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मेधा रूपम बनीं नोएडा की पहली महिला डीएम

मेधा रूपम महिला डीएम

नोएडा को मिली अपनी पहली महिला डीएम, मेधा रूपम, जिन्होंने अपनी यात्रा में कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं। यह नियुक्ति सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक नए युग का प्रतीक है। मेधा रूपम का करियर समर्पण, नेतृत्व और प्रभावी शासन का एक शानदार उदाहरण है। उनकी यात्रा अकादमिक उत्कृष्टता और खेल के मैदान से लेकर प्रशासनिक चुनौतियों तक फैली है। यह उनकी बहुमुखी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

  • सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक।
  • यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक।
  • राष्ट्रीय स्तर की राइफल निशानेबाज के तौर पर ख्याति।

मुख्य बिंदु :

1. मेधा रूपम बनीं नोएडा की पहली महिला डीएम, यह नियुक्ति प्रशासन में नए युग की शुरुआत है।

2. 2013 की यूपीएससी परीक्षा में अखिल भारतीय 10वीं रैंक के साथ मेधा ने शानदार सफलता हासिल की।

3. मेधा रूपम राष्ट्रीय स्तर की राइफल निशानेबाज भी रही हैं, जिन्होंने तीन स्वर्ण पदक जीते हैं।

4. उनके पिता ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी और वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।

5. हापुड़ की डीएम रहते हुए उन्होंने 1.3 लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी कराए।

6. कासगंज में बाढ़ के दौरान ट्रैक्टर चलाकर राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

7. जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसी परियोजनाओं में भूमि विवाद समाधान में नेतृत्व दिखाया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा की नींव

आगरा में 1990 को जन्मीं मेधा रूपम एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ लोक सेवा एक विरासत है। उनके पिता, ज्ञानेश कुमार, स्वयं 1988 बैच के आईएएस अधिकारी और भारत के वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। मेधा की स्कूली शिक्षा एर्नाकुलम के नेवल पब्लिक स्कूल से शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने तिरुवनंतपुरम के सेंट थॉमस स्कूल से अपनी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी की।

  • पिता ज्ञानेश कुमार, पूर्व आईएएस अधिकारी और मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
  • स्कूली शिक्षा केरल के प्रतिष्ठित विद्यालयों से हुई।
  • दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

सेंट स्टीफंस कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढ़ाई ने उनकी विश्वदृष्टि को और गहरा किया। यहाँ उन्होंने नीतिगत फैसलों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को समझा।

यूपीएससी में शानदार प्रदर्शन और निशानेबाजी में निपुणता

मेधा रूपम ने 2013 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल की। उन्होंने मनोविज्ञान को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना, जो उनके विश्लेषणात्मक कौशल और मानवीय समझ का मिश्रण दर्शाता है। प्रशासन में आने से पहले, मेधा ने निशानेबाजी में अपनी एकाग्रता का लोहा मनवाया।

  • 2013 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की।
  • मनोविज्ञान वैकल्पिक विषय के रूप में चुना, जो मानवीय समझ दर्शाता है।
  • केरल राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते।

निशानेबाजी ने उन्हें सटीकता, धैर्य और अव्यवस्था को दूर करने की क्षमता सिखाई। ये सभी गुण उनके प्रशासनिक करियर में बहुत काम आए।

एक कर्मठ अधिकारी का प्रशासनिक सफर

मेधा रूपम का प्रशासनिक सफर उत्तर प्रदेश के सबसे चुनौतीपूर्ण जिलों से जुड़ा है। उन्होंने बरेली में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में अपना आईएएस करियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने मेरठ, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, हापुड़ और कासगंज सहित कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।

  • बरेली में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में प्रशासनिक करियर शुरू किया।
  • मेरठ और उन्नाव में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया।
  • बाराबंकी में मुख्य विकास अधिकारी का पदभार संभाला।

हापुड़ की जिलाधिकारी के रूप में, उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत 1.3 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड जारी कराए। उन्होंने टीकाकरण अभियानों को भी सफलतापूर्वक लागू किया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी।

कासगंज में सक्रिय भूमिका और ग्रेटर नोएडा में अहम योगदान

कासगंज में बाढ़ की स्थिति के दौरान, मेधा रूपम ने अपनी एसयूवी छोड़कर बाढ़ग्रस्त इलाकों में ट्रैक्टर चलाकर बचाव कार्यों का समन्वय किया। उनका यह कदम उनकी जन-केंद्रित और व्यावहारिक शासन शैली को दर्शाता है। फरवरी 2023 से जून 2024 तक, उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) के रूप में कार्य किया।

  • कासगंज में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैक्टर चलाकर बचाव कार्य संभाला।
  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अतिरिक्त सीईओ के रूप में कार्य किया।
  • जेवर हवाई अड्डे और फिल्म सिटी जैसी परियोजनाओं का प्रबंधन किया।

इस दौरान उन्होंने जेवर हवाई अड्डे और फिल्म सिटी जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की देखरेख की। उन्होंने भूमि अधिग्रहण विवादों और निवेशकों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाए रखा।

नोएडा की पहली महिला डीएम के रूप में नई भूमिका

अब, नोएडा की पहली महिला डीएम के रूप में, मेधा रूपम एक ऐसे जिले में कदम रख रही हैं जहाँ तीव्र शहरी विकास और उच्च अपेक्षाएँ हैं। उनका ट्रैक रिकॉर्ड एक ऐसे नेतृत्व का संकेत देता है जो ज़मीन से जुड़ा है, लोगों पर केंद्रित है, और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने से नहीं डरता। उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का शीघ्र निर्माण पूरा करना है। मेधा रूपम की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नोएडा के प्रशासनिक परिदृश्य में एक नया आयाम जोड़ेगा। उनका अनुभव और सक्रिय दृष्टिकोण इस जिले के लिए एक उज्जवल भविष्य का संकेत है।

  • नोएडा में तीव्र शहरी विकास और उच्च अपेक्षाएं हैं।
  • उनकी प्राथमिकता जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का त्वरित निर्माण है।
  • जन-केंद्रित शासन शैली से समस्याओं का समाधान करेंगी।
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