मुंबई में भारी बारिश: जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल-कॉलेज बंद
सोमवार को मुंबई में भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में केवल छह से आठ घंटों में 177 मिलीमीटर बारिश हुई। उन्होंने नागरिकों से सावधानी बरतने को कहा क्योंकि और बारिश और उच्च ज्वार की आशंका है।
पुलिस ने किंग सर्कल में फंसे छात्रों को सुरक्षित निकाला।
कई इलाकों में भीषण ट्रैफिक जाम और ट्रेन सेवाओं में देरी हुई।
बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक ज़रूरी न हो, घर से बाहर न निकलें।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, पिछले दो दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई है।
शहर के कई इलाकों में जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित
मुंबई में भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। माटुंगा और सायन जैसे इलाकों में कई घंटों से बिजली गुल है, जिससे निवासियों को परेशानी हो रही है। बृहन्मुंबई नगर विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के प्रवक्ता दत्तात्रेय दगड़े ने बताया कि भारी जलभराव वाले इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। माटुंगा में बिजली की मरम्मत का काम चल रहा है और मंगलवार तड़के या दिन में बिजली बहाल होने की उम्मीद है। शहर में स्ट्रीट लाइटें भी बंद देखी गईं, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत हुई।
स्कूल और कॉलेज बंद, रेड अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई में भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए मंगलवार तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके बाद, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सभी स्कूल और कॉलेजों को मंगलवार, 19 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया है। यह आदेश ठाणे नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों पर भी लागू होगा। लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए यह फैसला छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए लिया गया है। पिछले दो दिनों में मुंबई में भारी बारिश के बाद कुल सात लोगों की मौत की खबर है।
ठाणे में भी सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
आईएमडी ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है।
हादसे और बचाव कार्य
चेंबूर के न्यू अशोक नगर इलाके में एमएमआरडीए द्वारा बनाई गई एक सुरक्षा दीवार गिर गई। इससे सात झुग्गियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं, हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस और बचाव दल लगातार राहत कार्यों में लगे हुए हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को निकालने का काम भी जारी है। माटुंगा निवासी एसआर राधा ने बताया कि उनके इलाके में सात घंटों से बिजली नहीं है।
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