रामलीला मैदान रैली: राहुल बोले- ‘वोट चोर’ गद्दी छोड़ो, मोदी-शाह पर सीधा वार
दिल्ली में आयोजित रामलीला मैदान रैली में कांग्रेस ने रविवार को अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मोदी सरकार पर “वोट चोरी” का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मोदी-आरएसएस (RSS) सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने की कसम खाई। पार्टी की इस ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (Election Commission) की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और सीधा हमला बोला। उन्होंने मंच से साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जो अधिकारी आज सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, भविष्य में उन्हें जवाब देना होगा।
इस विशाल जनसभा में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त (ECs) सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिले हुए हैं और उनके लिए काम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव आयुक्तों को सुरक्षा देने के लिए कानून बदल दिया है, जिससे वे कोई भी कार्रवाई कर सकते हैं और उनके खिलाफ कुछ नहीं किया जा सकता। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “यह मत भूलिए कि आप भारत के चुनाव आयोग हैं, नरेंद्र मोदी के नहीं। हम इस कानून को पिछली तारीख (Retrospective effect) से बदलेंगे और आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”
बीजेपी और चुनाव आयोग के कथित गठजोड़ पर तीखा प्रहार
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “सत्य और असत्य” की इस लड़ाई में चुनाव आयोग पूरी तरह से बीजेपी सरकार के साथ काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने चुनावों के दौरान 10,000 रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन चुनाव आयोग इस पर कोई भी कार्रवाई करने में विफल रहा। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस समर्थकों के डीएनए (DNA) में झूठ और “वोट चोरी” है। उन्होंने कहा, “पैसे की चोरी, जमीन की चोरी, संस्थाओं की चोरी, अधिकारों की चोरी, रोजगार की चोरी, जनादेश की चोरी, सरकार की चोरी, चुनाव की चोरी और वोट की चोरी—लोगों से चोरी करना ही बीजेपी के लिए सत्ता तक पहुँचने की सीढ़ी है।”
इसे भी पढ़े :– जिन्ना के नाती की फंडिंग, अनुराग ठाकुर का पाखंड और परिवारवाद पर तंज
इस रामलीला मैदान रैली में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, और कर्नाटक, तेलंगाना व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री—सिद्धारमैया, रेवंत रेड्डी और सुखविंदर सिंह सुक्खू—भी मौजूद थे। राहुल ने जोर देकर कहा कि छह साल के बच्चे से लेकर 90 साल के बुजुर्ग तक, हर कोई जानता है कि मोदी और शाह वोट चुराकर चुनाव जीतते हैं। उन्होंने कहा, “इसमें समय लग सकता है, लेकिन भारत में सच की जीत होगी। मोदी और शाह जितनी चाहें उतनी भाषण दे सकते हैं, हम उन्हें सच और अहिंसा से हराएंगे, हिंसा और नफरत से नहीं।”
प्रियंका गांधी की चुनौती: बैलेट पेपर से चुनाव जीतकर दिखाएं
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने बीजेपी को खुली चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे एक बार बैलेट पेपर पर निष्पक्ष चुनाव लड़कर दिखाएं। प्रियंका ने कहा, “मैं चुनौती देती हूं—बीजेपी को एक बार बैलेट पेपर पर निष्पक्ष चुनाव लड़ना चाहिए। वे कभी नहीं जीत पाएंगे, और बीजेपी भी यह बात जानती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्त भारत के लोकतंत्र पर “हमला” कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने भीड़ से चुनाव आयुक्तों के नामों को याद रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “इन नामों (ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू, विवेक जोशी) को याद रखना, कभी मत भूलना। यह देश इन नामों को कभी नहीं भूलेगा, चाहे उन्हें बचाने के लिए कोई भी व्यवस्था की जाए। एक दिन उन्हें लोगों को जवाब देना होगा कि उन्होंने आपके वोट देने के अधिकार को छीनने की साजिश कैसे रची और चुनाव प्रक्रिया के हर कदम को संदिग्ध बना दिया।” प्रियंका ने कहा कि इतिहास में पहली बार, पूरा विपक्ष कह रहा है कि उन्हें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है और चुनाव ठीक से नहीं हो रहे हैं।
संविधान और विचारधारा की लड़ाई: खड़गे का वार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं बल्कि विचारधारा और संविधान को बचाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेतृत्व “गद्दार” है क्योंकि वे “वोट चोरी” कर रहे हैं। खड़गे ने कहा, “बीजेपी के लोग गद्दार हैं और नाटक करते हैं। उन्हें सत्ता से हटाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि मनुस्मृति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी की विचारधारा देश को बर्बाद कर देगी और केवल कांग्रेस की विचारधारा ही देश के संविधान को बर्बाद होने से बचाएगी।
इसे भी पढ़े :- अमेरिकी कोर्ट में पाँचवीं बार टला अडानी, समन, भारत केस: न्याय का मज़ाक
खड़गे ने कहा, “हिंदू धर्म के तहत सब लोग हैं, लेकिन हिंदू धर्म की आड़ में वे लोगों को गुलाम बनाना चाहते हैं। अगर आप गुलाम बनना चाहते हैं, अगर आप अपना आत्म-सम्मान छोड़ देते हैं, तो आप खत्म हो जाएंगे। जो आज़ादी हमें मिली, वह कांग्रेस ने दी थी। क्या मोदी ने दी थी? मोदी तो तब पैदा भी नहीं हुए थे। अमित शाह तो तब बच्चे थे।” खड़गे ने आगे कहा कि आरएसएस और बीजेपी जो बीज बो रहे हैं, वे बहुत खतरनाक हैं और वे गरीबों को और गरीब तथा अमीरों को और अमीर बना रहे हैं।
अमित शाह पर निशाना और ‘कांपते हाथ’ का जिक्र
संसद में हुए हालिया वाकये का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि संसद में चुनावी सुधारों पर चर्चा के दौरान शाह के हाथ “कांप रहे थे”। राहुल ने कहा, “उनके हाथ इसलिए कांप रहे थे क्योंकि वे तभी तक बहादुर हैं जब तक वे सत्ता में हैं। जिस पल वे सत्ता खो देंगे, आप देखेंगे कि यह बहादुरी कैसे गायब हो जाती है। अमित शाह तभी तक बहादुर हैं जब तक उनके पास सत्ता है। जिस दिन सत्ता चली जाएगी, उसी दिन उनकी बहादुरी भी खत्म हो जाएगी।”
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी का चेहरा ध्यान से देखिए, उनका आत्मविश्वास कम हो गया है। उन्हें भी पता है कि उनकी वोट चोरी पकड़ी गई है और जल्द ही पूरा देश उस सच्चाई को जान जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वोट चोरी सिर्फ वोटों की चोरी नहीं है, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान पर सीधा हमला है।
मोहन भागवत के बयान पर पलटवार
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया भाषण का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने वैचारिक अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “मोहन भागवत कहते हैं कि दुनिया सच्चाई नहीं बल्कि शक्ति देखती है, और जिसके पास शक्ति होती है, उसी को माना जाता है। लेकिन हमारी विचारधारा, हमारे देश की विचारधारा, हमारा हिंदू धर्म और अन्य धर्म कहते हैं कि सच्चाई सबसे महत्वपूर्ण है।” गांधी ने कहा कि भागवत का यह कहना कि ‘सच का कोई महत्व नहीं है, केवल शक्ति महत्वपूर्ण है’, उनकी मानसिकता को दर्शाता है। राहुल ने संकल्प लिया कि वे मोदी और शाह को हराने के लिए सच्चाई और अहिंसा के साथ काम करेंगे।
इसे भी पढ़े :- केरल निकाय चुनाव नतीजे: वक्फ, BJP, UDF; LDF को झटका
रामलीला मैदान रैली और 6 करोड़ हस्ताक्षर और देशव्यापी आंदोलन
कांग्रेस ने दावा किया कि उसने देश भर से कथित “वोट चोरी” के खिलाफ लगभग छह करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा किए हैं और पार्टी इसे जल्द ही भारत के राष्ट्रपति को सौंपेगी। रामलीला मैदान रैली में भारी भीड़ जुटी थी, जिसमें पार्टी की दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा इकाइयों ने हजारों कार्यकर्ताओं को जुटाया था, जिससे मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा। रैली में नागालैंड कांग्रेस के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी भाग लिया, जिसका नेतृत्व एनपीसीसी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुपोंगमेरेन जमीर कर रहे थे, और इसमें एआईसीसी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक राजेश कुमार सेठी भी शामिल थे।
बीजेपी का पलटवार: नेहरू परिवार की तुलना मुगलों से
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो का हवाला दिया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाते हुए नारे लगा रहे थे। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता “मोदी जी की मौत की कामना कर रहे थे” और पार्टी अराजकता का मंच बन गई है। उन्होंने नेहरू परिवार की तुलना मुगल राजवंश से करते हुए कहा कि जैसे मुगल साम्राज्य छह शासकों (बाबर से औरंगजेब) के बाद समाप्त हो गया, वैसे ही राहुल गांधी (नेहरू परिवार की छठी पीढ़ी) के नेतृत्व में कांग्रेस भी “इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगी”।
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व ने इस रामलीला मैदान रैली के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में चुनावी हार से निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि “हर कोई जानता है कि मोदी और शाह कैसे चुनाव चुराते हैं”। गांधी ने अंत में कहा, “हम सच्चाई के लिए लड़ रहे हैं और नरेंद्र मोदी-RSS सरकार को सत्ता से हटा देंगे।”
इसे भी पढ़े :- GRAP-4 प्रतिबंध लागू: दिल्ली AQI गंभीर, स्कूल हाइब्रिड मोड में



Post Comment