महिला वोटर ID पर CM नीतीश कुमार की तस्वीर चुनाव आयोग पर उठे सवाल!
बिहार में एक महिला के वोटर ID पर CM की तस्वीर ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के मधेपुरा जिले में एक हैरतअंगेज घटना सामने आई है, जिसने राज्य में मतदाता पहचान पत्र प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला के वोटर ID कार्ड पर उसकी अपनी तस्वीर की जगह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो छप गई है। यह मामला मधेपुरा के जयपालपट्टी इलाके में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान उजागर हुआ है।
- अभिलाषा कुमारी (20) नामक महिला का यह अनोखा मामला है।
- उनके पति चंदन कुमार ने लगभग ढाई महीने पहले कार्ड प्राप्त किया था।
- कार्ड में नाम, उम्र, पता सही थे, पर तस्वीर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की थी।
चंदन कुमार ने इस गलती को “चुनावी व्यवस्था में एक बड़ी खामी” बताया है। उन्होंने कहा, “अगर यह किसी आम आदमी की तस्वीर होती, तो मैं समझ सकता था, पर मुख्यमंत्री की कैसे?”
मुख्य बिंदु :
- मधेपुरा में महिला के वोटर ID पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर छपी मिली।
- अभिलाषा कुमारी के कार्ड में नाम-पता सही, पर तस्वीर सीएम की थी।
- पति चंदन कुमार ने इसे चुनावी व्यवस्था में “बड़ी खामी” बताया।
- बीएलओ ने चुप रहने की सलाह दी, लेकिन मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- जिला अधिकारी ने जांच के आदेश दिए, बीएलओ को हटाकर स्पष्टीकरण मांगा गया।
- तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठाए गंभीर सवाल।
- यह मामला मतदाता पहचान प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
चुप रहने की सलाह और बढ़ता राजनीतिक दबाव
इस गंभीर त्रुटि ने न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि राजनीतिक दलों को भी अचंभित कर दिया है। वोटर ID पर CM की तस्वीर के साथ, यह मामला और भी गंभीर हो गया है।
- BLO ने चंदन कुमार को इस मुद्दे को न बताने की सलाह दी थी।
- उप चुनाव अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया, कार्ड कर्नाटक में छपते हैं।
- उन्होंने ऑनलाइन या फॉर्म 8 भरकर सुधार का तरीका बताया है।
- अभिलाषा कुमारी के पति ने इस गलती को “चुनावी व्यवस्था में एक बड़ी खामी” बताया।
उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों या कार्ड छापने वाली निजी एजेंसी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सवाल किया, “मेरी पत्नी किसे समझूं, मुख्यमंत्री या अभिलाषा को?” इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है। कई लोगों ने मतदाता आईडी जारी करने की गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल उठाए हैं।
जांच के आदेश और विभागीय कार्रवाई
मधेपुरा के जिला मजिस्ट्रेट तरनजोत सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस वोटर ID कार्ड की प्रविष्टि 7 जनवरी, 2024 को की गई थी।
- संबंधित BLO को हटाकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- BLO को स्पष्टीकरण देने के लिए एक सप्ताह का समय मिला है।
- यह घटना बिहार बंद के दौरान मीडिया के सामने आई थी।
जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। गलती के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
विपक्ष का हमला: वोटर ID पर CM!
तृणमूल कांग्रेस ने इसे “चौंकाने वाली और शर्मनाक” गलती बताते हुए चुनाव आयोग पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा, “इसी तरह के विचित्र, गलत मतदाता पहचान पत्रों की रिपोर्ट विभिन्न राज्यों से आ रही हैं।”
- उन्होंने पूछा, ECI की निगरानी में इतनी गंभीर गलतियां कैसे हो रही हैं?
- कितने दोषपूर्ण मतदाता पहचान पत्र प्रचलन में हो सकते हैं?
- क्या इन गलतियों के कारण पिछले चुनावों में कोई गड़बड़ी हुई थी?
पार्टी ने यह भी पूछा कि स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और आयोग यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि आधिकारिक लापरवाही के कारण आम नागरिकों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए। वोटर ID पर CM की इस तस्वीर ने पूरे देश में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



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