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केरल में सस्पेंस खत्म: “वी.डी. सतीशन अगले CM नामित”

वी.डी. सतीशन CM नामित

वी.डी. सतीशन CM नामित केरल की राजनीति में पिछले दस दिनों से चल रही खींचतान और अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने गुरुवार, 14 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर वी.डी. सतीशन (V.D. Satheesan) को केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में नामित कर दिया है।

यह घोषणा दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की गई, जिसमें एआईसीसी के दिग्गज नेता अजय माकन, मुकुल वासनिक और दीपा दासमुंशी मौजूद थे।

ऐतिहासिक जनादेश और नेतृत्व का संकट

4 मई 2026 को आए चुनाव नतीजों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने 102 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर एलडीएफ के एक दशक लंबे शासन को उखाड़ फेंका था।

हालांकि, जीत की खुशी जल्द ही मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर शुरू हुए आंतरिक संघर्ष में बदल गई। पिछले नौ दिनों से पार्टी के भीतर तीन शक्तिशाली ध्रुवों—वी.डी. सतीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला—के बीच कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला चल रहा था।

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वेणुगोपाल बनाम सतीशन: क्यों झुका सतीशन का पलड़ा?

पार्टी सूत्रों के अनुसार, एआईसीसी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल को नवनिर्वाचित विधायकों और कई सांसदों का मजबूत समर्थन हासिल था। उन्हें राहुल गांधी का बेहद करीबी भी माना जाता है। हालांकि, वी.डी. सतीशन के पक्ष में कई महत्वपूर्ण कारक काम कर गए:

सहयोगियों का दबाव: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) जैसे प्रभावशाली सहयोगियों ने स्पष्ट रूप से सतीशन का समर्थन किया था।उपचुनाव का जोखिम: वेणुगोपाल वर्तमान में अलाप्पुझा से सांसद हैं।

उन्हें सीएम बनाने का मतलब था दो उपचुनाव—एक उनके विधानसभा में प्रवेश के लिए और दूसरा उनकी खाली होने वाली लोकसभा सीट के लिए। पार्टी इस समय यह जोखिम नहीं लेना चाहती थी।

जनता की राय: सतीशन ने विपक्ष के नेता के रूप में पिनराई विजयन सरकार के खिलाफ जो मुखर तेवर अपनाए थे, उसने उन्हें आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।

    के.सी. वेणुगोपाल का बड़प्पन: “पार्टी सबसे ऊपर है”

    पद की दौड़ से बाहर होने के बावजूद, के.सी. वेणुगोपाल ने परिपक्वता का परिचय देते हुए फैसले का स्वागत किया। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस आलाकमान का फैसला अंतिम है और मैं इसका तहे दिल से स्वागत करता हूँ।

    मेरे लिए पार्टी और उसके कार्यकर्ता व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर हैं।” उनके इस रुख ने शपथ ग्रहण से पहले पार्टी के भीतर किसी भी तरह के खुले विद्रोह की संभावना को कम कर दिया है।

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    जश्न में डूबा केरल

    घोषणा होते ही तिरुवनंतपुरम के कैंटोनमेंट हाउस और कांग्रेस मुख्यालय ‘इदिरा भवन’ में कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। एर्नाकुलम के परवूर विधानसभा क्षेत्र, जो 2001 से सतीशन का गढ़ रहा है, वहां लोग सड़कों पर उतरकर मिठाइयां बांट रहे हैं और पटाखे फोड़ रहे हैं।

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    राहुल और प्रियंका की सक्रिय भूमिका

    बताया जा रहा है कि इस नाम को अंतिम रूप देने से पहले राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी के साथ कई दौर की बैठकें कीं। आलाकमान किसी भी ऐसे फैसले से बचना चाहता था जिससे 2029 के आम चुनाव या आने वाले स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की एकता पर आंच आए।

    वी.डी. सतीशन के सामने अब केरल की जनता की भारी उम्मीदों को पूरा करने और गठबंधन के सहयोगियों को साथ लेकर चलने की बड़ी चुनौती होगी। 10 दिनों की देरी ने भले ही कुछ दरारें दिखाई हों, लेकिन कांग्रेस अब एक नए उत्साह के साथ केरल में सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है। केरल में वी.डी. सतीशन CM नामित

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