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20 जनवरी को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: बीजेपी ने जारी किया शेड्यूल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को पार्टी के चल रहे ‘संगठन पर्व’ 2024 के हिस्से के रूप में अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने की आधिकारिक प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए जारी विस्तृत समय सारणी के अनुसार, नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में की जाएगी। राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक प्रक्रिया के लिए मतदाता सूची शुक्रवार को ही प्रकाशित कर दी गई है। वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का इस पद पर निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है, जो निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का स्थान लेंगे।

नामांकन से घोषणा तक: पूरा चुनावी कार्यक्रम

पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्र 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन शाम 4 बजे से 5 बजे तक की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने के लिए शाम 5 बजे से 6 बजे तक का समय तय किया गया है। डॉ. लक्ष्मण ने स्पष्ट किया कि नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 जनवरी को ही शाम 6.30 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो 20 जनवरी को मतदान होगा, अन्यथा सुबह 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे के बीच नए अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

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नितिन नवीन: सबसे युवा अध्यक्ष बनने की ओर अग्रसर

45 वर्षीय नितिन नवीन, जो वर्तमान में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, पार्टी के इतिहास में इस शीर्ष पद को संभालने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बनने के लिए तैयार हैं। बिहार विधानसभा के पांच बार के सदस्य और राज्य सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके नवीन को उनकी संगठनात्मक कुशलता और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नवीन के समर्पण की सराहना करते हुए कहा था कि उनकी ऊर्जा पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। नवीन के नामांकन के लिए तीन सेट तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से एक पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह के हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

संगठनात्मक अनुभव और विधायी सफर

नितिन नवीन का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। वे बिहार के दिग्गज भाजपा नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं और 2010 से लगातार बांकीपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बिहार सरकार में सड़क निर्माण, नगर विकास और कानून मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो संभालने के साथ-साथ उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में भी कार्य किया है। उन्हें सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, जहाँ उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया। 14 दिसंबर को उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और अब वे पूर्णकालिक कमान संभालने जा रहे हैं।

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बीजेपी के संविधान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया

पार्टी के संविधान के अनुसार, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) में राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं। नियम के मुताबिक, किसी व्यक्ति का नाम प्रस्तावित करने के लिए कम से कम पांच राज्यों के 20 सदस्यों का संयुक्त प्रस्ताव आवश्यक है। साथ ही, उम्मीदवार का 15 वर्षों तक सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है। भाजपा के 37 में से 29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पहले ही पूरे हो चुके हैं, जिससे राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पार्टी संविधान के अनुसार, कोई भी योग्य सदस्य तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल के लिए इस पद पर रह सकता है।

नई टीम और आगामी चुनावी चुनौतियां

नितिन नवीन के पदभार संभालते ही उनके सामने बड़ी चुनौतियां होंगी। अगले साल उत्तर प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में भी पार्टी को अपनी पैठ मजबूत करनी है। सूत्रों का कहना है कि नवीन की नई टीम में 80% नेता 50 साल से कम उम्र के हो सकते हैं, जो पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का पूर्ण समर्थन प्राप्त होने के कारण नवीन से संगठन में नई ऊर्जा भरने और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए आधार तैयार करने की उम्मीद की जा रही है।

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खरमास के बाद भव्य समारोह की तैयारी

नितिन नवीन की नियुक्ति 14 दिसंबर को ही हो गई थी, लेकिन ‘खरमास’ (अशुभ समय) के कारण उनकी औपचारिक ताजपोशी रुकी हुई थी। 14 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बाद अब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को गति दी गई है। 20 जनवरी को होने वाले समारोह को भव्य बनाने के लिए भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है। 21 जनवरी को निर्वाचित होने के तुरंत बाद नवीन सभी वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्षों के साथ पहली बड़ी बैठक करेंगे, जिसमें आगामी चुनावी रोडमैप पर चर्चा होने की संभावना है।+1

नड्डा के कार्यकाल का समापन और नवीन का उदय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, जो 2020 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं, अब अपनी जिम्मेदारी नितिन नवीन को सौंपेंगे। नड्डा का कार्यकाल भाजपा के लिए काफी विस्तारवादी रहा है और अब नवीन से उम्मीद है कि वे उसी वैचारिक निरंतरता को आगे बढ़ाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवीन की नियुक्ति आरएसएस और भाजपा के उस तालमेल का परिणाम है जो कोटे के बजाय योग्यता और युवा नेतृत्व को प्राथमिकता देता है। 20 जनवरी को दिल्ली स्थित मुख्यालय से निकलने वाला संदेश न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए, बल्कि समूचे राजनीतिक परिदृश्य के लिए भविष्य की रणनीति का ब्लूप्रिंट होगा।

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