शारदा यूनिवर्सिटी सुसाइड केस: छात्रा की मौत, प्रोफेसर गिरफ्तार
शारदा यूनिवर्सिटी सुसाइड केस ने ग्रेटर नोएडा में हड़कंप मचा दिया है। गुरुग्राम की एक छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल के अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में डेंटल विभाग के दो फैकल्टी सदस्यों का जिक्र किया है। यह दुखद घटना शुक्रवार रात को सामने आई थी। गौतमबुद्ध नगर के नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में तुरंत मामला दर्ज किया गया। मृतक छात्रा की पहचान BDS द्वितीय वर्ष की ज्योति शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों प्रोफेसरों को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त डीसीपी सुधीर कुमार ने यह जानकारी दी है।
मुख्य बिंदु :
1. शारदा यूनिवर्सिटी की बीडीएस छात्रा ज्योति शर्मा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या की।
2. सुसाइड नोट में दो फैकल्टी सदस्यों पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।
3. परिजनों ने बताया फैकल्टी ने जाली हस्ताक्षर, फेल करने और अपमानित करने की धमकी दी थी।
4. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की।
5. छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ कैंपस में विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग की।
6. पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर दो फैकल्टी को आत्महत्या उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया।
7. ओडिशा की छात्रा सुसाइड केस से समानता, दोनों में कॉलेज प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई।
उत्पीड़न और अपमान के आरोप: ज्योति शर्मा की आपबीती
ज्योति शर्मा द्वारा कथित तौर पर लिखे गए सुसाइड नोट में दो प्रोफेसरों और विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर मानसिक उत्पीड़न का आरोप है। छात्रा ने अपने नोट में स्पष्ट रूप से लिखा कि वह चाहती है कि उत्पीड़न करने वाले सलाखों के पीछे जाएँ। उसने आरोप लगाया कि उसे लंबे समय से अपमानित किया जा रहा था, जिससे वह तनाव में थी।
- ज्योति ने अपने सुसाइड नोट में अपनी पीड़ा व्यक्त की थी।
- उसने बताया कि कैसे उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
- परिवार के अनुसार, संकाय सदस्यों ने उस पर जाली हस्ताक्षर का आरोप लगाया।
उसे कक्षा में अपमानित करने के साथ ही फेल करने की भी धमकी दी गई थी। यह पूरा विवाद कथित तौर पर एक हफ्ते पहले शुरू हुआ था।
विश्वविद्यालय का रुख और छात्रों का विरोध: घटना के बाद की प्रतिक्रिया
शारदा विश्वविद्यालय ने इस गंभीर घटना के बाद एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय जाँच समिति का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय अपनी प्रक्रियाओं का संचालन करने वाले वैधानिक अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रहा है।
- विश्वविद्यालय अपनी जाँच में पूरी पारदर्शिता का दावा कर रहा है।
- जनसंपर्क निदेशक ने सभी आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराने की बात कही।
- घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने विश्वविद्यालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ज्योति जाली हस्ताक्षर के आरोपों के कारण तनाव में थी।
न्याय की मांग और पुलिस कार्रवाई: परिवार का संघर्ष
पीड़िता की माँ सुनीता ने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए देर रात तक विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया। उन्होंने कहा कि वह तब तक नहीं हटेंगी जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शोकाकुल छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों पर बल प्रयोग किया।
- परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
- प्राथमिकी में पाँच लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, जाँच जारी है।
- एडीसीपी कुमार ने बताया कि दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने विश्वविद्यालय को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रक्रियाएँ लागू करने को कहा है। शारदा यूनिवर्सिटी सुसाइड केस में कई गंभीर सवाल उठे हैं।
बालासोर से समानता?: एक दुखद सिलसिला
यह दुखद घटना ओडिशा में हुई एक अन्य छात्रा की आत्महत्या के कुछ दिनों बाद हुई है। उस छात्रा ने कथित तौर पर कॉलेज अधिकारियों द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। उसने कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी।
- ओडिशा की घटना 12 जुलाई को हुई, छात्रा की मृत्यु 14 जुलाई को हुई।
- दोनों ही मामलों में कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
- पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को मरने के लिए मजबूर किया गया।
उसने कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति में प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। शारदा यूनिवर्सिटी सुसाइड केस भी इसी तरह के सवाल खड़े करता है।
महेंद्र सर और शैर्ग मैम पर आरोप: सुसाइड नोट का सच
ज्योति के हस्तलिखित सुसाइड नोट में महेंद्र सर और शैर्ग मैडम का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। उन पर भावनात्मक रूप से परेशान करने और ज्योति को यह आत्मघाती कदम उठाने के लिए उकसाने का आरोप है। नोट में उसने साफ लिखा था कि अगर उसकी मौत होती है, तो वे ही इसके जिम्मेदार होंगे।
- पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।
- दोनों फैकल्टी सदस्यों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- छात्र के सहपाठियों ने विभाग के शिक्षकों पर लंबे समय से उत्पीड़न का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों और परिजनों से बातचीत करके स्थिति को नियंत्रण में किया है, और परिसर में शांति बहाल हो चुकी है।
जून-जुलाई 2025: छात्राओं से जुड़े प्रमुख उत्पीड़न और आत्महत्या मामले
| तारीख | स्थान | मामले का प्रकार | घटना का संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|---|
| 24 जून 2025 | पनीपत, हरियाणा | महिला से गैंगरेप | महिला से स्टेशनरी ट्रेन के डिब्बे में गैंगरेप, बाद में ट्रैक पर फेंका गया; NHRC ने संज्ञान लिया। |
| 25 जून 2025 | कोलकाता, लॉ कॉलेज | कॉलेज छात्रा से गैंगरेप | लॉ कॉलेज परिसर में छात्रा से सामूहिक बलात्कार; तीन आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट कस्टडी 8 जुलाई तक। |
| 26 जून 2025 | कोलकाता, IIM कैलकत्ता | छात्रा से नशीला बलात्कार | हॉस्टल में छात्रा को ड्रग्स देकर बलात्कार; SIT गठित, मुख्य आरोपी गिरफ्तार। |
| 12–14 जुलाई 2025 | बालासोर, ओडिशा | आत्महत्या (यौन उत्पीड़न) | प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत अनसुनी; छात्रा ने खुद को आग लगाई, 14 जुलाई को मौत हुई। |
| 16 जुलाई 2025 | गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश | नाबालिग छात्रा से गैंगरेप | 14 वर्षीय लड़की से घर पर चार नाबालिग लड़कों द्वारा गैंगरेप; मुख्य आरोपी स्कूल मित्र निकला। |
| 16 जुलाई 2025 | करनाल, हरियाणा | विकलांग छात्रा से बलात्कार | मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ बलात्कार; आरोपी के खिलाफ केस दर्ज। |
| 19 जुलाई 2025 | ग्रेटर नोएडा, यूपी (शारदा यूनिवर्सिटी) | आत्महत्या (मानसिक उत्पीड़न) | बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ने फांसी लगाई; सुसाइड नोट में दो प्रोफेसरों पर उत्पीड़न का आरोप। |



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