“भारत इटली रणनीतिक साझेदारी”मोदी मेलोनी ने तय किया 5 साल का रोडमैप,
भारत इटली रणनीतिक साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों (यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) की व्यापक और कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण विदेश यात्रा का समापन इटली की राजधानी रोम में एक बेहद ऐतिहासिक और बहुआयामी मोड़ पर हुआ है।
२० मई, २०२६ को रोम के खूबसूरत विला पैम्फिली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के बीच एक अत्यंत उच्च-स्तरीय और द्विपक्षीय शिखर वार्ता आयोजित की गई। इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाते हुए ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई गहन चर्चा के बाद एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ “भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029″ (India-Italy Joint Strategic Action Plan) को आधिकारिक मंजूरी दी गई।
यह कार्य योजना आगामी पांच वर्षों के लिए दोनों देशों के राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंधों को एक व्यावहारिक, ठोस और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करेगी।
संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा:
“हमने भारत-इटली संबंधों के हर आयाम को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर बहुत व्यापक और सकारात्मक चर्चा की है। हमारी संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना (2025-2029) व्यापार, निवेश, रक्षा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्रों में हमारे आपसी सहयोग को एक नई दिशा और गति प्रदान करने वाली साबित होगी।”
राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से मुलाकात: एआई, महत्वपूर्ण खनिजों और आईएमईसी पर गहन विमर्श
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से औपचारिक शिखर वार्ता से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रोम के ऐतिहासिक क्विरिनाले प्रेसिडेंशियल पैलेस में इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से मुलाकात की। इस बेहद गरिमामय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और इटली की ऐतिहासिक दोस्ती को समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने पर संतोष व्यक्त किया।
दोनों नेताओं के बीच हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक के मुख्य रणनीतिक बिंदु निम्नलिखित रहे:
अत्याधुनिक तकनीक और एआई: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देना।संसाधन और ऊर्जा सुरक्षा: महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की निर्बाध आपूर्ति, अंतरिक्ष विज्ञान में संयुक्त मिशन और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर कूटनीतिक चर्चा।
आईएमईसी कॉरिडोर (IMEC): दोनों नेताओं ने ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे’ की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने माना कि यह कॉरिडोर वैश्विक समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को मजबूत करने के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA): नेताओं ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस रणनीतिक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी समेत भारतीय कूटनीति के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जो इस दौरे की गंभीरता को रेखांकित करता है।
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गंभीर कूटनीति के बीच डिजिटल कूटनीति का जलवा: 8 घंटे में 12 करोड़ व्यूज
जहां एक तरफ बंद कमरों के भीतर वैश्विक और क्षेत्रीय संघर्षों—विशेष रूप से यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया (इजरायल-हमास) के हालातों पर अंतरराष्ट्रीय कानून और नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को बनाए रखने जैसे गंभीर कूटनीतिक विषयों पर चर्चा हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ विला पैम्फिली के लॉन से आए एक बेहद हल्के-फुल्के और आत्मीय पल ने पूरी दुनिया के डिजिटल मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
रोम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भारत की एक बेहद लोकप्रिय और क्लासिक चॉकलेट ‘मेलोडी टॉफ़ी’ (Melody Toffee) का पैकेट उपहार में दिया।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के कड़े प्रोटोकॉल के बीच दो वैश्विक नेताओं के बीच की इस आत्मीयता और अनौपचारिक गर्मजोशी की एक छोटी सी वीडियो क्लिप इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई। इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने इस क्लिप को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “गिफ्ट के लिए धन्यवाद” (Grazie पर हिंदी अनुवाद)।
इस वीडियो ने कूटनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (X, इंस्टाग्राम और फेसबुक) पर व्यूज के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। पोस्ट किए जाने के महज ८ घंटे के भीतर इस वीडियो को १२ करोड़ से अधिक बार देखा गया।
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#Melodi ट्रेंड की धमाकेदार वापसी: कूटनीति का मानवीय चेहरा
इस ‘मेलोडी टॉफ़ी’ डिप्लोमेसी ने इंटरनेट पर पिछले कुछ वर्षों से सबसे अधिक चर्चित रहने वाले वैश्विक हैशटैग #Melodi ट्रेंड को एक बार फिर से पूरी ताकत के साथ जिंदा कर दिया है।
यह हैशटैग दोनों नेताओं के सरनेम (Modi और Meloni) को मिलाकर सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा तैयार किया गया है। इससे पहले साल २०२३ में दुबई में आयोजित COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी द्वारा पीएम मोदी के साथ पोस्ट की गई एक सेल्फी के बाद यह ट्रेंड वैश्विक स्तर पर वायरल हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों और डिजिटल कूटनीति के विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के अनौपचारिक और सहज पल कूटनीति को मानवीय चेहरा देते हैं। यह पारंपरिक कूटनीति के उबाऊ ढर्रे को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई पीढ़ी और युवा डिजिटल दर्शकों के लिए अधिक प्रासंगिक और आकर्षक बनाते हैं।
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संपादकीय दृष्टिकोण:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह इटली यात्रा भारत की यूरोपीय कूटनीति को एक नई धार देने वाली रही है। रणनीतिक रूप से, जहां पांच साल की कार्य योजना (2025-2029) ने रक्षा, एआई और ऊर्जा के मोर्चे पर भारत को यूरोप के एक सबसे मजबूत और विश्वसनीय देश का साथ सुनिश्चित किया है, वहीं दूसरी तरफ ‘मेलोडी’ कूटनीति के जरिए भारत ने सॉफ्ट पावर (Soft Power) के मोर्चे पर भी वैश्विक दर्शकों का दिल जीता है।
गंभीर द्विपक्षीय हितों और डिजिटल लोक-संस्कृति (Pop Culture) का यह अनूठा मेल आने वाले समय में भारत-इटली संबंधों को नए आयाम देगा, जिससे हिंद-प्रशांत से लेकर भूमध्य सागर तक कूटनीतिक संतुलन मजबूत होगा। भारत इटली रणनीतिक साझेदारी: नए युग में प्रवेश कर रही है रक्षा और व्यापार पर भारत इटली रणनीतिक साझेदारी में चर्चा
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