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पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क : UP ATS ने नोएडा-वाराणसी से दो गिरफ्तार

पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क

पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ यूपी एटीएस ने वाराणसी और नोएडा से 2 आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक जासूसी नेटवर्क को उजागर करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन में वाराणसी और नोएडा से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो पाकिस्तानी एजेंटों को भारत की संवेदनशील जानकारियां भेज रहे थे। यह मामला देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाला है, क्योंकि आरोपी न केवल गोपनीय सूचनाएं लीक कर रहे थे, बल्कि आतंकी संगठनों से भी जुड़े थे।

मुख्य बिंदु:

  • यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
  • नोएडा से हारुन और वाराणसी से तुफैल मकसूद की धरपकड़
  • आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारत की संवेदनशील जानकारियां भेज रहे थे
  • 600 से अधिक पाकिस्तानी नंबरों के साथ संपर्क, हवाला लेनदेन और वीजा घोटाले में शामिल
  • तहरीक-ए-लब्बैक जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ाव का खुलासा

नोएडा से हारुन की गिरफ्तारी: पाक उच्चायोग से कनेक्शन

  • आरोपी का नाम: मोहम्मद हारुन (उम्र 45 वर्ष), मूल रूप से दिल्ली के सीलमपुर का निवासी, लेकिन नोएडा में गिरफ्तार किया गया।
  • पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क: हारुन, पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत आईएसआई ऑपरेटिव मुजम्मिल हुसैन के संपर्क में था।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां लीक कीं, जिसमें सरकारी और सैन्य डेटा शामिल हो सकता है।
  • 600 से अधिक पाकिस्तानी नंबर मिले, जो एक बड़े जासूसी नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
  • हवाला और वीजा घोटाले में शामिल: हारुन स्क्रैप का व्यापारी था, लेकिन पाकिस्तानी एजेंट से जुड़कर वीजा धोखाधड़ी और हवाला लेनदेन में शामिल हो गया।

हारुन का मोडस ऑपरेंडी:

  1. पाकिस्तानी एजेंट मुजम्मिल से संपर्क स्थापित किया।
  2. भारतीय नागरिकों को पाकिस्तानी वीजा दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूले।
  3. गोपनीय जानकारियां एकत्र कर पाकिस्तान भेजीं।
  4. हवाला के जरिए अवैध धन लेनदेन किया।

वाराणसी से तुफैल मकसूद की धरपकड़: आतंकी संगठन से जुड़ाव

  • आरोपी का नाम: तुफैल मकसूद, वाराणसी के जैतपुरा का निवासी।
  • तहरीक-ए-लब्बैक से जुड़ाव: यह प्रतिबंधित आतंकी संगठन है, जो भारत में कट्टरपंथ फैलाने के लिए जाना जाता है।
  • पाकिस्तानी एजेंटों को भेजी संवेदनशील तस्वीरें: तुफैल ने राजघाट, जामा मस्जिद, लाल किला और ज्ञानवापी जैसे रणनीतिक स्थलों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजीं।
  • 600+ पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क, जिससे साबित होता है कि वह एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था।
  • फेसबुक पर पाकिस्तानी महिला “नफीसा” से संबंध, जिसकी प्रोफाइल आईएसआई द्वारा संचालित थी।

तुफैल की गतिविधियां:

  1.  कट्टरपंथी प्रचार: “गजवा-ए-हिंद” और बाबरी मस्जिद विवाद जैसे भड़काऊ संदेश फैलाए।
  2.  सोशल मीडिया का दुरुपयोग: व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों से संपर्क बनाए रखा।
  3. नफीसा के जाल में फंसा: यह महिला पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी की पत्नी थी, जिसने तुफैल को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाया।

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में सुरक्षा चूक?

  • तुफैल की गिरफ्तारी से वाराणसी जैसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
  • यह शहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।

मुरादाबाद के शहजाद वहाब से कनेक्शन

इससे पहले, यूपी एटीएस ने मुरादाबाद के शहजाद वहाब को गिरफ्तार किया था, जो इसी जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था। शहजाद ने:

  • 20 लोगों (3 महिलाओं सहित) को भर्ती किया था।
  • सीमा पार तस्करी में शामिल था (सौंदर्य प्रसाधन, मसाले आदि)।
  • हारुन और तुफैल से संपर्क बनाए रखा, जिससे एक बड़ा जासूसी चक्र उजागर हुआ।

कानूनी कार्रवाई और सरकारी प्रतिक्रिया

  • FIR दर्ज: लखनऊ के गोमती नगर स्थित एटीएस थाने में केस दर्ज किया गया।
  • आरोप:
    • भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 148 (युद्ध छेड़ने की साजिश)।
    • धारा 152 (राष्ट्रीय एकता को खतरा)।
  • गृह मंत्री अमित शाह ने एटीएस की तारीफ की और कहा, “देशद्रोहियों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है।”
  • विपक्ष ने सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए, मांग की कि सख्त कार्रवाई की जाए।

यूट्यूबर की गिरफ्तारी से जुड़ा कनेक्शन

  • यह मामला उस समय सामने आया है जब हाल ही में हरियाणा की एक यूट्यूबर की भी गिरफ्तारी हुई थी।
  • “ट्रैवल विद जेओ” चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तानी खुफिया एजेंट से संपर्क रखने के आरोप में पकड़ा गया।
  • वह 2023 से पाकिस्तान उच्चायोग के एजेंट एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से संपर्क में थी।
  • भारत सरकार ने 13 मई को दानिश को निष्कासित कर दिया था।

मल्होत्रा पर भी गोपनीयता कानून के तहत मामला

  • ज्योति मल्होत्रा को हिसार से गिरफ्तार किया गया।
  • उन पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

भारत की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती

  • यह मामला साबित करता है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां और पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क भारत में सक्रिय है सोशल मीडिया, आर्थिक प्रलोभन और धार्मिक उन्माद के जरिए भारतीय नागरिकों को फंसा रही हैं। इससे निपटने के लिए :
    • डिजिटल निगरानी बढ़ाने की जरूरत (व्हाट्सएप, फेसबुक ग्रुप्स पर नजर)।
    • जनता को जागरूक करना होगा, ताकि वे ऐसे झांसे में न आएं।
    • सीमा सुरक्षा और मनी लॉन्ड्रिंग पर सख्ती जरूरी है।

यूपी एटीएस की यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, और ऐसे जासूसी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना ही एकमात्र रास्ता है।

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