शाहिद कपूर फिल्म विवाद: मुंबई कोर्ट ने ‘ओ रोमियो’ की रिलीज को दी मंजूरी
शाहिद कपूर फिल्म विवाद पर शनिवार को मुंबई की एक सेशंस कोर्ट ने अपना बड़ा फैसला सुनाते हुए फिल्म ‘ओ रोमियो’ की रिलीज को मंजूरी दे दी है। दिवंगत हुसैन शेख, जिन्हें अंडरवर्ल्ड में ‘हुसैन उस्तरा’ के नाम से जाना जाता था, उनकी बेटी सनोबर शेख द्वारा दायर याचिका को कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। सनोबर शेख ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग करते हुए दावा किया था कि यह फिल्म उनके पिता के जीवन और विरासत को गलत तरीके से पेश करती है।
हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एच. सी. शेंडे ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए साफ किया कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है। इस आदेश के साथ ही फिल्म निर्माताओं को 13 फरवरी को तय रिलीज के साथ आगे बढ़ने की कानूनी मंजूरी मिल गई है, जो शाहिद कपूर और पूरी टीम के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
पिता की छवि को लेकर बेटी के दावे: पत्रकार या गैंगस्टर?
इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में हुसैन उस्तरा का चरित्र चित्रण है। सनोबर शेख ने वकील डी. वी. सरोज के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया कि उनके पिता कोई गैंगस्टर नहीं थे, जैसा कि फिल्म के ट्रेलर में कथित तौर पर दिखाया गया है। याचिका के अनुसार, उस्तरा एक पत्रकार थे जो मुंबई पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) जैसी सरकारी एजेंसियों की मदद करते थे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय से बुलेट-प्रूफ जैकेट के लिए मंजूरी मिलने का भी जिक्र किया।
शेख का तर्क है कि उनके पिता मुखबिर के तौर पर काम कर रहे थे और दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के लिए एक बड़ा खतरा थे। उनका दावा है कि 11 सितंबर 1998 को उनकी हत्या दाऊद के करीबी छोटा शकील द्वारा करवाई गई थी ताकि गैंग का दबदबा कायम रहे।
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मौत के बाद निजता का अधिकार और कोर्ट की अहम टिप्पणी
बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निजता का अधिकार (Right to Privacy) व्यक्तिगत होता है और किसी व्यक्ति की मृत्यु के साथ ही समाप्त हो जाता है। शाहिद कपूर फिल्म विवाद की सुनवाई में यह दलील दी गई कि परिवार के सदस्य किसी कलात्मक कृति को रोकने के लिए विरासत के रूप में निजता के अधिकार का दावा नहीं कर सकते।
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि वादी ने पहले निर्माताओं से 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी, जिससे यह प्रतीत होता है कि शिकायत वित्तीय प्रकृति की है। कोर्ट ने कहा कि जब नुकसान की भरपाई पैसे से संभव हो, तो रिलीज पर रोक लगाना कानूनन सही नहीं है।
फिल्म निर्माताओं का तर्क: ‘ओ रोमियो’ एक काल्पनिक रचना है
निर्माता साजिद नाडियाडवाला और निर्देशक विशाल भारद्वाज के वकीलों, अश्विन भालेकर और ऋषि भूटा ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ‘ओ रोमियो’ पूरी तरह से एक काल्पनिक फिल्म है और इसमें स्पष्ट डिस्क्लेमर शामिल है कि इसके किरदार काल्पनिक हैं।
फिल्म निर्माताओं ने तर्क दिया कि आखिरी समय में फिल्म को रोकने से उनसे जुड़े तीसरे पक्षों को अपूरणीय वित्तीय नुकसान होगा। यह फिल्म हुसैन जैदी के उपन्यास ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर आधारित बताई जा रही है। कोर्ट ने माना कि निर्माताओं ने सेंसरशिप से बचने के लिए उचित सावधानी बरती है और प्री-स्क्रीनिंग की मांग को न्यायिक सेंसरशिप बताते हुए खारिज कर दिया।
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प्रदीप शर्मा के इंटरव्यू का हवाला और प्री-स्क्रीनिंग की मांग
याचिका में पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के एक इंटरव्यू का भी उल्लेख किया गया था। सनोबर शेख ने दावा किया कि शर्मा ने फिल्म को हुसैन उस्तरा की असल जिंदगी से प्रेरित बताया था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया था कि फिल्म की रिलीज से पहले एक कोर्ट कमिश्नर या स्वतंत्र अथॉरिटी नियुक्त कर इसकी प्री-स्क्रीनिंग की जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस नहीं पहुंच रही है।
हालांकि, कोर्ट ने इस मांग को ठुकराते हुए कहा कि वादी रिलीज की तारीख नजदीक आने पर ही कोर्ट पहुंची, जबकि फिल्म की घोषणा 2024 के अंत में ही सार्वजनिक रूप से कर दी गई थी।
अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि और ‘ओ रोमियो’ की विशाल स्टार कास्ट
विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित यह फिल्म मुंबई के अंडरवर्ल्ड की डार्क और इमोशनल कहानी बयां करती है। शाहिद कपूर फिल्म विवाद के बावजूद, फिल्म के ट्रेलर और गीतों को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है। फिल्म में शाहिद कपूर के साथ तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, दिशा पटानी, तमन्ना भाटिया और फरीदा जलाल जैसे दिग्गज कलाकार अहम रोल निभा रहे हैं। यह प्रोजेक्ट साजिद नाडियाडवाला के बैनर तले बनाया गया है और इसे वैलेंटाइन डे वीकेंड यानी 13 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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प्रमोशन के दौरान हंगामा: ‘पान की दुकान’ सॉन्ग लॉन्च पर अफरा-तफरी
फिल्म की रिलीज से पहले कानूनी झमेलों के बीच एक और घटना ने सबका ध्यान खींचा। मुंबई में आयोजित फिल्म के नए गाने ‘पान की दुकान’ के लॉन्च इवेंट के दौरान शाहिद कपूर प्रशंसकों की बेकाबू भीड़ से घिर गए। जब शाहिद ने कुछ फैंस को स्टेज पर डांस के लिए बुलाया, तो भारी संख्या में लोग मंच पर चढ़ आए, जिससे सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शाहिद को कुछ समय के लिए स्टेज से नीचे उतरना पड़ा। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था बहाल होने के बाद वे वापस लौटे और प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करते हुए कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।
कानूनी लड़ाई का अगला पड़ाव: हाई कोर्ट जाने की तैयारी
भले ही सेशंस कोर्ट ने शाहिद कपूर फिल्म विवाद में फिलहाल रिलीज को हरी झंडी दे दी है, लेकिन यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। सनोबर शेख के वकील ने संकेत दिए हैं कि वे इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। मुख्य सिविल सूट की सुनवाई अभी भी 12 मार्च के लिए पेंडिंग है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि रचनात्मक अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार और व्यक्ति की प्रतिष्ठा के बीच का यह संघर्ष अब उच्च न्यायालय के गलियारों में गूंजेगा। फिलहाल के लिए, ‘ओ रोमियो’ की टीम राहत की सांस ले सकती है क्योंकि फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो चुका है।
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