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नई दिल्ली भगदड़ का खुलासा रेलवे ने किए सुधार के वादे

नई दिल्ली भगदड़

नई दिल्ली भगदड़ पर आखिरकार सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह हादसा एक यात्री के सिर से भारी सामान गिरने के कारण हुआ था। मंत्री का यह बयान समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के प्रश्न के उत्तर में आया। सुमन ने जांच रिपोर्ट की स्थिति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछा था।

  • इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 18 लोगों की जान चली गई थी।
  • यह हादसा प्लेटफॉर्म 14/15 को जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज पर हुआ था।
  • मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी।

हादसे के बाद रेलवे का बड़ा कदम: पीड़ितों को दी गई आर्थिक मदद

इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकार ने आर्थिक मदद दी है। मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख की अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया है। गंभीर रूप से घायलों को ₹2.5 लाख, और अन्य घायलों को ₹1 लाख दिए गए हैं। रेल मंत्री के अनुसार, यह राशि सभी पीड़ितों के बीच वितरित की जा चुकी है। यह कदम सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

  • इस हादसे में कुल 33 पीड़ितों को मुआवजा दिया गया।
  • सरकार ने कुल ₹2.01 करोड़ की राशि का भुगतान किया है।
  • यह मुआवजा पीड़ितों और उनके परिवार के सदस्यों को दिया गया।

रेल मंत्री का बयान: ‘सामान गिरने से मची नई दिल्ली भगदड़’

रेल मंत्री ने बताया कि घटना वाले दिन पर्याप्त भीड़ प्रबंधन प्रोटोकॉल मौजूद थे। उन्होंने कहा कि रात 8.15 बजे के बाद फुट ओवरब्रिज पर भीड़ बढ़ गई थी। कई यात्री सिर पर भारी सामान लेकर चल रहे थे, जिससे आवाजाही मुश्किल हो रही थी। एक यात्री के सिर से सामान गिरा और दबाव से लोग लड़खड़ा कर गिर गए।

  • हादसा रात 8.48 बजे फुट ओवरब्रिज (FOB-3) पर हुआ था।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया।
  • इस हादसे में 11 महिलाएँ और 4 बच्चे भी शामिल थे।

यह घटना प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में व्यस्तता के कारण हुई थी, जहाँ महाकुंभ मेला चल रहा था। उस दिन 49,000 सामान्य टिकट बिके थे, जो औसत से 13,000 ज़्यादा थे।

नई दिल्ली भगदड़ के बाद रेलवे ने उठाए सुरक्षा के कड़े कदम

सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। 73 चिन्हित स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग क्षेत्र बनाए जाएँगे। साथ ही, प्रवेश नियंत्रण के उपाय भी लागू किए जाएँगे। इन उपायों में बड़े स्टेशनों पर स्टेशन निदेशक की नियुक्ति भी शामिल है। उन्हें भीड़ नियंत्रण के लिए तत्काल निर्णय लेने की शक्तियाँ दी जाएँगी।

  • कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही सीधे प्लेटफॉर्म पर जा सकेंगे।
  • फुट ओवरब्रिज को चौड़ा किया जाएगा, जो 12 मीटर चौड़े होंगे।
  • सीसीटीवी कैमरे और वॉर रूम बनाए जाएँगे।

रेलवे की नई योजना: यात्रियों की सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता

रेल मंत्री ने बताया कि नई दिल्ली भगदड़ के बाद रेलवे ने अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव किया है। स्टेशन निदेशक के पास टिकट बिक्री को नियंत्रित करने की शक्ति भी होगी। वे स्टेशन की क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री को नियंत्रित करेंगे। इन सभी उपायों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रेलवे विशेषज्ञ इस घटना को “पूरी तरह से टाला जा सकने वाला हादसा” बताते हैं।

  • नए पुलों में रैंप होंगे जो महाकुंभ में प्रभावी साबित हुए।
  • सभी प्रमुख स्टेशनों पर वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन निदेशक होंगे।
  • कर्मचारियों को नए पहचान पत्र और वर्दी दिए जाएँगे।

रेलवे ने स्वीकार की खामियां, भविष्य के लिए प्रतिबद्धता

रेलवे ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस हादसे में उनकी भी कुछ खामियां रही हैं। लेकिन, अब रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। इस घटना के बाद कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाएगी। यह घटना हमें याद दिलाती है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए और भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। रेलवे को लगातार अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करना होगा।

  • सरकार ने स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए कदम उठाए हैं।
  • सभी विभाग अब स्टेशन निदेशक को रिपोर्ट करेंगे।
  • प्रधानमंत्री ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया था।
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