TMC बनाम BJP विवाद: I-PAC रेड और ममता बनर्जी की महा रैली
TMC बनाम BJP विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भारी उबाल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज कोलकाता की सड़कों पर एक विशाल विरोध रैली का नेतृत्व करने जा रही हैं। यह विरोध प्रदर्शन राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई हालिया छापेमारी के खिलाफ है।
ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। यह TMC बनाम BJP विवाद उस समय और गहरा गया जब मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनकी पार्टी की रणनीति को कमजोर करने के लिए डेटा चोरी करने का प्रयास कर रही हैं।
कोलकाता के बाबूघाट में ‘गंगासागर मेला’ के लिए ट्रांजिट कैंप के उद्घाटन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस “तानाशाही” के खिलाफ झुकेंगी नहीं।
जादवपुर से हाजरा तक 5 किलोमीटर की पदयात्रा और चुनावी बिगुल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि उनकी यह विरोध रैली दक्षिण कोलकाता के जादवपुर 8B बस स्टैंड से शुरू होकर हाजरा क्रॉसिंग पर समाप्त होगी। लगभग 5 किलोमीटर से अधिक लंबी इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री ने भारी संख्या में लोगों से शामिल होने की अपील की है।
दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली यह रैली न केवल ED की कार्रवाई का जवाब है, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी है। बनर्जी का दावा है कि ED ने छापेमारी के दौरान पार्टी के संवेदनशील संगठनात्मक डेटा, हार्ड डिस्क और आंतरिक रणनीतिक दस्तावेजों को “लूटने” का प्रयास किया है।
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प्रतीक जैन के आवास पर हाई वोल्टेज ड्रामा और ED के गंभीर आरोप
गुरुवार को कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट पर उस समय हाई ड्रामा देखने को मिला जब ED की टीम I-PAC निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी ले रही थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गईं। इसके बाद जो हुआ, उसने जांच एजेंसी और राज्य सरकार के बीच एक अभूतपूर्व संवैधानिक संकट पैदा कर दिया।
TMC बनाम BJP विवाद के बीच, ED ने एक आधिकारिक बयान जारी कर आरोप लगाया कि जब उनकी टीम पेशेवर तरीके से काम कर रही थी, तब मुख्यमंत्री बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ परिसर में जबरन घुस गईं।
ED का दावा है कि ममता बनर्जी वहां से भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित ‘महत्वपूर्ण सबूत’ अपने साथ ले गईं, जिससे जांच प्रक्रिया बाधित हुई है।
‘शरारती गृह मंत्री’ का ताना और दिल्ली को खुली चुनौती
ममता बनर्जी ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से अमित शाह को ‘शरारती’ (mischievous) कहकर संबोधित किया और उन पर विपक्षी दलों को डराने के लिए एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, “क्या सबसे घटिया और शरारती गृह मंत्री ऐसे ही काम करते हैं, जो देश की रक्षा नहीं कर सकते और चुनाव से पहले परेशान करने के लिए एजेंसियों को भेज रहे हैं?” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने गृह मंत्री को “कंट्रोल” करने का आग्रह किया और भाजपा को चुनौती दी कि वे बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से लोकतांत्रिक तरीके से लड़कर दिखाएं।
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कलकत्ता हाई कोर्ट में आज तीन समानांतर याचिकाओं पर होगी निर्णायक सुनवाई
इस नाटकीय घटनाक्रम का कानूनी मोर्चा अब कलकत्ता हाई कोर्ट में खुल गया है। जस्टिस सुव्रा घोष की सिंगल-जज बेंच शुक्रवार को तीन महत्वपूर्ण याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी। पहली याचिका ED की ओर से है, जिसमें ममता बनर्जी पर आधिकारिक कार्यों में बाधा डालने और संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
इसके जवाब में प्रतीक जैन और तृणमूल कांग्रेस ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। TMC का तर्क है कि I-PAC उनकी आधिकारिक चुनावी एजेंसी है और छापेमारी का असली मकसद रणनीतिक डेटा चोरी कर उसे भाजपा के साथ साझा करना है। TMC बनाम BJP विवाद अब पूरी तरह से अदालत की चौखट पर है, जहाँ यह तय होगा कि क्या जांच एजेंसी के पास इस छापेमारी के पर्याप्त आधार थे।
कोयला तस्करी मामला और मनी लॉन्ड्रिंग के तारों का जुड़ाव
ED के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी का कहना है कि स्थानीय ऑपरेटर अनूप मांझी उर्फ ‘लाला’ से जुड़े इस सिंडिकेट में कुछ हवाला लेनदेन और कैश डील के सबूत प्रतीक जैन के खिलाफ मिले थे।
ED ने स्पष्ट किया कि इस छापेमारी का किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ाव से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक बनर्जी से भी इस मामले में पूछताछ हो चुकी है, जिन्हें ED ने फंड का लाभार्थी बताया था। हालांकि, जैन के परिवार ने ED के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उन पर घर से कीमती दस्तावेज चोरी करने का आरोप लगाया है।
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भाजपा का पलटवार: ‘छिपाने के लिए कुछ है तो डर कैसा?’
इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए TMC पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल उठाया कि यदि कुछ छिपाने के लिए नहीं है, तो एक मुख्यमंत्री को जांच वाली जगह पर जाकर फाइलें सुरक्षित करने की इतनी हड़बड़ी क्यों थी?
भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी आपत्तिजनक सबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। TMC बनाम BJP विवाद को हवा देते हुए विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर ED मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करती है, तो इससे राज्य की जनता में गलत संदेश जाएगा। भाजपा ने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में बंगाल की जनता उन्हें ही चुनेगी।
राजनीतिक भविष्य और रणनीतिक संघर्ष की नई दिशा
वर्तमान में कोलकाता का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। एक तरफ CPI(M) के मोहम्मद सलीम जैसे नेता ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ TMC कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्रीय एजेंसियों का विरोध कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि I-PAC कोई निजी संस्था नहीं बल्कि उनकी पार्टी की अधिकृत टीम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अवैध रूप से डेटा ट्रांसफर किया। अब सबकी नजरें हाई कोर्ट के फैसले और आज होने वाली विशाल विरोध रैली पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि बंगाल की राजनीति में जांच और लोकतंत्र के बीच की यह जंग क्या मोड़ लेती है।
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