“T20 वर्ल्ड कप गतिरोध”भारत-पाक मैच पर बड़ा फैसला जल्द
T20 वर्ल्ड कप गतिरोध इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा रविवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ निर्णायक बातचीत के लिए लाहौर पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो स्थित आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान मैच के बहिष्कार की घोषणा कर दी है।
इमरान ख्वाजा का लाहौर दौरा इस T20 वर्ल्ड कप गतिरोध को दूर करने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है। खबरें हैं कि गद्दाफी स्टेडियम में बैठकों का दौर जारी है, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के चेयरमैन अमीनुल इस्लाम भी शामिल होने पहुंचे हैं।
PCB प्रवक्ता आमिर मीर ने पुष्टि की है कि ख्वाजा आज PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी से मुलाकात करेंगे। शाम तक एक और ICC प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की उम्मीद है ताकि पाकिस्तान के हटने के फैसले से उपजी अनिश्चितता को खत्म किया जा सके।
करोड़ों का दांव और ब्रॉडकास्टर्स की चिंता
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला न केवल खेल बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी दुनिया का सबसे बड़ा मैच माना जाता है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, ब्रॉडकास्ट राइट्स, स्पॉन्सरशिप और एडवरटाइजिंग रेवेन्यू को मिलाकर इस एक मैच की कीमत लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 45,000 करोड़ रुपये) आंकी गई है।
विज्ञापन के लिहाज से भी यह मैच स्वर्ण खदान जैसा है, जहां 10 सेकंड के एक स्लॉट की कीमत 25 लाख से 40 लाख रुपये के बीच होती है।
ब्रॉडकास्टर्स को अकेले इस मैच से 300 करोड़ रुपये के विज्ञापन राजस्व की उम्मीद है। ऐसे में मैच का न होना ICC और सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका साबित हो सकता है।
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ICC की गाजर और छड़ी वाली रणनीति
इस हाई-वोल्टेज विवाद को सुलझाने के लिए ICC ‘गाजर और छड़ी’ की नीति अपना रहा है। एक तरफ जहां बातचीत के रास्ते खुले रखे गए हैं, वहीं दूसरी तरफ ICC ने PCB को अनुबंध संबंधी कानूनी चेतावनी भी दी है।
T20 वर्ल्ड कप गतिरोध के बीच PCB ने ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) क्लॉज का हवाला देते हुए सरकारी निर्देश को मैच न खेलने का कारण बताया था।
इसके जवाब में ICC ने सख्ती दिखाते हुए पूछा है कि बोर्ड ने इस स्थिति को टालने के लिए क्या कदम उठाए। कानूनी रूप से कमजोर स्थिति और ICC रेवेन्यू शेयर खोने के डर ने अंततः PCB को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर किया है।
बांग्लादेश के साथ एकजुटता या दोहरे मापदंड का आरोप?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्पष्ट किया है कि भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लिया गया है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से भारत में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया था, लेकिन ICC ने उनकी मांगों को खारिज करते हुए बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया।
पाकिस्तान का आरोप है कि ICC सुरक्षा के मुद्दों पर दोहरे मापदंड अपना रहा है। मुस्तफिजुर रहमान को IPL से हटाए जाने और BCCI के कथित दबाव के बाद बांग्लादेश और भारत के क्रिकेट बोर्डों के बीच तनाव चरम पर है, जिसका असर अब पूरे वर्ल्ड कप पर दिख रहा है।
PCB की नई मांगें और द्विपक्षीय सीरीज की शर्त
लाहौर में जारी बैठकों में PCB ने अपनी नरमी के बदले बड़ी शर्तें सामने रखी हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहसिन नकवी ने ICC के सामने अपना रेवेन्यू शेयर बढ़ाने और भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को फिर से बहाल करने की मांग रखी है।
इसके अलावा, एक दिलचस्प सुझाव यह भी दिया गया है कि मैच के दौरान टॉस और मैच के बाद हाथ मिलाने की परंपरा पर भारतीय खिलाड़ियों के नैतिक व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जाएं।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि द्विपक्षीय सीरीज जैसी मांगों को खारिज किया जा सकता है, लेकिन प्रशासनिक प्रतिबंधों से छूट और रेवेन्यू पर कुछ सहमति बन सकती है।
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श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की सक्रियता और मध्यस्थता
इस पूरे मामले में मेजबान श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) भी काफी सक्रिय हो गया है। SLC के अध्यक्ष शमी सिल्वा ने मोहसिन नकवी को ईमेल भेजकर बहिष्कार खत्म करने का आग्रह किया है।
ICC के CEO संजोग गुप्ता ने भी कोलंबो में शमी सिल्वा से मुलाकात की है। श्रीलंका को डर है कि अगर पाकिस्तान नहीं खेलता है, तो मेजबान देश को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बीच, सिंगापुर के इमरान ख्वाजा और पंकज खिमजी पर्दे के पीछे की कूटनीति के जरिए पाकिस्तान को मनाने में जुटे हैं ताकि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मैच सुरक्षित रहे।
खिलाड़ियों का रुख और अनिश्चितता का माहौल
मैदान के बाहर चल रहे इस T20 वर्ल्ड कप गतिरोध ने खिलाड़ियों को भी ऊहापोह में डाल दिया है। पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने इसे पूरी तरह से “सरकारी फैसला” करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि टीम इंडिया की योजनाएं साफ हैं।
उन्होंने कहा कि टीम कोलंबो की फ्लाइट लेने के लिए तैयार है क्योंकि भारत ने खेलने से मना नहीं किया है। खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण बनी हुई है क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है।
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अगले 48 घंटे और प्रधानमंत्री का अंतिम फैसला
लाहौर में हुई बैठक के बाद अब सबकी नजरें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर टिकी हैं। मोहसिन नकवी ने ICC प्रतिनिधिमंडल को सूचित किया है कि वह बातचीत का पूरा ब्यौरा प्रधानमंत्री के पास ले जाएंगे, जिनसे सोमवार तक अंतिम फैसला लेने की उम्मीद है।
T20 वर्ल्ड कप गतिरोध को लेकर अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि पाकिस्तान अपना रुख बदलता है, तो ICC उसे और बांग्लादेश को किसी भी वित्तीय या प्रशासनिक दंड से मुक्त कर सकता है। फिलहाल, क्रिकेट की दुनिया सांस रोककर इस फैसले का इंतजार कर रही है कि 15 फरवरी को कोलंबो में गेंद और बल्ले की जंग होगी या नहीं।
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