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“नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: दिवाली बाद उड़ानें और भविष्य की योजना”

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिवाली के बाद अपना परिचालन शुरू कर देगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने इस खबर की पुष्टि की है, जिसके बाद से क्षेत्र में विकास की नई लहर की उम्मीद जगी है। इस अत्याधुनिक हवाई अड्डे का उद्घाटन 30 अक्टूबर को होने जा रहा है, और व्यावसायिक उड़ानें इसके 45 दिन बाद शुरू हो जाएंगी।

यह हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देगा, जिससे यात्रियों को एक और अंतरराष्ट्रीय विकल्प मिलेगा। इसका लक्ष्य 2050 तक भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनना है, जिसकी सालाना क्षमता 7 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी।

पहला चरण हुआ पूरा: रनवे और टर्मिनल का काम अंतिम चरण में

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें रनवे और यात्री टर्मिनल का निर्माण कार्य प्रमुख है। पहले चरण में, हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ निर्धारित की गई है, जो इसे शुरुआती दौर में ही एक महत्वपूर्ण विमानन केंद्र बनाती है।

हवाई अड्डे का रनवे CAT-III मानकों के अनुरूप बनाया गया है, जिससे कम दृश्यता (visibility) में भी उड़ानों का संचालन संभव होगा। वर्तमान में लगभग 9,000 श्रमिक इस परियोजना को अंतिम रूप देने में लगे हैं, जो इसकी भव्यता और बड़े पैमाने पर किए जा रहे काम को दर्शाते हैं।

दिवाली के बाद नोएडा हवाई अड्डे का संचालन शुरू होने से न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी यात्रा करना बेहद आसान हो जाएगा।

DGCA से लाइसेंस मिलते ही उड़ानें होंगी शुरू, यह है प्रक्रिया

व्यावसायिक उड़ानों के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की मंजूरी आवश्यक है, और इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हवाई अड्डे पर विभिन्न परीक्षण किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ सुचारू रूप से चले। एक बार DGCA से लाइसेंस मिल जाने पर ही उड़ान संचालन को हरी झंडी दी जाएगी।

इसके लिए ORAT (Operational Readiness and Airport Transfer) कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। इसके तहत तकनीकी तैयारी और गहन सफाई जैसे कार्य पूरे किए जा रहे हैं। यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दूसरी अंतरराष्ट्रीय हवाई सुविधा बनेगा।

पहली 10 रूट और इंडिगो-आकासा होंगी पहली एयरलाइंस

शुरुआती दौर में इस हवाई अड्डे से 10 मार्गों पर उड़ानें शुरू की जाएंगी। कई एयरलाइंस ने यहां से परिचालन के लिए रुचि दिखाई है। इंडिगो को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली लॉन्च एयरलाइन के रूप में घोषित किया गया है, जबकि आकासा एयर भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना बना रही है।

इसके अलावा, कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ भी बातचीत जारी है, जिससे यह हवाई अड्डा जल्द ही वैश्विक मानचित्र पर आ जाएगा। दिवाली के बाद नोएडा हवाई अड्डे का संचालन शुरू होने की घोषणा व्यापार और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को गति देगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

भविष्य की योजना: 2050 तक छह रनवे और अधिक क्षमता

इस परियोजना की शुरुआत 2019 में हुई थी, और कोविड-19 महामारी के बावजूद इसका निर्माण कार्य प्रभावित नहीं हुआ। भविष्य में, 2050 तक इस हवाई अड्डे पर छह रनवे होंगे, जो इसे भारत का सबसे बड़ा विमानन केंद्र बनाएंगे। यह विस्तार परियोजना न केवल हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ाएगी बल्कि हजारों नई नौकरियों के अवसर भी पैदा करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।

दिवाली के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने से उत्तर प्रदेश को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, और यह राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

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