“महाराष्ट्र निकाय चुनाव परिणाम”महायुति की ऐतिहासिक जीत
महाराष्ट्र निकाय चुनाव परिणाम 2026 के लाइव अपडेट्स ने राज्य की राजनीति में नई इबारत लिख दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिणामों पर हर्ष जताते हुए कहा कि भाजपा और महायुति ने 2017 के चुनावों का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विरोधियों में लड़ने की इच्छाशक्ति की भारी कमी दिखी, जिसका सीधा लाभ सत्ताधारी गठबंधन को मिला। सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों से ही महायुति की बढ़त स्पष्ट हो गई थी, जो शाम होते-होते एक प्रचंड जीत में बदल गई।
12 जिलों में वोटों की गिनती और भारी मतदान के आंकड़े
महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के भविष्य का फैसला करने के लिए मतगणना की प्रक्रिया बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। रविवार को राज्य में कुल 68.28 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो जनता के उत्साह को दर्शाता है।
परभणी जिले में सबसे अधिक 74.89 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि कोल्हापुर 74.45 प्रतिशत और छत्रपति संभाजीनगर 72.69 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रहे।
हालांकि, रत्नागिरी में उत्साह कुछ कम रहा और वहां सबसे कम 55.79 प्रतिशत मतदान हुआ। इस लोकतांत्रिक उत्सव को संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने 25,471 मतदान केंद्र बनाए थे और लगभग 1.28 लाख कर्मियों को मुस्तैद किया गया था।
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पुणे जिला परिषद में अजीत पवार का एकतरफा दबदबा
पुणे जिले के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। नगर निगम चुनावों के उलट, यहां अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने क्लीन स्वीप किया है। जिले की 73 सीटों में से एनसीपी ने अकेले 51 सीटों पर कब्जा जमाकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
भाजपा 10 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 5 और उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना-UBT) को 6 सीटें मिलीं।
शरद पवार की एनसीपी-एसपी को महज 1 सीट से संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका। महाराष्ट्र निकाय चुनाव परिणाम के इन आंकड़ों ने साबित कर दिया कि ग्रामीण पुणे में आज भी अजीत पवार का सिक्का चलता है।
तहसीलवार विजेताओं की सूची: जुन्नर से इंदापुर तक एनसीपी की लहर
पुणे की 13 तहसीलों में एनसीपी का ‘गुलाल’ उड़ता दिखाई दिया। जुन्नर में सोनाबाई दाभाड़े, छाया तांबे, और कल्पना काले जैसे उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। अंबेगांव में भी एनसीपी की शिला लोहोकारे और प्रीति थोराट ने जीत का परचम लहराया।
शिरूर में हालांकि भाजपा ने कड़ी टक्कर दी और राजेंद्र गावड़े व स्वाति पाचुंडकर ने सीटें जीतीं, लेकिन एनसीपी की वृषाली वाल्के और प्रफुल्ल शिवाले भी पीछे नहीं रहे। बारामती और इंदापुर तो पूरी तरह एनसीपी के अभेद्य किले साबित हुए, जहां पल्लवी खेत्रे, शुभांगी शिंदे, हर्षदा जाधव और यशराज जगदाले जैसे सभी प्रमुख उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री फडणवीस का दावा: सभी 12 जिलों में महायुति विजयी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव परिणाम में महायुति ने सभी 12 जिलों में जीत हासिल की है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता ने एक बार फिर हमारी नीतियों और विकास कार्यों पर मुहर लगाई है।
फडणवीस ने बताया कि भाजपा ने छत्रपति संभाजीनगर, सिंधुदुर्ग, सोलापुर, सांगली, धाराशिव, परभणी और सतारा में जीत का झंडा गाड़ा है, वहीं पुणे की कमान एनसीपी ने संभाली है। उन्होंने साफ किया कि अब तक के जिला पंचायत और पंचायत समिति के नतीजों से यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र के लोगों का भरोसा महायुति के साथ अडिग है।
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चुनाव का सफर: स्थगन, दुखद विमान दुर्घटना और मतदान
ये चुनाव मूल रूप से 5 फरवरी को होने थे, लेकिन राज्य ने एक बड़ी त्रासदी का सामना किया। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की एक दुखद विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण राज्य में शोक की घोषणा की गई और चुनावों को स्थगित करना पड़ा। बाद में मतदान की तारीख बदलकर 7 फरवरी की गई।
इस चुनाव में कुल 7,438 उम्मीदवारों ने 731 जिला परिषद और 1,462 पंचायत समिति सीटों के लिए अपनी किस्मत आजमाई। 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगभग बराबर (करीब 1-1 करोड़) रही।
छिटपुट हिंसा और विवादों के बीच संपन्न हुई प्रक्रिया
मतदान के दौरान छत्रपति संभाजीनगर के वडगांव कोल्हाटी इलाके से तनाव की खबरें भी आईं। शिवसेना (UBT) के उम्मीदवार अनिल चोरडिया ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार सचिन गरड के बूथ पर तोड़फोड़ की कोशिश की।
चोरडिया को संदेह था कि वहां पैसे बांटे जा रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने बहस की और कुर्सियां फेंकीं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और कोई घायल नहीं हुआ। इस छिटपुट घटना को छोड़कर पूरे राज्य में महाराष्ट्र निकाय चुनाव परिणाम के लिए हुई वोटिंग शांतिपूर्ण रही, जिसका श्रेय चुनाव ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों को जाता है।
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आगामी राजनीतिक समीकरण और महायुति की मजबूती
इन चुनावी नतीजों ने राज्य की भावी राजनीति की दिशा तय कर दी है। भाजपा जहां 201 सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, वहीं शिवसेना और एनसीपी के बीच भी कई जगहों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस और शिवसेना (UBT) को इन ग्रामीण चुनावों में बड़ी निराशा हाथ लगी है।
सुबह 10:40 बजे के रुझानों में ही भाजपा 201 सीटों पर आगे थी, जबकि कांग्रेस महज 12 और यूबीटी 10 सीटों पर सिमटती नजर आई। यह परिणाम दर्शाते हैं कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महायुति की नींव और अधिक मजबूत हो गई है।
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