वडोदरा पुल हादसा: माही नदी पर पुल ढहा, 10 की मौत, जाँच के आदेश
वडोदरा पुल हादसा बुधवार तड़के गुजरात के वडोदरा जिले में एक बड़े हादसे में बदल गया। मुजपुर स्थित 43 साल पुराना गंभीरा पुल, जो मुजपुर को आणंद जिले के गंभीरा और मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ता था, अचानक ढह गया। इस दुखद घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए।
भयावह मंज़र
सुबह लगभग 7:30 बजे हुए इस हादसे में दो ट्रक, एक ईको वैन, एक पिकअप वैन और एक ऑटो-रिक्शा सहित कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुल गिरने से ठीक पहले एक तेज़ दरार की आवाज़ आई थी। एक वीडियो में कमर तक पानी में खड़ी एक महिला अपने दो साल के बेटे के लिए मदद की गुहार लगाती दिखी, जो पानी में पलटी ईको वैन में फंसा था।
- कई वाहन महिसागर नदी में पलक झपकते ही समा गए।
- पुल गिरने से पहले एक तेज़ दरार की आवाज़ सुनाई दी।
- एक माँ अपने बेटे की जान बचाने के लिए गुहार लगा रही थी।
बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। वडोदरा अग्निशमन विभाग, NDRF और स्थानीय निवासी इसमें जुटे रहे।
मुख्य बिंदु :
- 43 साल पुराना गंभीरा पुल ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित 10 की मौत।
- सुबह 7:30 बजे ट्रक, वैन और ऑटो सहित कई वाहन महिसागर नदी में गिर पड़े।
- बचाव कार्य में फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने मिलकर तेजी से राहत पहुंचाई।
- प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को कुल ₹6 लाख की आर्थिक सहायता दी।
- कांग्रेस विधायक ने पुल मरम्मत में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
- गंभीरा पुल के टूटने से आणंद, भरूच और सौराष्ट्र के बीच सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया।
- 2022 मोरबी हादसे के बाद यह दूसरी बड़ी पुल त्रासदी, जांच और जवाबदेही की माँग तेज़।
मृतकों और घायलों
वडोदरा पुल हादसा में मृतकों और घायलों की पहचान की गई है। मृतकों में दरियापुरा गाँव के रमेश पढियार, वेदिका पढियार और नैतिक पढियार शामिल हैं। माजतन के हसमुख परमार, काहनवा गाँव के वखतसिंह जादव और उंडेल गाँव के प्रवीण जादव भी मारे गए।
- सोनल पढियार ने अपने पति और दो बच्चों को खो दिया।
- बचे हुए राजू और नरेंद्र सिंह ने हादसे का भयावह मंज़र बताया।
- घायल हुए लोगों में नरेंद्र परमार, दिलीप पढियार और राजेश चावड़ा शामिल हैं।
घायलों को पहले स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया। फिर उन्हें एसएसजी अस्पताल रेफर किया गया।
सरकारी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस वडोदरा पुल हादसा पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए पीएमएनआरएफ से ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की अनुग्रह राशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री पटेल ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000 का मुआवज़ा देने का ऐलान किया।
- प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख की सहायता राशि घोषित की।
- मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख का मुआवज़ा देने का ऐलान किया।
- घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
गुजरात सरकार ने सड़क एवं भवन विभाग को दुर्घटना की जाँच करने का निर्देश दिया है। विशेषज्ञों की एक टीम घटनास्थल पर भेजी गई है।
पुल की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, 43 साल पुराने इस पुल की पिछले साल ही मरम्मत की गई थी। वडोदरा पुल हादसा के बाद, अंकलाव के कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने भाजपा सरकार पर “व्यापक भ्रष्टाचार” का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों का दावा है कि पुल की बिगड़ती स्थिति को लेकर बार-बार चेतावनी दी गई थी।
- 43 साल पुराना यह पुल पिछले साल ही मरम्मत किया गया था।
- कांग्रेस विधायक ने कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं।
- स्थानीय लोगों ने पुल की खराब स्थिति पर पहले ही आगाह किया था।
यह आपदा इंजीनियरिंग की लापरवाही और व्यवस्थागत उपेक्षा पर गंभीर चिंताएँ पैदा करती है। इस पर गहन जांच की आवश्यकता है।
यातायात प्रभाव
900 मीटर लंबा गंभीरा पुल दैनिक यात्रियों और माल परिवहन के लिए एक प्रमुख मार्ग था। इसमें 23 खंभे थे। इसके ढहने से आणंद, वडोदरा, भरूच और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
- गंभीरा पुल एक प्रमुख मार्ग के रूप में कार्य करता था।
- आणंद, वडोदरा और सौराष्ट्र का सीधा संपर्क टूट गया।
- यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया गया है।
यह स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जा रहा है।
पिछली घटनाएँ
यह दुर्घटना मुख्यमंत्री पटेल द्वारा राज्य में सड़कों और पुलों की मरम्मत का निर्देश देने के कुछ ही दिनों बाद हुई है। सोमवार को हुई बैठक में बताया गया था कि राज्य भर में 243 पुलों की मरम्मत का काम चल रहा है। यह दुर्घटना मोरबी जिले में 2022 में हुए पुल हादसे के तीन साल बाद हुई है, जिसमें 141 लोगों की मौत हो गई थी।
- यह दुर्घटना मरम्मत निर्देशों के कुछ दिन बाद हुई है।
- राज्य में 243 पुलों की मरम्मत का कार्य चल रहा था।
- यह 2022 के मोरबी पुल हादसे के बाद एक और बड़ी त्रासदी है।
भारत का बुनियादी ढाँचा लंबे समय से सुरक्षा चिंताओं से ग्रस्त रहा है। इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।



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