर के पियर नंबर P196 से कंक्रीट का एक भारी हिस्सा अचानक नीचे गुजर रहे एक ऑटोरिक्शा और स्कोडा कार पर गिर गया।
यह हादसा इतना भीषण था कि ऑटोरिक्शा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस दुखद घटना में उत्तर प्रदेश के जौनपुर से मुंबई घूमने आए 55 वर्षीय रामधन यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
व्यस्त एलबीएस रोड पर अफरा-तफरी और राहत कार्य
घटना के तुरंत बाद व्यस्त सड़क पर चीख-पुकार मच गई और ट्रैफिक पूरी तरह थम गया। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, मेट्रो अथॉरिटी, वार्ड स्टाफ और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं।
बचाव दल ने मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव (45), महेंद्र प्रताप यादव (52) और दीपा रूहिया (40) शामिल हैं।
राजकुमार की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें पास के अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। अन्य दो घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।
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मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश और मुआवजे का ऐलान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने जानकारी दी कि सीएम ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
राज्य सरकार ने मृतक रामधन यादव के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
सीएम फडणवीस ने कहा कि सुरक्षा पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की है।
MMRDA की सफाई और हाई-लेवल जांच कमेटी का गठन
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA), जो इस प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी है, ने घटना की जांच के लिए डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) बसवराज एम. भद्रगोंड की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है।
अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि ऊंचाई से गिरने वाला हिस्सा 6X4 स्क्वायर फुट का एक पैरापेट सेगमेंट था। मेट्रो स्लैब गिरा होने की प्राथमिक वजहों का पता लगाने के लिए कमेटी निर्माण के तरीकों, क्वालिटी कंट्रोल, सुपरविज़न और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी।
MMRDA ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ विजुअल्स अलग जगह के हैं। सावधानी के तौर पर उस विशेष हिस्से का निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।
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विधायक मिहिर कोटेचा ने लगाया लापरवाही का संगीन आरोप
स्थानीय विधायक मिहिर कोटेचा ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर कॉन्ट्रैक्टर और अथॉरिटी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। कोटेचा ने दावा किया कि पिलर के हिस्से को उठाने के लिए जहां चार हुक की जरूरत थी, वहां सिर्फ दो हुक का इस्तेमाल किया गया, जिसके उनके पास सबूत हैं।
उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर को तुरंत ब्लैकलिस्ट और सस्पेंड करने की मांग की है। वहीं, मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने भी कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी घटना का संज्ञान लिया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष हमलावर: आदित्य ठाकरे और वर्षा गायकवाड़ ने उठाए सवाल
हादसे के बाद राजनीति भी गरमा गई है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सरकार को घेरते हुए कहा कि “बीजेपी राज में जान की कोई कीमत नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ट्रैक्टर्स को बचाने के लिए केवल छोटी पेनल्टी लगाई जाती है और काम पूरा होने से पहले ही खंभों पर पेंट कर दिया जाता है।
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी तीखा सवाल किया कि क्या मुंबई के लोगों की जान इतनी सस्ती हो गई है? उन्होंने पूछा कि क्या काम जल्दी पूरा करने के चक्कर में क्वालिटी और सुरक्षा मानकों से समझौता किया जा रहा है?
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वरुण ग्रोवर का तीखा तंज: इंसानी जान की पूरी अनदेखी
मुलुंड में जब मेट्रो स्लैब गिरा, तो गीतकार वरुण ग्रोवर ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा कि मुंबई शायद भारत का सबसे भ्रष्ट शहर है, जहां अर्बन प्लानिंग खराब है और इंसानी जान की पूरी अनदेखी की जाती है।
उन्होंने कहा कि कमर्शियल राजधानी होने के बावजूद यहां की सड़कें गांवों से भी बदतर हैं। चश्मदीदों ने बताया कि सड़क पर कंक्रीट के टुकड़े और कुचली हुई गाड़ियां देखकर हर कोई सहम गया था, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा पर फिर से बहस छिड़ गई है।
मेट्रो लाइन-4 की सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां
मेट्रो लाइन 4 एक निर्माणाधीन कॉरिडोर है जो दक्षिण-मध्य मुंबई के वडाला को ठाणे से जोड़ता है। इसका एक बड़ा हिस्सा व्यस्त एलबीएस मार्ग के ऊपर से गुजरता है, जो घाटकोपर, विक्रोली और मुलुंड जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ता है।
इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है, ऐसे में मेट्रो स्लैब गिरा होने जैसी घटनाएं भविष्य के लिए बड़ा खतरा हैं। MMRDA ने भरोसा दिया है कि घायलों का पूरा मेडिकल खर्च वहन किया जाएगा और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी किसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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