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उत्तर भारत में भीषण शीतलहर, दिल्ली में पारा गिरा और बर्फबारी का अलर्ट

उत्तर भारत भीषण शीतलहर

उत्तर भारत में भीषण शीतलहर और घने कोहरे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर और मध्य भारत इस समय कड़ाके की ठंड से कांप रहा है।

मौसम विशेषज्ञों और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमालयी क्षेत्रों में ताज़ा बर्फबारी की भविष्यवाणी की है, जिससे मैदानी इलाकों में ठिठुरन और बढ़ने की उम्मीद है। अगले दो दिनों तक स्थिति बेहद गंभीर बनी रहेगी, जिसके बाद ही कुछ मामूली राहत की उम्मीद की जा सकती है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हाड़ कपाने वाली ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर पहाड़ों पर साफ दिखाई देगा। उत्तर भारत में भीषण शीतलहर के बीच 16 जनवरी से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

बादलों का घेरा बढ़ने के कारण ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ताज़ा बर्फबारी होगी, जिसका सीधा असर नीचे के मैदानी राज्यों पर पड़ेगा। ‘मौसम तक’ के संस्थापक देवेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में शीतलहर की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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दिल्ली में ‘फ्रीजर’ जैसे हालात और गिरता पारा

देश की राजधानी इस समय किसी बड़े फ्रीजर जैसी बन गई है। हिमालय से आने वाली बर्फीली हवाएं ज़मीन के स्तर पर फंस गई हैं, क्योंकि ऊपर गर्म हवा की एक भारी परत कंबल की तरह जमी हुई है। इस ‘इन्वर्जन’ प्रभाव के कारण ठंड और स्मॉग नीचे ही फंसे हुए हैं।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 4°C तक पहुंच गया है, जो इस मौसम के सबसे ठंडे दिनों में से एक है। सफदरजंग मौसम स्टेशन ने तो पारा 2.9°C तक दर्ज किया, जो 2023 के बाद जनवरी का सबसे कम तापमान है। मकर संक्रांति की सुबह कुछ इलाकों में तापमान 2°C तक लुढ़क गया था, जो मौजूदा संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

घने कोहरे का ‘रेड अलर्ट’ और यातायात पर ब्रेक

कड़ाके की ठंड के साथ-साथ ‘घने से बहुत घने कोहरे’ ने उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार की रफ्तार रोक दी है। उत्तर भारत में भीषण शीतलहर के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर उड़ानों में भारी देरी हो रही है।

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि उड़ानें CAT III स्थितियों में संचालित हो रही हैं। रेलवे और सड़क यातायात पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। IMD ने यात्रियों को फॉग लाइट का उपयोग करने और यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइंस या रेलवे से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी है।

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हिसार में शून्य के करीब तापमान और राज्यों का हाल

मैदानी इलाकों में ठंड का सबसे क्रूर रूप हरियाणा के हिसार में देखने को मिला, जहाँ न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। IMD ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए 16 जनवरी को “ठंडे दिन से लेकर बहुत ठंडे दिन” की चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है। लगातार ठंड के संपर्क में रहने से फ्लू और नाक से खून बहने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है, जिससे डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

जहरीली हवा और ‘गंभीर’ श्रेणी में AQI का स्तर

ठंड के इस मौसम में दिल्ली-NCR की हवा जानलेवा स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 के आंकड़े को छू गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार (345), अशोक विहार (376), आईटीओ (380) और आरके पुरम (383) जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है।

उत्तर भारत में भीषण शीतलहर और स्थिर हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व ज़मीन के पास जमा हो गए हैं, जिससे सांस लेना दूभर हो गया है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

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दक्षिण भारत में मौसम का अलग मिजाज

जहाँ उत्तर भारत बर्फबारी और ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत इन स्थितियों से पूरी तरह अछूता है। बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहेगा।

IMD के अनुसार, अगले दो दिनों में इन दक्षिणी क्षेत्रों में उत्तर-पूर्वी मॉनसून की बारिश बंद होने के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं, जिससे वहाँ का मौसम सुहावना बना रहेगा।

क्या आने वाले दिनों में मिलेगी कोई राहत?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 17 और 18 जनवरी से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन में हल्की धूप की गर्मी महसूस होगी। 16 से 20 जनवरी के बीच अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी।

18-19 जनवरी को हल्की बूंदाबांदी और फिर 20 से 25 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो तापमान एक बार फिर गिरेगा और ठंड का नया दौर शुरू हो सकता है।

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