प्रशांत किशोर की जनता से जन सुराज पार्टी को ₹1000 दान देने की अपील
राजनीतिक रणनीतिकार से सक्रिय कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने ₹1000 दान की अपील के साथ बिहार के भविष्य को नया आकार देने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को पश्चिम चंपारण के भितिहरवा में गांधी आश्रम में एक दिन के मौन व्रत के बाद मीडिया से बात करते हुए एक ज़बरदस्त संदेश दिया। उन्होंने ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प पहल’ के तहत अपनी पूरी संपत्ति, जिसमें पिछले दो दशकों में अर्जित की गई उनकी सभी संपत्तियां शामिल हैं, को दान करने की घोषणा की।
इस दान में उन्होंने दिल्ली में स्थित अपने परिवार के लिए एक घर को अपवाद रखा है। यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी को मिली शर्मनाक हार (238 सीटों पर लड़ने के बावजूद एक भी सीट न जीत पाना) के ठीक बाद आई है। किशोर ने माना था कि चुनाव न लड़ने का उनका फैसला एक “गलती” था और उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि उनकी पार्टी को 4 प्रतिशत से कम वोट मिलेंगे।
90% आय का समर्पण और जन सुराज का नया अभियान
किशोर ने अपनी व्यक्तिगत आय के संबंध में भी एक बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने घोषणा की है कि वह अगले पांच सालों तक अपनी कमाई का कम से कम 90% हिस्सा इस पहल के लिए दान करेंगे। जन सुराज पार्टी के स्ट्रक्चर और फाइनेंस को मजबूत करने के लिए यह एक बड़ा कदम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल नवंबर की शुरुआत में उन्होंने बताया था कि उन्होंने तीन साल में करीब 241 करोड़ रुपये कमाए थे।
जिसमें से वह पहले ही 99 करोड़ रुपये जन सुराज पार्टी को दान कर चुके हैं। उन्होंने 31 करोड़ रुपये GST और 20 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के तौर पर भी दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मौजूदा संपत्ति करीब 55-60 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कैंपेन पैसे की कमी की वजह से नहीं रुकेगा, और साथ मिलकर बिहार एक मज़बूत और ज़्यादा बराबरी वाला भविष्य बना सकता है।
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15 जनवरी से ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प यात्रा’ का आगाज़: हर घर तक पहुँचने का लक्ष्य
हार के बाद जन सुराज को फिर से खड़ा करने के लिए प्रशांत किशोर ने एक बड़े कैंपेन का ऐलान किया है, जिसमें इनकम डोनेशन और पूरे बिहार में सीधे पब्लिक से जुड़ना शामिल है। उन्होंने ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान’ के तहत एक राज्यव्यापी यात्रा शुरू करने की घोषणा की है। किशोर ने बताया कि यह यात्रा 15 जनवरी से शुरू होगी। इस अभियान के दौरान, पार्टी अगले 15-18 महीनों में राज्य के सभी 118,000 वार्डों और हर घर तक पहुंचेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सीधे जनता से जुड़कर पार्टी का विजन बताना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकार के वादे पूरे हों। यात्रा शुरू होने से पहले जन सुराज पार्टी के संगठन को मज़बूत किया जाएगा, जिससे यह मूवमेंट महात्मा गांधी के धैर्य और लगन के सिद्धांतों पर चल सके।
2 लाख रुपये के वादे पर ज़ोर: सरकारी कागज़ों में न उलझने देने की गारंटी
किशोर ने उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण वादा किया, जिन्हें हालिया चुनावों के दौरान लुभाया गया था। उन्होंने कहा कि “जिन लोगों को लालच दिया गया” और जिन्हें 10,000 रुपये की पहली किस्त मिली है, उन्हें सरकारी कागज़ों में खोने से बचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अब यह जन सुराज की ज़िम्मेदारी है कि उन सभी लोगों तक पहुंचे और यह पक्का करे कि वे सरकारी सिस्टम में न उलझें।” किशोर ने वादा किया कि 15 जनवरी के बाद, उनकी टीम हर घर जाकर लोगों को ज़रूरी फ़ॉर्म भरने में मदद करेगी ताकि वे पूरे 2 लाख रुपये का फ़ायदा उठा सकें, जैसा कि NDA ने महिलाओं से चुनाव से पहले वादा किया था। जन सुराज यह पक्का करेगा कि महिलाओं को चुनाव से पहले NDA के वादे के मुताबिक 2 लाख रुपये मिलें।
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‘बिहार के लोगों के मुंह पर तमाचा’: नई कैबिनेट पर तीखा हमला
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई कैबिनेट की कड़ी आलोचना की, जिसने गुरुवार को शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों का यह समूह “भ्रष्ट और क्रिमिनल” लोगों से भरा हुआ है और यह “बिहार के लोगों के मुंह पर तमाचा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “जले पर नमक छिड़कने जैसा” है क्योंकि इसमें कई भ्रष्ट नेताओं को शामिल किया गया है। किशोर ने कहा कि मंत्रियों के चुनाव से पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की ज़रूरतों और चिंताओं पर ठीक से ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को सिर्फ इसलिए मंत्री बनाया गया क्योंकि उनके पिता राजनीति में थे। उन्होंने दावा किया, “रूलिंग कोएलिशन ने ईमानदारी से ज़्यादा पावर को प्रायोरिटी दी है।”
वोट ख़रीदने का गंभीर आरोप और सरकार को चुनौती
किशोर ने सरकार पर चुनाव के दौरान वोटर्स को प्रभावित करने के लिए पब्लिक मनी का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया, “उन्होंने 1 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं के बैंक अकाउंट में 10,000 रुपये ट्रांसफर करके वोट खरीदे हैं। अब, उन्हें राज्य या लोगों की कोई फिक्र नहीं है।” उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट और राज्य के कंटिंजेंसी रिज़र्व के लिए रखे गए फंड को ट्रांसफर स्कीम के लिए रीडायरेक्ट किया गया था। इस दावे की गंभीरता को दर्शाते हुए उन्होंने राज्य सरकार को चुनौती भी दी: “अगर मैं कुछ गलत कह रहा हूं, तो राज्य सरकार मुझे जेल में डाल सकती है।”
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आंदोलन को सफल बनाने के लिए जनता से सीधी भागीदारी की मांग
अपने विशाल निजी बलिदान के साथ ही, प्रशांत किशोर ने इस आंदोलन में जनता की सीधी भागीदारी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। उन्होंने बिहार के लोगों से भी योगदान देने की अपील की और उनसे जन सुराज के लिए कम से कम ₹1000 दान की अपील की। यह न केवल धन जुटाने का एक तरीका है, बल्कि यह आंदोलन को जनता का आंदोलन बनाने का भी एक प्रयास है। उन्होंने पक्के इरादे के साथ घोषणा की कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति से नहीं मिलेंगे जो पार्टी को यह रकम डोनेट नहीं करता है।
उन्होंने कहा, “अब, मैं बिहार के लोगों से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे पार्टी को हर साल सिर्फ़ ₹1,000 डोनेट करें।” किशोर ने कहा कि वह दिल्ली में अपने घर को छोड़कर, पिछले 20 सालों में कमाई गई अपनी सारी प्रॉपर्टी पार्टी को दान कर देंगे, और ₹1000 दान की अपील को लोगों के प्रति आंदोलन की जिम्मेदारी लेने का प्रतीक बनाया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया, “हम सरकार बदलेंगे। उन्होंने इस चुनाव में हमारा हौसला तोड़ने की कोशिश की। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।”
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