बेंगलुरु एर्नाकुलम वंदे भारत: समय, मार्ग और बुकिंग विवरण
बेंगलुरु एर्नाकुलम वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा जल्द ही शुरू होने वाली है, और इस सेमी-हाई-स्पीड सेवा के शुरू होने से कर्नाटक तथा केरल के बीच यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आने और कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय ने कोयंबटूर होते हुए केएसआर बेंगलुरु और एर्नाकुलम के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को मंज़ूरी दे दी है।
यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया यह एक बड़ा कदम है। यह ट्रेन सेवा दो प्रमुख दक्षिणी राज्यों, कर्नाटक और केरल के यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क, कम यात्रा समय और आरामदायक यात्रा प्रदान करके लाभान्वित करेगी। मंत्रालय ने दक्षिण रेलवे और दक्षिण पश्चिम रेलवे दोनों ज़ोन को “जल्द से जल्द” परिचालन शुरू करने का निर्देश दिया है।
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बेंगलुरु-एर्नाकुलम वंदे भारत एक्सप्रेस: आधिकारिक समय-सारणी की घोषणा
रेलवे बोर्ड द्वारा शुक्रवार, 31 अक्टूबर, 2021 को जारी सूचना के अनुसार, इस नई ट्रेन सेवा की आधिकारिक समय-सारणी घोषित कर दी गई है। यह सेवा बुधवार को छोड़कर, सप्ताह में छह दिन चलेगी।
ट्रेन संख्या 26651 (केएसआर बेंगलुरु – एर्नाकुलम जंक्शन वंदे भारत एक्सप्रेस): यह ट्रेन सुबह 5:10 बजे बेंगलुरु से रवाना होगी और दोपहर 1:50 बजे एर्नाकुलम पहुँचेगी।
ट्रेन संख्या 26652 (एर्नाकुलम – केएसआर बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस): वापसी सेवा दोपहर 2:20 बजे एर्नाकुलम से रवाना होगी और रात 11:00 बजे बेंगलुरु पहुँचेगी।
यह ट्रेन लगभग 07 घंटे 40 मिनट में पूरी दूरी तय करेगी। वर्तमान में, हमसफर एक्सप्रेस को बेंगलुरु और एर्नाकुलम के बीच 842 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 10 घंटे लगते हैं, लेकिन नई वंदे भारत एक्सप्रेस इस यात्रा समय को लगभग 8.5 से 9 घंटे तक कम करने की संभावना रखती है।
एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत का मार्ग और प्रमुख ठहराव
नई बेंगलुरु एर्नाकुलम वंदे भारत एक्सप्रेस का मार्ग कोयंबटूर, पलक्कड़ मार्ग से होकर गुजरेगा। अपनी यात्रा के दौरान, यह वंदे भारत ट्रेन सात स्टेशनों पर रुकेगी, जैसा कि पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है।
प्रमुख ठहराव (स्टॉप):
- कृष्णराजपुरम
- सलेम
- इरोड
- तिरुप्पुर
- कोयंबटूर
- पलक्कड़
- त्रिशूर
यह मार्ग केरल में त्रिशूर, पलक्कड़ और एर्नाकुलम जंक्शन को जोड़ता है, जिससे मध्य केरल के यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाती है। साथ ही, तमिलनाडु में यह कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे औद्योगिक शहरों को भी जोड़ता है, जो कपड़ा और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है।
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अपेक्षित किराया और यात्रा अनुभव
वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों को तेज़, अधिक आरामदायक और प्रीमियम यात्रा का अनुभव प्रदान करती है। ट्रेन में आठ डिब्बे होंगे, जिसमें 7 वातानुकूलित चेयर कार डिब्बे और 1 एक्ज़ीक्यूटिव वातानुकूलित चेयर कार डिब्बा शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यात्रा की श्रेणी के आधार पर किराया 1,800 रुपये से 3,500 रुपये के बीच होने की उम्मीद है।
वंदे भारत एक्सप्रेस 160 किमी प्रति घंटे तक की गति तक पहुँच सकती है। प्रत्येक कोच स्वचालित दरवाजों, एक जीपीएस-आधारित यात्री सूचना प्रणाली, मनोरंजन के लिए ऑनबोर्ड वाई-फाई और बेहतर आराम के लिए एर्गोनॉमिक सीटिंग से सुसज्जित है। एक्जीक्यूटिव क्लास में अधिक लचीली और सुखद यात्रा के लिए घूमने वाली सीटें भी शामिल हैं।
नवंबर के मध्य तक लॉन्च होने की पुष्टि
इससे पहले, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने की पुष्टि की थी। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी थी। मंत्री वैष्णव ने लिखा, “@BJP4Keralam टीम और ज़िला अध्यक्षों के साथ एक वर्चुअल बैठक हुई।
यह बताते हुए खुशी हो रही है कि @RajeevRC_X जी के एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के प्रस्ताव पर विचार किया गया है और इसे नवंबर के मध्य तक शुरू करने की तैयारी है।” इस घोषणा से दक्षिण भारत के रेल नेटवर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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केरल को तीसरी वंदे भारत ट्रेन की सौगात
भारतीय रेलवे (आईआर) ने केरल के लिए एक और वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने को मंज़ूरी दे दी है, जिससे यह राज्य में चलने वाली तीसरी ऐसी ट्रेन बन जाएगी। इस नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन और रखरखाव दक्षिणी रेलवे (एसआर) ज़ोन द्वारा किया जाएगा। वर्तमान में, राज्य में दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं:
ट्रेन संख्या 20633/20634 कासरगोड-त्रिवेंद्रम-कासरगोड वंदे भारत एक्सप्रेस।
ट्रेन संख्या 20631/20632 मैंगलोर-त्रिवेंद्रम-मैंगलोर वंदे भारत एक्सप्रेस।
यह नई बेंगलुरु एर्नाकुलम वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा एक बार फिर यह दर्शाती है कि भारतीय रेलवे यात्री सेवाओं के आधुनिकीकरण और तेज़ अंतर-शहर संपर्क को बढ़ावा देने पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
बढ़ती यात्री मांग और उच्च अधिभोग दर
वंदे भारत एक्सप्रेस नेटवर्क के प्रति यात्रियों की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, अधिकांश मार्गों पर ट्रेनों ने 100% से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की है।
वित्त वर्ष 2024-25 में, कुल अधिभोग 102.01% रहा।चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26) में, यह जून 2025 तक बढ़कर 105.03% हो गया है।
यह उच्च अधिभोग दर इस बात का प्रमाण है कि यात्री बेंगलुरु एर्नाकुलम वंदे भारत जैसी आधुनिक और तेज़ गति वाली रेल सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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आधुनिक गतिशीलता की ओर एक कदम
आगामी वंदे भारत सेवा का उद्देश्य केरल और कर्नाटक के बीच क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूत करना है, जहाँ यात्रियों की आवाजाही काफी ज़्यादा है, खासकर बेंगलुरु के आईटी कॉरिडोर में काम करने वाले पेशेवरों और सप्ताहांत व त्योहारों के दौरान केरल आने वाले अक्सर यात्रियों के लिए।
इस ट्रेन के सुविधाजनक समय से व्यावसायिक और अवकाश यात्रियों, दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा उपायों और यात्री-केंद्रित सुविधाओं के साथ, वंदे भारत एक्सप्रेस भारत में रेल यात्रा के भविष्य को लगातार नए सिरे से परिभाषित कर रही है।



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