SBI मार्केट कैप रिकॉर्ड: TCS को पछाड़कर बनी चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी
SBI मार्केट कैप रिकॉर्ड भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में बुधवार का दिन बैंकिंग सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को पछाड़कर देश की चौथी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी का गौरव हासिल कर लिया है।
SBI का कुल बाजार मूल्यांकन (Market Cap) ₹10.9 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। यह बड़ी उपलब्धि बैंक द्वारा वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन और रिकॉर्ड मुनाफे की घोषणा के बाद हासिल हुई है।
जहां एक ओर SBI के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई, वहीं दूसरी ओर TCS के मूल्यांकन में गिरावट ने इस रैंकिंग के फेरबदल को और स्पष्ट कर दिया।
मार्केट कैप का पूरा गणित और टॉप कंपनियों की रैंकिंग
बुधवार, 11 फरवरी को बाजार बंद होने के समय के आंकड़ों पर नजर डालें तो SBI का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹10.92 लाख करोड़ (10,91,982.06 करोड़ रुपये) दर्ज किया गया। इसके मुकाबले TCS की मार्केट वैल्यू ₹10.53 लाख करोड़ (10,52,646.38 करोड़ रुपये) रही।
इस शानदार रैली के दौरान सरकारी बैंक ने न केवल TCS को पीछे छोड़ा, बल्कि निजी क्षेत्र के दिग्गज ICICI बैंक को भी पछाड़ दिया है, जिसकी मार्केट वैल्यू ₹10.05 लाख करोड़ थी।
हालांकि, भारतीय बाजार की शीर्ष सूची में अभी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) करीब ₹20 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद HDFC बैंक ₹14.3 लाख करोड़ और भारती एयरटेल ₹12.3 लाख करोड़ के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं।
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स्टॉक परफॉर्मेंस: SBI में रिकॉर्ड तेजी और IT शेयरों में भारी बिकवाली
बुधवार के कारोबारी सत्र में SBI के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया। BSE पर बैंक का शेयर 3.40% बढ़कर ₹1,183 के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE पर यह 3.23% की बढ़त के साथ ₹1,181.10 पर रहा। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान शेयर लगभग 4% उछलकर ₹1,187.70 की 52-हफ्तों की नई ऊंचाई पर पहुंच गया था।
साल 2026 में अब तक SBI मार्केट कैप रिकॉर्ड की ओर बढ़ते हुए इसके शेयरों ने 21% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। इसके विपरीत, TCS का स्टॉक अपने लाइफटाइम हाई ₹4,552 (30 अगस्त 2024) से 36% नीचे आ चुका है और बुधवार को 2.5% गिरकर ₹2,909.40 पर बंद हुआ। इस अवधि में बेंचमार्क निफ्टी 50 में लगभग 1% की मामूली गिरावट देखी गई है।
Q3 FY26 के नतीजे: मुनाफे का अब तक का सबसे बड़ा शिखर
SBI की इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे 7 फरवरी को घोषित हुए दिसंबर तिमाही के असाधारण नतीजे हैं। बैंक ने Q3 FY26 के लिए माइनॉरिटी इंटरेस्ट के बाद ₹21,028.15 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है, जो बैंक के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है।
यह पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹16,891.44 करोड़ के मुकाबले 24.49% की शानदार सालाना (YoY) वृद्धि है। कंसोलिडेटेड आधार पर बैंक का मुनाफा 13.06% बढ़कर ₹21,317 करोड़ रहा। बैंक की कोर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 9.04% की वृद्धि के साथ ₹45,190 करोड़ पर पहुंच गई, जिसे लगातार मजबूत लोन ग्रोथ से सहारा मिला।
एसेट क्वालिटी में सुधार और ऑपरेशनल मैट्रिक्स का प्रदर्शन
मुनाफे के साथ-साथ बैंक की एसेट क्वालिटी में भी निरंतर सुधार देखा गया है। ग्रॉस NPA रेश्यो, जो Q2 FY26 में 1.73% था, घटकर Q3 FY26 में 1.57% पर आ गया है। इसी तरह नेट NPA भी 0.42% से कम होकर 0.39% रह गया है। बैंक का क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 15.6% की दर से बढ़ा है।
हालांकि, डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 0.03% की मामूली कमी आई और यह 3.12% रहा, लेकिन बैंक का मानना है कि लंबे समय में यह 3% से ऊपर बना रहेगा। तिमाही के दौरान नॉन-इंटरेस्ट इनकम में भी 15.65% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹8,404 करोड़ रही।
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ब्रोकरेज हाउस की राय: क्या अभी भी SBI में निवेश का मौका है?
दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने SBI के प्रदर्शन को ‘ऑल-राउंड’ बताया है। ब्रोकरेज के अनुसार, मजबूत बिजनेस ग्रोथ और सुधरती एसेट क्वालिटी के कारण SBI मार्केट कैप रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने में सफल रहा।
मोतीलाल ओसवाल ने बैंक की ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस को संशोधित कर ₹1,300 कर दिया है। बैंक प्रबंधन ने भी वित्त वर्ष 2026 के लिए क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस को बढ़ाकर 13%–15% कर दिया है। ब्रोकरेज ने बैंक के भविष्य के प्रति सकारात्मक रुख अपनाते हुए FY27 और FY28 के अर्निंग अनुमानों में भी बढ़ोतरी की है।
BHEL OFS: सरकारी विनिवेश की दिशा में एक और सफल कदम
बाजार की अन्य हलचलों में, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) का ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) बुधवार को पूरी तरह ओवरसब्सक्राइब हुआ। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, ऑफर पर रखे गए 174 मिलियन शेयरों के मुकाबले 220.8 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
इस इश्यू के लिए फ्लोर प्राइस ₹254 तय किया गया था, जबकि अधिकांश बोलियां ₹256 के स्तर पर आईं। इस विनिवेश के जरिए भारत सरकार अपनी 5% हिस्सेदारी बेच रही है, जिससे सरकारी खजाने में ₹4,400 करोड़ से ज्यादा आने की उम्मीद है। इस ट्रांजैक्शन के लिए सिटीबैंक, ICICI सिक्योरिटीज और नुवामा ने इन्वेस्टमेंट बैंक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।
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भारतीय बैंकिंग सेक्टर के नए युग की शुरुआत
अंततः, SBI मार्केट कैप रिकॉर्ड बनाने के साथ ही भारतीय बैंकिंग प्रणाली की मजबूती को वैश्विक पटल पर साबित कर चुका है। आईटी सेक्टर की सुस्ती और बैंकिंग सेक्टर की आक्रामकता ने बाजार की गतिशीलता को बदल दिया है।
SBI का ₹10.92 ट्रिलियन का मूल्यांकन न केवल निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब दक्षता और मुनाफे के मामले में निजी दिग्गजों और टेक कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।
रिलायंस, HDFC बैंक और भारती एयरटेल के बाद SBI की यह नई स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप का प्रतीक है।
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