बिहार में राहुल की यात्रा में प्रधानमंत्री का अपमान; भाजपा-कांग्रेस में हाथापाई
प्रधानमंत्री का अपमान बिहार के दरभंगा में गुरुवार को सामने आए एक कथित वीडियो ने पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार रैली’ के दौरान मंच से कांग्रेस का झंडा लिए एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ हिंदी में अपशब्दों का इस्तेमाल किया। यह घटना कथित तौर पर बुधवार को हुई थी। इस घटना के बाद चुनावी राज्य बिहार में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।
देश भर में विरोध प्रदर्शन और झड़पें
इस घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिए। दिल्ली में, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला और राहुल गांधी का पुतला फूंका। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “यह एक अक्षम्य अपराध है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा के लिए माफी मांगनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां का अपमान देश की सभी माताओं का अपमान है।”
शनिवार को गुजरात के सूरत में, बिहार में हुई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में, भाजपा कार्यकर्ता सूरत कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मौके पर आना पड़ा। कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कोलकाता स्थित उसके बंगाल मुख्यालय में “भाजपा समर्थकों” के एक समूह ने तोड़फोड़ की। पार्टी का दावा है कि इस हमले का नेतृत्व राकेश सिंह नामक व्यक्ति ने किया था। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने टायर भी जलाए। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की गिरफ्तारी और नया मोड़
दरभंगा पुलिस ने शुक्रवार को तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान मोहम्मद रिजवी उर्फ रजा (20) के रूप में हुई और उसे दरभंगा शहर के सिंहवाड़ा इलाके से हिरासत में लिया गया। भाजपा के दरभंगा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी की शिकायत के आधार पर उसके और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। खबरों के अनुसार, राहुल गांधी का नाम भी एक एफआईआर में दर्ज है। हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। नेक मोहम्मद रिजवी नाम के इस व्यक्ति ने, जो कथित तौर पर भाजपा समर्थक है, कहा कि उसका बिहार से कोई संबंध नहीं है और उसकी फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल उसे और भाजपा को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। भाजपा ने कांग्रेस से माफी की मांग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस “हमेशा प्रधानमंत्री मोदी को गाली देती है” और इस घटना को देश पर एक “धब्बा” बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर कांग्रेस को उसके सबसे निचले स्तर पर ले जाने का आरोप भी लगाया।
वहीं, कांग्रेस ने आरोपों से खुद को अलग करते हुए कहा कि भाजपा “अप्रासंगिक” मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि उनके राज्य मुख्यालय में “भाजपा समर्थकों” ने तोड़फोड़ की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी घटना की निंदा की और इसे “बेहद अनुचित” बताया। उन्होंने ट्वीट किया, “मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान, कांग्रेस और राजद के मंच से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बेहद अनुचित है और मैं इसकी निंदा करता हूं।” यह प्रधानमंत्री का अपमान है और इससे देश की गरिमा को ठेस पहुंची है।
राहुल गांधी की यात्रा और आगे की रणनीति
इस विवाद के बावजूद, राहुल गांधी ने अपनी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ जारी रखी। दरभंगा में भाजपा युवा मोर्चा (BYJM) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके वाहन पर चढ़ने का भी प्रयास किया। दिलचस्प बात यह है कि राहुल ने प्रदर्शनकारियों को पास आने का इशारा किया और बाद में उन्हें कैंडी दी। उन्होंने आरा में एक और रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया और कहा कि यह यात्रा “देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला” के खिलाफ एक आंदोलन बन जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार “महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में वोट चुराने में सफल रही है”, और कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा और चुनाव आयोग को बिहार में “एक भी वोट” चुराने नहीं देगी। यह प्रधानमंत्री का अपमान नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान है।



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