पाकिस्तान का परमाणु ब्लैकमेल: मुनीर की धमकी और भारत का जवाब
पाकिस्तान का परमाणु ब्लैकमेल एक बार फिर सामने आया है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अमेरिका दौरे पर भारत के खिलाफ उकसाने वाले बयान दिए। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर पाकिस्तान पर अस्तित्व का संकट आया, तो वह आधी दुनिया को साथ ले डूबेंगे। मुनीर ने यह धमकी फ्लोरिडा के टाम्पा शहर में एक पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के कार्यक्रम में दी थी, जिसका आयोजन व्यवसायी अदनान असद ने किया था। भारत ने इन टिप्पणियों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ा जवाब दिया है।
- भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगा।
- परमाणु हथियार लहराना पाकिस्तान की पुरानी आदत है और वह इसमें माहिर है।
- पाकिस्तान की सेना आतंकवादी समूहों से मिली हुई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
भारत ने साफ किया कि वह किसी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। ये टिप्पणियां ऐसे देश में परमाणु कमान और नियंत्रण की अखंडता पर गहरी शंकाएं पैदा करती हैं, जहाँ सेना का आतंकवादियों से संबंध है।
मुख्य बिंदु
- पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिका दौरे में भारत को परमाणु हमले की अप्रत्यक्ष धमकी दी।
- मुनीर ने कहा कि अस्तित्व संकट आने पर पाकिस्तान आधी दुनिया को साथ ले डूबेगा।
- सिंधु जल संधि पर चेतावनी देते हुए भारत द्वारा बांध बनाने पर मिसाइल हमले की धमकी दी।
- भारत ने इन बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए परमाणु ब्लैकमेल न मानने का संकल्प जताया।
- विदेश मंत्रालय ने “मित्र तीसरे देश” की धरती से दिए गए इस बयान पर खेद व्यक्त किया।
- भारत ने कहा कि पाकिस्तानी सेना का आतंकवादियों से संबंध गंभीर वैश्विक खतरा है।
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों का संज्ञान लेने की अपील की।
सिंधु जल संधि पर मुनीर की नई धमकी
मुनीर ने भारत को सिंधु जल संधि के मुद्दे पर भी धमकाया। उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु नदी पर कोई बांध बनाता है, तो पाकिस्तान उसे दस मिसाइलों से नष्ट कर देगा। उनका दावा था कि सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है और उनके पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं है। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वह हर कीमत पर अपने जल अधिकारों की रक्षा करेगा। 23 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इस फैसले का कारण पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बताया था। भारत ने साफ कर दिया है पाकिस्तान का परमाणु ब्लैकमेल के आगे वह नहीं झुकेगा और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
- सिंधु नदी पर बांध बनने पर पाकिस्तान उसे मिसाइलों से नष्ट कर देगा।
- मुनीर ने कहा, “सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है”।
- पाकिस्तान ने पहले भी कहा है कि हमारे पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं है।
अमेरिका पर सवाल और भारत का करारा जवाब
भारत ने मुनीर की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह खेदजनक है कि ये टिप्पणियाँ एक “मित्र तीसरे देश” की धरती से की गई हैं। यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका पर सवाल उठाता है, जिसने मुनीर को अपने देश में उच्च-स्तरीय बैठकें करने दीं। भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल की निंदा करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ऐसी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों से निष्कर्ष निकालना चाहिए।
- मुनीर का बयान “मित्र तीसरे देश” की धरती से देना खेदजनक है।
- पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों से मिली हुई है, जो परमाणु हथियारों के प्रसार का खतरा है।
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के गैर-जिम्मेदाराना बयानों का संज्ञान लेना चाहिए।
भारत ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच सैन्य शत्रुता रोकने में अमेरिका शामिल नहीं था। यह फैसला दोनों देशों के बीच डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद लिया गया था।
मुनीर का अमेरिका दौरा और पाक में लोकतंत्र की कमी
मुनीर का यह दो महीने में दूसरा अमेरिकी दौरा था। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान अमेरिका के वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए संघर्ष को खत्म करने में मदद के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि, भारत ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि ट्रंप ने कोई हस्तक्षेप किया था। भारत सरकार का मानना है कि मुनीर के बयान इस बात को दर्शाते हैं कि पाकिस्तान में लोकतंत्र का अभाव है, और पाकिस्तान का परमाणु ब्लैकमेल एक चलन का हिस्सा है, और जब भी अमेरिका पाकिस्तानी सेना का समर्थन करता है, तो वे हमेशा अपना असली रंग दिखाते हैं।”
- मुनीर ने चार दिनों के संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया।
- भारत ने कहा कि अमेरिका ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष सुलझाने में कोई भूमिका नहीं निभाई।
- पाकिस्तान में सेना का नियंत्रण है, जिससे लोकतंत्र कमजोर होता जा रहा है।
पाकिस्तान के दिवंगत परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान ने 2004 में उत्तर कोरिया, लीबिया और ईरान जैसे देशों को परमाणु हथियार सामग्री का प्रसार करने की बात स्वीकार की थी। भारत ने इस पर भी चिंता व्यक्त की है।



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