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केरल घोर गरीबी मुक्त: पिनाराई विजयन ने ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की

पिनाराई विजयन की घोषणा

पिनाराई विजयन की घोषणा ने केरल को देश का पहला ‘घोर गरीबी-मुक्त’ राज्य बनाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई है। 1 नवंबर को भारत का पहला ‘घोर गरीबी-मुक्त’ राज्य बनकर केरल ने यह सामाजिक मील का पत्थर स्थापित किया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की।

यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है जब राज्य लगातार कल्याणकारी पहलों में सफलता प्राप्त कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप विश्वस्तरीय मानव विकास मानक स्थापित हुए हैं। हालांकि, इस शानदार सफलता के बावजूद, कमजोर रोजगार सृजन और उद्योग राज्य की कमजोरी बने हुए हैं, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।

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विकास संकेतकों में देश में शीर्ष पर

केरल भारत के सभी प्रमुख विकास संकेतकों में शीर्ष पर है, जो इसकी सुनियोजित सामाजिक-आर्थिक नीतियों का प्रमाण है। राज्य ने 2025 तक 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता हासिल कर ली है, जबकि इसकी तुलना में पूरे भारत में यह आंकड़ा केवल 38 प्रतिशत है। इसके स्वास्थ्य मानक भी विश्वस्तरीय हैं, जैसा कि शिशु मृत्यु दर (IMR) से स्पष्ट होता है।

यहाँ शिशु मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर केवल 5 है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका से भी कम है, जहाँ यह 5.6 है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि केरल ने शून्य घोर गरीबी और विश्वस्तरीय मानव विकास मानकों के साथ एक अभूतपूर्व सामाजिक मील का पत्थर स्थापित किया है।

सामाजिक क्षेत्र व्यय और वित्तीय स्थिति

वित्तीय आंकड़ों पर गौर करें तो, कुल बजट के हिस्से के रूप में राज्य का सामाजिक क्षेत्र व्यय वित्तीय वर्ष 2014-15 में 39.9 प्रतिशत था, जो विसंगतिपूर्ण रूप से 2015-16 में भी 39.9 प्रतिशत ही रहा। इस वित्तीय स्थिरता और कल्याणकारी खर्चों के प्रबंधन के बीच, राज्य ने अत्यधिक गरीबी उन्मूलन पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

मुख्यमंत्री ने सदन के विशेष सत्र में बोलते हुए कहा कि इस व्यय ने वैश्विक सामाजिक परिदृश्य में केरल की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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मुख्यमंत्री ने बताया ‘असली केरल की कहानी’

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस उपलब्धि को ‘नव केरलम’ का उदय और ‘असली केरल की कहानी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 2016 में उनके कार्यभार संभालने के समय केरल के विकास की गति धीमी पड़ गई थी, लेकिन एलडीएफ सरकार ने इसे तेज़ किया।

उन्होंने कल्याणकारी पेंशन में वृद्धि को एलडीएफ सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वायनाड भूस्खलन पीड़ितों को अगले जनवरी तक नए घर मिल जाएँगे। समारोह में अभिनेता ममूटी, सांसद जॉन ब्रिटास और कैबिनेट सदस्य भी शामिल हुए, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया। यह ऐतिहासिक क्षण तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में देखा गया।

केंद्र बनाम राज्य: संघीय ढांचे पर सवाल

पिनाराई विजयन की घोषणा में केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने ऐसे समय में अत्यधिक गरीबी का उन्मूलन किया है जब केंद्र देश के संघीय ढांचे को चुनौती दे रहा है।

उन्होंने वायनाड भूस्खलन के बाद केंद्र सरकार पर धनराशि रोकने का आरोप भी लगाया। पिनाराई ने जोर देकर कहा, “केरल की स्थिति विशेष है – यहाँ धन पर केवल कुछ लोगों का नियंत्रण नहीं है।” यह बयान राज्य की सामाजिक समानता और समावेशी विकास की विचारधारा को रेखांकित करता है।

कल्याणकारी पहलों का विस्तृत प्रभाव

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उन विभिन्न कल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया जिन्होंने अत्यधिक गरीबी की सीमा और तीव्रता को कम करने में मदद की। उन्होंने बताया कि 62 लाख परिवारों को कल्याणकारी पेंशन, 4.7 लाख परिवारों को घर, लगभग 6,000 सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना, पारिवारिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार, 43 लाख परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और चार लाख परिवारों को जमीन उपलब्ध कराना – ये सभी कदम इस महान उपलब्धि के पीछे मुख्य कारक रहे हैं।

पिनाराई विजयन की घोषणा केवल एक बयान नहीं, बल्कि इन ठोस कार्यों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने ‘अत्यंत गरीबी मुक्त’ का दर्जा हासिल करने में मदद करने वाले विभिन्न हितधारकों के प्रयासों की सराहना की और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सतर्क गतिविधियाँ चलाने का आह्वान किया।

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विपक्ष ने बताया “ढोंग और खोखली घोषणा”

जहां मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताया, वहीं विपक्षी यूडीएफ ने इस घोषणा को महज दिखावा बताया और विशेष सत्र का बहिष्कार किया। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने इसे “ढोंग और खोखली घोषणा” करार दिया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एलडीएफ सरकार केवल वही वादे करती है जिन्हें वह पूरा कर सकती है, और राज्य को अत्यधिक गरीबी से मुक्त करने का वादा पूरा हुआ है।

पिनाराई विजयन की घोषणा के औचित्य पर सवाल उठाते हुए, विपक्षी यूडीएफ ने केवल मुख्यमंत्री द्वारा अत्यधिक गरीबी उन्मूलन पर बयान देने के लिए विशेष सत्र बुलाने का भी बहिष्कार किया था।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष की टिप्पणी को “दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी” करार दिया और कहा कि जब अंतिम परिवार को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकालने का कदम उठाया गया, तब सभी कैबिनेट मंत्री मौजूद थे। उन्होंने एर्नाकुलम के उस परिवार को अत्यधिक गरीबी की पट्टी से बाहर निकालने और उस संबंध में जिले में एक बैठक आयोजित होने का उल्लेख किया।

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समारोह और राजनीतिक प्रतिशोध

शाम को आयोजित समारोह की अध्यक्षता स्थानीय स्वशासन मंत्री एम बी राजेश ने की। इसमें विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमशीर, कैबिनेट मंत्री, महापौर आर्य राजेंद्रन, मुख्य सचिव ए जयतिलक, एलएसजीडी की विशेष सचिव टीवी अनुपमा सहित अन्य लोग भी शामिल हुए।

दूसरी ओर, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और विधायक सनी जोसेफ ने कहा कि केरल सरकार द्वारा यह घोषणा कि राज्य अब अत्यधिक गरीबी से मुक्त है, एक दुष्प्रचार के तहत एक बयानबाजी है।

उन्होंने यह टिप्पणी केपीसीसी मुख्यालय में पदाधिकारियों और जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्षों की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए की। इस प्रकार, केरल की इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही राजनीतिक प्रतिशोध भी सतह पर आ गया है।

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