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“मेटा कर्मचारी छंटनी 2026” ने 8,000 कर्मचारियों को निकाला,

मेटा कर्मचारी छंटनी 2026

मेटा कर्मचारी छंटनी 2026 वैश्विक तकनीकी उद्योग (Global Tech Industry) के इतिहास में बुधवार की सुबह सिलिकॉन वैली के लिए एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई। सोशल मीडिया और तकनीक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा (Meta) ने अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तरफ मोड़ने के लिए एक झटके में लगभग 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह संख्या मेटा के कुल वैश्विक कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत है। इस छंटनी की पुष्टि खुद सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने की है।

इस पूरी प्रक्रिया में जिस तरह से कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, उसने कॉर्पोरेट जगत की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह ठीक 4 बजे कर्मचारियों के इनबॉक्स में पहुंचे एक बेहद औपचारिक लेकिन क्रूर ईमेल ने हजारों परिवारों की वित्तीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया।

इसके साथ ही, लगभग 7,000 कर्मचारियों को जबरन एआई-केंद्रित (AI-focused) भूमिकाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिसने टेक सेक्टर में ‘व्हाइट-कॉलर’ नौकरियों के भविष्य को लेकर एक नई घबराहट और अनिश्चितता पैदा कर दी है।

सुबह 4 बजे का वह डरावना ईमेल: “सामान उठाएं और तुरंत घर जाएं”

‘बिजनेस इनसाइडर’ द्वारा हासिल किए गए इस विदाई ईमेल के टेक्स्ट ने कॉर्पोरेट क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। ईमेल में बेहद ठंडे और प्रशासनिक लहजे में प्रभावित कर्मचारियों को सूचित किया गया कि ‘पुनर्गठन’ के तहत उनकी भूमिका तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

ईमेल का सबसे डरावना और चौंकाने वाला हिस्सा वह था, जिसमें कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को सीधे निर्देश दिए गए। पत्र में लिखा था: “चूंकि आप एक पेड नॉन-वर्किंग नोटिस पीरियड में आ गए हैं, इसलिए आपका बैज (पहचान पत्र) डीएक्टिवेट कर दिया गया है।

अगर आप पहले से ही ऑफ़िस में मौजूद हैं, तो हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया अपनी डेस्क से अपनी कोई भी निजी चीज़ें इकट्ठा करें और तुरंत घर चले जाएं।”

इस क्रूर निर्देश के बाद कर्मचारियों को बताया गया कि कंपनी के आंतरिक नेटवर्क, टूल्स और प्रणालियों (Internal Systems) तक उनकी पहुंच एक घंटे के भीतर समाप्त कर दी जाएगी। इसके बाद उन्हें कंपनी के “एलुमनाई पोर्टल” पर रीडायरेक्ट किया जाएगा, जहां वे अपने सेवरेंस पैकेज और वीज़ा सहायता संबंधी दस्तावेज देख सकेंगे।

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एआई की होड़ में इंसानों की बलि: क्यों इतनी आक्रामक हैं जुकरबर्ग की नीतियां?

मेटा ने इस सामूहिक छंटनी का बचाव करते हुए इसे “कंपनी को अधिक कुशलता से चलाने और भविष्य के निवेशों की भरपाई करने की रणनीति” बताया है। यहाँ “अन्य निवेशों” का सीधा मतलब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी ढांचे (AI Infrastructure) पर किया जा रहा अंधाधुंध खर्च है।

मेटा ने साल 2026 के लिए अपने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का अनुमान बढ़ाकर 125 अरब डॉलर से 145 अरब डॉलर के बीच कर दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।

मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक मेमो में लिखा, “यह हमारे जीवनकाल की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है। जो कंपनियां एआई में आगे रहेंगी, वही अगली पीढ़ी को परिभाषित करेंगी।

हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें इस छंटनी का ‘बोझ’ महसूस हो रहा है और वे प्रभावित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, लेकिन कर्मचारियों के बीच इस बयान को महज ‘दिखावा’ माना जा रहा है। यह जुकरबर्ग के 2022-23 के “Year of Efficiency” के बाद का सबसे बड़ा झटका है, जिसमें 21,000 नौकरियां खत्म की गई थीं।

‘स्टैक रैंकिंग’ कल्चर पर फूटा गुस्सा: पूर्व इंजीनियरों ने बताया ‘कैंसर’

इस छंटनी के बाद मेटा के पूर्व कर्मचारियों का गुस्सा सोशल मीडिया पर ज्वालामुखी की तरह फूटा है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मेटा के पूर्व इंजीनियर जेरेमी बर्नियर की एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने मेटा के आंतरिक कार्यबल के माहौल को पूरी तरह “ज़हरीला” करार दिया।

बर्नियर ने कंपनियों में इस्तेमाल होने वाली परफॉर्मेंस-मैनेजमेंट प्रणाली ‘स्टैक रैंकिंग’ (Stack Ranking) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “पूरी तरह से कैंसर जैसा” बताया। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम कर्मचारियों को काम पर ध्यान देने के बजाय आपस में ही एक अंतहीन और असुरक्षित प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में झोंक देता है।

बर्नियर ने इस बात को भी खारिज किया कि केवल खराब प्रदर्शन करने वालों को निकाला गया है; उनके अनुसार यह सैलरी पैकेज, टीम स्ट्रक्चर और रोल की उपयोगिता का एक अजीब मेल था। नौकरी जाने के बाद बर्नियर ने तंज कसते हुए लिखा कि वे अब एशिया घूमने जा रहे हैं और सिलिकॉन वैली को छोड़कर “आधुनिक सभ्यता” में लौटने को लेकर बेहद राहत महसूस कर रहे हैं।

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हास्यास्पद विरोधाभास: एक तरफ छंटनी, दूसरी तरफ बाहरी हायरिंग का खेल

इस पूरे घटनाक्रम में टेक कंपनियों के दोहरे रवैये को उजागर करते हुए डेटा एक्सपर्ट (DataExpert.io) के संस्थापक और मेटा के पूर्व सीनियर इंजीनियर ज़ैक विल्सन ने एक बड़ा खुलासा किया। विल्सन ने बताया कि जिस हफ्ते मेटा ने 8,000 लोगों को निकालने का फैसला किया, ठीक उसी हफ्ते मेटा के रिक्रूटर्स ने उनसे एक ‘प्रिंसिपल इंजीनियर’ के पद के इंटरव्यू के लिए संपर्क किया था।

विल्सन ने तीखा हमला करते हुए कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि जिन 8,000 लोगों को निकाला गया है, उनमें से कम से कम एक व्यक्ति ऐसा जरूर रहा होगा जो उस पद के लिए पूरी तरह योग्य था।

लेकिन ये कंपनियां कर्मचारियों के साथ केवल एक ‘लागत’ (Cost) की तरह व्यवहार करती हैं। उन्हें निकालो और जहां जरूरत हो वहां बाहर से नई भर्ती करो। कंपनियां हमसे वफादारी की उम्मीद क्यों करती हैं, जबकि सैकड़ों अरब डॉलर का मुनाफा होने के बावजूद वे अपने पुराने कर्मचारियों को बनाए रखने की न्यूनतम कोशिश भी नहीं करतीं?”

प्रवासियों पर दोहरी मार: एच-1बी (H-1B) वीजा धारकों में हाहाकार

इस छंटनी का सबसे दर्दनाक और मानवीय पहलू उन विदेशी कर्मचारियों से जुड़ा है जो एच-1बी (H-1B) वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं। इनमें भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की संख्या सबसे अधिक है। अमेरिकी नियमों के अनुसार, नौकरी जाने के बाद इन वीजा धारकों के पास एक नया कानूनी स्पॉन्सर ढूंढने या देश छोड़ने के लिए केवल 60 दिनों का ‘ग्रेस पीरियड’ होता है।

मेटा ने हालांकि एलुमनाई पोर्टल के माध्यम से इमिग्रेशन और कानूनी फर्मों की सहायता देने का वादा किया है, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक है। जिन कर्मचारियों के बच्चे वहां के स्कूलों में पढ़ रहे हैं या जिन्होंने वहां होम लोन (Mortgages) ले रखे हैं, वे अचानक आए इस संकट से पूरी तरह टूट चुके हैं।

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क्या है मेटा का सेवरेंस पैकेज?

मेटा ने नियमित कर्मचारियों (FTE) को इस झटके से संभालने के लिए निम्नलिखित मुआवजे की घोषणा की है:

बेसिक सेवरेंस पे: 16 हफ्ते (4 महीने) की बेसिक सैलरी का एकमुश्त भुगतान।अनुभव का बोनस: कंपनी में बिताए गए प्रत्येक पूर्ण सेवा वर्ष के लिए अतिरिक्त दो हफ्ते की सैलरी (जिसमें से नोटिस पीरियड घटाया जाएगा)।

स्वास्थ्य बीमा: प्रभावित कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए 18 महीने तक कोबरा (COBRA) हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का पूरा भुगतान।इक्विटी: टर्मिनेशन डेट तक वेस्ट हो चुके सभी रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSU) का पूरा लाभ।

    संपादकीय दृष्टिकोण:

    मेटा की यह छंटनी इस कड़वी हकीकत को बयां करती है कि तकनीकी दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए इंसानी वफादारी और प्रतिभा की कीमत मुनाफे और तकनीकी होड़ से हमेशा कम होती है। एआई की इस अंधी दौड़ में इंसानी कार्यबल को सीधे तौर पर ‘लागत कटौती’ के औजार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

    सुबह 4 बजे ईमेल भेजकर कर्मचारियों का बैज ब्लॉक कर देना किसी भी आधुनिक और सभ्य कॉर्पोरेट संस्कृति के दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। सिलिकॉन वैली का यह ‘एआई-संचालित पुनर्गठन’ आने वाले समय में व्हाइट-कॉलर नौकरियों के लिए एक चेतावनी है कि तकनीक जितनी तेजी से बदलेगी, कॉर्पोरेट नीतियां उतनी ही क्रूर और ठंडी होती जाएंगी। मेटा कर्मचारी छंटनी 2026: टेक जगत में हलचल, शुरू हुई मेटा कर्मचारी छंटनी 2026 इन विभागों पर पड़ेगा मेटा कर्मचारी छंटनी 2026 का असर नए वित्तीय साल में मेटा कर्मचारी छंटनी 2026 को लेकर बड़ा फैसला

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